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अक्टूबर में लौटी आंधी और बरसात, 21 सूबों में तेज झोंकों संग गिरेगा पाराभारत
7 अक्तू॰ 2026, 7:12 am (3 घंटे पहले)· 0

अक्टूबर में लौटी आंधी और बरसात, 21 सूबों में तेज झोंकों संग गिरेगा पारा

मानसून की विदाई और शुरुआती ठंड की आहट के बीच देश के 21 राज्यों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश का अनुमान जताया गया है। पहाड़ों पर भूस्खलन और मैदानी इलाकों में तापमान गिरने की चेतावनी जारी की गई है।

शरद ऋतु के आगमन और शुरुआती ठंड की सुगबुगाहट के बीच देश भर के मौसम तंत्र में अचानक बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है। मानसूनी हवाओं की विदाई की प्रक्रिया जारी रहने के बावजूद वातावरणीय दबाव और विक्षोभ के चलते कम से कम 21 राज्यों में बरसात तथा तेज तूफानी झोंकों का असर देखा जा रहा है। अलग-अलग भूभागों में बादलों की गरज और आकाशीय बिजली चमकने के साथ ही हवा के थपेड़ों की गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे के स्तर को छू सकती है, जबकि झंझावात के वक्त यह तेजी और भी विकराल रूप ले सकती है। पहाड़ी हिस्सों से लेकर मैदानी और तटीय इलाकों तक वायुमंडलीय हलचल ने सुबह और शाम के पारे में गिरावट का दौर शुरू कर दिया है।

पहाड़ी इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ और भूस्खलन का संकट

उत्तर भारत की पर्वतीय श्रृंखलाओं में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने जनजीवन के सामने चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश तथा उत्तराखंड की ऊंची चोटियों और घाटियों में रुक-रुक कर बौछारें पड़ने का अनुमान है। पहाड़ी ढलानों पर मिट्टी खिसकने और भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है, जिससे पर्वतीय मार्गों पर यातायात बाधित होने की नौबत आ सकती है। दूसरी तरफ दक्षिण भारत की बात करें तो कर्नाटक एवं उसके निकटवर्ती वायुमंडल में चक्रवाती परिसंचरण का दायरा विकसित हुआ है, जिसके कारण प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में फुहारों और तेज हवाओं का सिलसिला जारी है। वहीं बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का दायरा पूर्वी सूबों में बादलों का पहरा गहरा कर रहा है।

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राजधानी और आसपास का मौसमी मिजाज

देश की राजधानी और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के आसमान पर घने बादलों की आवाजाही बनी रहेगी। यहां धूल भरी आंधी और गरज के साथ फुहारें पड़ने के आसार जताए गए हैं। इस मौसमी बदलाव के दौरान 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवाएं चलेंगी, जिससे दिन की तपिश में उल्लेखनीय कमी दर्ज होगी। इलाके का उच्चतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है, जबकि न्यूनतम पारा फिसलकर 22 डिग्री सेल्सियस तक आ सकता है। वातावरण में नमी और ठंडी हवाओं के मिलने से सुबह के समय हल्की सिहरन महसूस होगी।

मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिमी बेल्ट में गतिविधियां

मध्य भारत के मध्य प्रदेश और पश्चिमी सीमांत से जुड़े राजस्थान में भी मौसम करवट बदल रहा है। मरुधरा के कई अंचलों में बादलों की घेराबंदी रहेगी, जिनमें जयपुर, अजमेर, सीकर, झुंझुनूं, चूरू, नागौर, डीडवाना, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, कोटा, बारां, बूंदी, भरतपुर और उदयपुर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है। पश्चिमी छोर पर शुष्कता बनी रहने के बावजूद जयपुर में अधिकतम पारा 35 डिग्री और न्यूनतम पारा 23 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है, जिससे लोगों को उमस से फौरी निजात मिलेगी।

उत्तर प्रदेश के विस्तृत भूभाग में चेतावनी

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी छोर से लेकर पूर्वांचल तक कई जनपदों में आंधी और वर्षा को लेकर सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। जिन क्षेत्रों में व्यापक वायुमंडलीय उथल-पुथल की संभावना है, उनमें गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, संभल, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, इटावा, ज्योतिबाफुले नगर, फर्रुखाबाद, प्रतापगढ़, रायबरेली, हमीरपुर, अमेठी, आजमगढ़, अयोध्या, गोरखपुर और प्रयागराज शामिल हैं। इन इलाकों में अंधड़ चलने और बिजली गिरने का जोखिम है, जिससे तैयार खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। प्रांतीय राजधानी लखनऊ का अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किए जाने की उम्मीद है।

बिहार और झारखंड में वज्रपात तथा जलभराव की स्थिति

पूर्वी भारत के बिहार राज्य में बादलों की भारी सक्रियता रहने वाली है। पटना, गया, जहानाबाद, भोजपुर, रोहतास, बक्सर, गोपालगंज, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सहरसा, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, अररिया, किशनगंज, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, बेगूसराय और लखीसराय के ऊपर तेज गरज के साथ मूसलाधार बारिश का खतरा मंडरा रहा है। पटना का अधिकतम तापमान 29 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का आकलन है।

पड़ोसी राज्य झारखंड में 7 और 8 अक्टूबर को मौसमी सख्ती और बढ़ सकती है। रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, देवघर, रामगढ़, खूंटी, हजारीबाग, गिरिडीह, पलामू, चतरा, दुमका, सिमडेगा, गुमला, लातेहार, पूर्वी सिंहभूम तथा पश्चिमी सिंहभूम में भारी जलवृष्टि की संभावना है। रांची में अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम पारा 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। निचले स्थानों में जलजमाव और फिसलन से सड़कों पर आवाजाही जोखिम भरी हो सकती है।

पश्चिम बंगाल में तटीय हलचल और झोंकेदार हवाएं

पश्चिम बंगाल के तटीय और उत्तरी जनपदों में मौसम का रुख आक्रामक बना हुआ है। कोलकाता, दार्जिलिंग, अलीपुरद्वार, नादिया, दुर्गापुर, बांकुड़ा, बीरभूम और झारग्राम में तेज अंधड़ और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। यहां 55 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे के वेग से हवा के झोंके चलने का खतरा है, जिससे कमजोर ढांचों और पेड़ों की टहनियों को क्षति पहुंच सकती है। महानगर कोलकाता में दिन का उच्चतम तापमान 33 डिग्री तथा रात का न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के इर्द-गिर्द सिमटने की संभावना है।

सवाल-जवाब

किन प्रमुख राज्यों में तेज हवा और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित लगभग 21 राज्यों में बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है।
इस दौरान हवा की अधिकतम गति कितनी दर्ज हो सकती है?
कुछ क्षेत्रों में हवा की सामान्य गति 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो आंधी के झोंकों के दौरान और तेज हो सकती है।
दिल्ली में 7 अक्टूबर को तापमान कैसा रहने का अनुमान है?
दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने का अनुमान जताया गया है।
पहाड़ी राज्यों में किस बात को लेकर चेतावनी दी गई है?
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश के साथ भूस्खलन होने की चेतावनी जारी की गई है।
झारखंड और पश्चिम बंगाल में कब तक खराब मौसम का असर दिखेगा?
झारखंड में 7 और 8 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिम बंगाल में 55 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·1 घंटे पहले

अक्टूबर में इतनी तेज आंधी और बारिश का दावा कुछ ज्यादा ही लग रहा है, मौसम विभाग शायद बढ़ा-चढ़ाकर बता रहा है।

Sandeep Yadav@sandeep-yadav·1 घंटे पहले

अरे अर्जुन, 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं सच में बहुत ज्यादा हैं, इस मौसम में इतनी आंधी नॉर्मल नहीं लगती।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 घंटे पहले

मौसम का मिजाज अचानक बदल गया है, कल तक गर्मी थी और अब ठंडी हवाएं चल रही हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

अरे करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। कल तक पंखा तेज़ चलाना पड़ रहा था और आज सुबह चाय पीते वक्त खिड़की से ठंडी हवा आई तो रजाई की याद आ गई।

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