सूर्या की नई फिल्म ‘सीन’ से पुलिस अफसर का पहला लुक आया सामने, दिवाली पर होगी रिलीजमजबूत विकास और केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप से 94 से 97 के दायरे में संभला रुपयाटाइगर श्रॉफ पर हमले के बाद ऑल स्टार्स फुटबॉल क्लब ने रोके संडे सेशंस, सुरक्षा का हवालाएंथ्रोपिक ने आईपीओ दस्तावेजों में खुद किया खुलासा, बेकाबू एआई विकास से मंडरा रहा है भारी विनाश का खतराअमेरिकी डॉलर और जापानी येन में अनिश्चितता: केंद्रीय बैंकों के फैसलों से पहले 157.20 के दायरे में फंसी मुद्राब्राजील की राजनीति में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा का चमत्कार, डोनाल्ड ट्रंप की उम्मीदों को झटका देकर चौथी बार संभाली सत्ताऑस्ट्रेलिया वीजा नियमों में बड़ा बदलाव, अब बायोमेट्रिक प्रक्रिया का दायरा बढ़ाया गयाकाइली जेनर की 450 करोड़ रुपये की ब्रा से चर्चा में आए विक्टोरिया सीक्रेट के पीछे का कड़वा सचतनाव के इन गुप्त लक्षणों को पहचानिए, जो सोते-जागते शरीर को अंदर से खोखला कर रहे हैंबेसन और मोतीचूर से आगे बढ़कर चखें इन छह खास किस्म के लड्डुओं का स्वाद
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के.टी. परनाइक ने राज्य की वनस्पति संपदा के वैज्ञानिक संरक्षण पर जोर दियाअरुणाचल प्रदेश
23 अग॰ 2026, 6:38 pm (65 दिन पहले)· 2

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के.टी. परनाइक ने राज्य की वनस्पति संपदा के वैज्ञानिक संरक्षण पर जोर दिया

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनाइक ने बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक के साथ बैठक में राज्य की समृद्ध वनस्पति संपदा और दुर्लभ प्रजातियों के वैज्ञानिक संरक्षण और दस्तावेजीकरण पर जोर दिया।

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनाइक (सेवानिवृत्त) ने राज्य की असाधारण वनस्पति विविधता को सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की पुरजोर वकालत की है। उन्होंने इसके लिए व्यापक स्तर पर शोध कार्यों को बढ़ाने, स्थानीय समुदायों को जोड़ने और सतत आजीविका से जुड़ी पहलों को जमीन पर उतारने की आवश्यकता पर बल दिया है।

राज्यपाल ने यह महत्वपूर्ण टिप्पणियां ईटानगर में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI) के निदेशक डॉ. कनाद दास के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान कीं। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने अरुणाचल प्रदेश के व्यापक वानस्पतिक संसाधनों के संरक्षण और उनके सटीक दस्तावेजीकरण को लेकर विस्तार से चर्चा की।

ये भी पढ़ें

लोक भवन से जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, परनाइक ने राज्य के संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए दीर्घकालिक रणनीतियां तैयार करने की बात कही। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि दूरदराज और अब तक अनछुए इलाकों में वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण के काम को और अधिक सुदृढ़ किया जाना चाहिए ताकि किसी भी महत्वपूर्ण प्रजाति को खोने से बचाया जा सके।

अनोखी वनस्पति और दुर्लभ प्रजातियों का घर

अरुणाचल प्रदेश में फूलों की 5,000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अलावा यहां लगभग 600 किस्म के ऑर्किड, 75 प्रकार के रोडोडेंड्रोन और औषधीय पौधों की एक विशाल श्रृंखला प्राकृतिक रूप से मौजूद है जो इस क्षेत्र को बेहद खास बनाती है।

इस अनमोल प्राकृतिक खजाने को बचाने के लिए राज्यपाल ने दुर्लभ, संकटग्रस्त और विलुप्त होने की कगार पर खड़ी (RET) पादप प्रजातियों के वास्ते एक समर्पित रिकवरी कार्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इस कार्यक्रम के तहत जीआईएस-आधारित मैपिंग (GIS-based mapping), नियमित रूप से आबादी की निगरानी, बीज बैंक (seed bank) स्थापित करने और खराब हो चुके आवासों व जंगलों के जीर्णोद्धार जैसे ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

सीमावर्ती क्षेत्रों में सर्वे और डिजिटल डेटाबेस

राज्यपाल ने बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया से आग्रह किया कि वह दुर्गम और कठिन पहुंच वाले सीमांत क्षेत्रों में अपने वानस्पतिक सर्वेक्षणों का दायरा बढ़ाए। उन्होंने राज्य के पादप संसाधनों का व्यवस्थित और त्रुटिहीन दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त वैज्ञानिक कर्मियों की तैनाती की मांग भी उठाई।

अरुणाचल प्रदेश को देश का ऑर्किड पैराडाइज (Orchid Paradise) बताते हुए परनाइक ने रेखांकित किया कि देश में पाई जाने वाली कुल ऑर्किड प्रजातियों का लगभग 40 प्रतिशत हिस्सा अकेले इसी राज्य में मौजूद है। उन्होंने राज्य में एक समर्पित बॉटनिकल गार्डन बनाने, समुदाय के नेतृत्व वाले ऑर्किड संरक्षण जोन विकसित करने और एक्स-सीटू (ex-situ) संरक्षण पहलों को बड़े पैमाने पर विस्तार देने का सुझाव दिया।

डिजिटल फ्लोरा और जलवायु निगरानी नेटवर्क

पारिस्थितिक बदलावों का वास्तविक समय में आकलन करने और लोगों में वानस्पतिक संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के वास्ते, राज्यपाल ने एक डिजिटल फ्लोरा डेटाबेस और जलवायु परिवर्तन निगरानी नेटवर्क के गठन का भी आह्वान किया। रिपोर्ट में बताया गया कि इस अहम बैठक में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अरुणाचल प्रदेश क्षेत्रीय केंद्र की वैज्ञानिक-प्रभारी डॉ. कृष्णा चौलू भी उपस्थित थीं।

सवाल-जवाब

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल कौन हैं?
अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल के.टी. परनाइक (सेवानिवृत्त) हैं।
राज्यपाल ने बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक से कहाँ मुलाकात की?
राज्यपाल ने ईटानगर में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के निदेशक डॉ. कनाद दास से मुलाकात की।
अरुणाचल प्रदेश में फूलों की कितनी प्रजातियां पाई जाती हैं?
अरुणाचल प्रदेश में फूलों की 5,000 से अधिक प्रजातियां पाई जाती हैं।
राज्य को किस उपनाम से जाना जाता है?
अरुणाचल प्रदेश को भारत का 'ऑर्किड पैराडाइज' कहा जाता है, जहाँ देश की लगभग 40 प्रतिशत ऑर्किड प्रजातियां मिलती हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·64 दिन पहले

अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के.टी. परनाइक द्वारा बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के साथ की गई यह बैठक जैव विविधता संरक्षण के मोर्चे पर एक दूरदर्शी कदम है। 5,000 से अधिक फूलों की प्रजातियों और देश के कुल ऑर्किड का 40 प्रतिशत हिस्सा समेटे इस राज्य में जीआईएस-आधारित मैपिंग, बीज बैंक और डिजिटल फ्लोरा डेटाबेस जैसी तकनीकों का प्रभावी क्रियान्वयन ही संकटग्रस्त पादप प्रजातियों को विलुप्त होने से बचा सकता है। हालांकि, इन नीतियों की सफलता पूरी तरह से दुर्गम सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक और वैज्ञानिक अमले के समय पर विस्तार तथा स्थानीय समुदायों की जमीनी भागीदारी पर निर्भर करेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·64 दिन पहले

राज्यपाल परनाइक का यह नीतिगत हस्तक्षेप केवल पर्यावरणीय मुद्दा नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर की भू-राजनीतिक संवेदनशीलता और रणनीतिक विकास से सीधे जुड़ा है। जब सीमावर्ती और दुर्गम इलाकों में वैज्ञानिक सर्वेक्षण और जीआईएस-आधारित मैपिंग का विस्तार होगा, तो यह राष्ट्रीय सुरक्षा और पर्यावरण शासन दोनों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। हालांकि, केंद्र और राज्य स्तर पर संसाधनों के समन्वय के बिना डिजिटल फ्लोरा और बीज बैंक जैसी योजनाओं को जमीन पर उतारना एक बड़ी प्रशासनिक चुनौती रहेगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp