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अरुणाचल प्रदेश के अंजाव में सारती के पास नदी में गिरी कार, एक की मौत और छह घायलअरुणाचल प्रदेश
13 अग॰ 2026, 5:32 pm (29 दिन पहले)· 2

अरुणाचल प्रदेश के अंजाव में सारती के पास नदी में गिरी कार, एक की मौत और छह घायल

अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले में गुरुवार सुबह एक वाहन बेकाबू होकर लोहित नदी में जा गिरा, जिससे एक यात्री की मौत हो गई और छह अन्य लोग घायल हो गए।

अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले में गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एक यात्री वाहन अनियंत्रित होकर तेज बहाव वाली लोहित नदी में गिर गया। अंजाव के डिप्टी कमिश्नर मिल्लो कोजिन के अनुसार, यह हादसा सुबह लगभग 9:30 बजे सारती क्षेत्र में स्थित गवर्नमेंट रेजिडेंशियल स्कूल के पास घटित हुआ। वाहन का संतुलन बिगड़ने के कारण हुए इस हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों और पुलिस प्रशासन ने बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया।

सारती में बचाव अभियान और घायलों की स्थिति

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय निवासियों, पुलिस कर्मियों और आपातकालीन टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उफनती नदी से कुल सात यात्रियों को बाहर निकाला। दुर्भाग्यवश, एक यात्री को मौके पर ही डॉक्टरों द्वारा मृत घोषित कर दिया गया। वहीं हादसे में घायल छह अन्य लोगों में से चार यात्रियों की हालत अत्यंत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें इलाज के लिए तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्र भेजा गया।

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वाहन के नदी में गिरते ही चालक दुर्घटनास्थल से फरार हो गया। स्थानीय पुलिस ने इस मामले में औपचारिक रूप से केस दर्ज कर लिया है और फरार चालक की तलाश में सघन अभियान शुरू कर दिया है। पुलिस अधिकारी मौके का मुआयना कर यह पता लगाने में जुटे हैं कि सड़क के इस हिस्से पर वाहन पर से नियंत्रण हटने की मुख्य वजह क्या थी।

तेज़ू से एसडीआरएफ की टीम तैनात, खोज जारी

नदी में चलाए जा रहे बचाव कार्य को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने पड़ोसी लोहित जिले के तेज़ू स्थित राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) के जवानों की मदद ली है। एसडीआरएफ की विशेष टीम और स्थानीय राहत कर्मी लोहित नदी के निचले तटीय क्षेत्रों में लगातार खोज अभियान चला रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तेज धारा में कोई अन्य यात्री बह न गया हो।

महिला एवं बाल विकास मंत्री दसांगलू पुल ने इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस बल और एसडीआरएफ को राहत एवं बचाव कार्यों में अपनी पूरी क्षमता लगाने के निर्देश दिए। मंत्री ने कहा, "मैंने स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ को जमीन पर हर संभव मदद देने के सख्त निर्देश दिए हैं।" उन्होंने दिवंगत यात्री के परिवार के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। नदी के तटीय इलाकों में खोज और निगरानी अभियान निरंतर जारी है।

सवाल-जवाब

अरुणाचल प्रदेश में यह दुर्घटना कहां और कब हुई?
यह दुर्घटना गुरुवार सुबह करीब 9:30 बजे अरुणाचल प्रदेश के अंजाव जिले के सारती में स्थित गवर्नमेंट रेजिडेंशियल स्कूल के पास हुई।
इस हादसे में कितने लोग हताहत हुए?
वाहन में सवार लोगों में से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई और छह अन्य घायल हो गए, जिनमें चार की हालत गंभीर है।
हादसे के बाद वाहन चालक का क्या हुआ?
दुर्घटना के तुरंत बाद चालक मौके से फरार हो गया, जिसके खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है।
बचाव अभियान में कौन-सी टीमें शामिल हैं?
स्थानीय निवासियों और पुलिस के अलावा पड़ोसी लोहित जिले के तेज़ू से आई एसडीआरएफ की टीम नदी में खोज अभियान चला रही है।
राज्य सरकार ने इस घटना पर क्या कदम उठाए हैं?
मंत्री दसांगलू पुल ने गहरा दुख जताते हुए प्रशासन, पुलिस और एसडीआरएफ को राहत कार्यों में सभी उपलब्ध संसाधन लगाने के निर्देश दिए हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Rohan Verma@rohan-verma·29 दिन पहले

पहाड़ी इलाकों में सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज से यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। चालक का मौके से फरार होना और वाहन अनियंत्रित होने की घटनाएं पर्वतीय क्षेत्रों में परिवहन नियमों की अनदेखी को उजागर करती हैं। तटीय इलाकों में एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन का यह संयुक्त अभियान यह भी रेखांकित करता है कि दुर्गम क्षेत्रों में त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों में जानमाल के नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·29 दिन पहले

पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज़ से यह घटना गंभीर सबक देती है। लोहित नदी के तेज़ बहाव और दुर्गम इलाकों में त्वरित राहत के लिए स्थानीय प्रशासन और एसडीआरएफ की यह सक्रियता सराहनीय है, लेकिन दुर्घटना के बाद चालक का फरार होना और वाहन नियंत्रण खोने के कारणों की तकनीकी जाँच यह सवाल खड़े करती है कि पर्वतीय मार्गों पर यात्री सुरक्षा के मानकों का पालन कितनी सख्ती से हो रहा है। ऐसे मामलों में जवाबदेही तय करना और पर्वतीय सड़कों पर निगरानी बढ़ाना बेहद ज़रूरी है ताकि इस तरह के हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

Ravikash Gupta@ravikash·29 दिन पहले

रोहन के विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए, यह दुर्घटना केवल स्थानीय परिवहन चूक नहीं बल्कि पर्वतीय क्षेत्रों के लॉजिस्टिक्स और आर्थिक बुनियादी ढांचे पर भी गहरा असर डालती है। दुर्गम भौगोलिक क्षेत्रों में परिवहन सुरक्षा बढ़ाने के लिए तकनीक और कठोर सड़क सुरक्षा ऑडिट की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार की मानवीय भूल और दुर्घटनाओं से होने वाले आर्थिक व सामाजिक नुकसान को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·29 दिन पहले

पहाड़ी क्षेत्रों में सड़क सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिहाज़ से यह घटना गंभीर सबक देती है। लोहित नदी के तेज़ बहाव और दुर्गम इलाकों में त्वरित बचाव के लिए स्थानीय प्रशासन व एसडीआरएफ की तैनाती सराहनीय है, लेकिन चालक का फरार होना प्रशासनिक और कानूनी शिकंजे की सख्ती की मांग करता है। भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पर्वतीय मार्गों पर क्रैश बैरियर और नियमित गश्त जैसी बुनियादी ढांचागत कमियों को दूर करना बेहद जरूरी होगा।

Arjun Mehta@arjun-mehta·29 दिन पहले

यह हादसा पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सड़क सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी के बीच के भारी अंतर को उजागर करता है। चालक का घटनास्थल से फरार होना केवल कानूनी लापरवाही नहीं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा प्रणालियों की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े करता है। पूर्वोत्तर के सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में ऐसे हादसों को रोकने के लिए केवल राहत कार्यों पर निर्भर रहने के बजाय, सड़क के खतरनाक मोड़ों पर सुरक्षा दीवारों के निर्माण और परिवहन कानूनों की कड़ी निगरानी के लिए दीर्घकालिक नीतिगत सुधारों की तत्काल आवश्यकता है।

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