राजस्थान के झालावाड़ जिले में मंगलवार सुबह अचानक जमीन कांपने से ग्रामीणों के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पिड़ावा उपखंड के अंतर्गत आने वाली नोलाई पंचायत क्षेत्र और उसके आसपास के इलाकों में लोगों ने हल्के भूकंपीय कंपन का अनुभव किया। सुबह-सुबह हुई इस अनपेक्षित भूगर्भीय हलचल की वजह से डरे-सहमे ग्रामीण तुरंत अपने घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षा के लिए खुले मैदानों की ओर भागे।
नोलाई सहित तीन गांवों में 2 से 3 बार कांपी धरती
स्थानीय निवासियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, यह कंपन पिड़ावा उपखंड के नोलाई, बरखेड़ी और खजूरी गांवों में मुख्य रूप से महसूस किया गया। सुबह के समय रुक-रुक कर करीब दो से तीन बार धरती हिलने का अहसास हुआ, जिससे लोग दहशत में आ गए। इस झटके के प्रभाव से कुछ मकानों की दीवारों में हल्की और मामूली दरारें भी पड़ गई हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र का कोई भूगर्भीय इतिहास ऐसा नहीं रहा है जहाँ पहले कभी भूकंप आया हो। इसके अलावा आसपास के इलाके में किसी तरह की बड़ी खनन या विस्फोट जैसी गतिविधियां भी संचालित नहीं होती हैं। पहली बार ऐसी घटना होने के कारण ग्रामीणों में गहरा भय व्याप्त हो गया।
प्रशासनिक सतर्कता और स्कूलों में एहतियातन छुट्टी
घटना की सूचना मिलते ही पिड़ावा उपखंड का प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। नोलाई और प्रभावित इलाकों की स्थिति का जायजा लेने के लिए तहसीलदार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से प्रत्यक्ष बातचीत कर स्थिति और झटकों के समय की विस्तृत जानकारी जुटाई। शुरुआती दौर में यद्यपि प्रशासनिक स्तर पर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी, लेकिन सतर्कता बरतते हुए स्थानीय स्कूलों के शिक्षकों ने समझदारी दिखाई। किसी भी संभावित अनहोनी या खतरे से बचाव के उद्देश्य से शिक्षकों ने एहतियाती कदम उठाते हुए स्कूली बच्चों की छुट्टी कर दी और उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों के पास घर भिजवा दिया।
जिला कलेक्टर ने की 3.0 तीव्रता के भूकंप की पुष्टि
ग्रामीणों में बढ़ती चिंता और प्रशासनिक रिपोर्टों के बाद, झालावाड़ के जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने संबंधित विशेषज्ञों और भूगर्भीय अधिकारियों से उच्च स्तरीय वार्ता की। गहन समीक्षा के पश्चात जिला कलेक्टर ने आधिकारिक बयान जारी कर नोलाई पंचायत क्षेत्र में आए इन झटकों को भूकंप होने की पुष्टि की। वैज्ञानिक आंकड़ों के अनुसार, रिक्टर पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 3.0 मापी गई है, जिसे कम या हल्की तीव्रता का भूकंप माना जाता है।
अफ़वाहों पर ध्यान न देने की अपील
यद्यपि 3.0 तीव्रता का भूकंप बड़ा नुकसान पहुँचाने वाला नहीं होता, परंतु इस इलाके में पहली बार ऐसा अनुभव होने के कारण निवासियों में अभी भी डर का माहौल है। जिला प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नागरिकों से शांति बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अफ़वाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रशासनिक दल प्रभावित क्षेत्र में सतत निगरानी बनाए हुए है और ग्रामीणों को हर आवश्यक सहायता देने तथा धैर्य रखने का आश्वासन दिया है।



















