उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित Ram Mandir देश के सर्वाधिक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन और पूजा के लिए आते हैं, जिसके मद्देनजर मंदिर परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत मजबूत और आधुनिक बनाया गया है। कई सुरक्षा एजेंसियां चौबीसों घंटे सतर्कता के साथ तैनात रहती हैं और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जाती है।
त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था का ताना-बाना
SP सुरक्षा Balramachari Dubey के अनुसार, Ram Mandir परिसर में एक त्रिस्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू है। सुरक्षा के पहले स्तर पर, श्रद्धालुओं की जांच-पड़ताल और उनके प्रवेश को नियंत्रित किया जाता है। दूसरे स्तर पर, मंदिर परिसर के भीतर के संवेदनशील और अति-महत्वपूर्ण क्षेत्रों की गहन निगरानी की जाती है। वहीं, तीसरे और अंतिम स्तर पर, विशेष सुरक्षा बलों को किसी भी संभावित आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार रखा जाता है।
तैनात सुरक्षा एजेंसियां
Ram Mandir की सुरक्षा में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (SSF) और प्रांतीय सशस्त्र बल (PAC) के जवान लगातार अपनी ड्यूटी निभाते हैं। इसके अतिरिक्त, आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) के विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो भी 24 घंटे निगरानी और सुरक्षा संबंधी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच लगातार बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जाता है, ताकि किसी भी संभावित खतरे या असामान्य स्थिति पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सके।
आधुनिक तकनीक से निगरानी
मंदिर परिसर में एक अत्याधुनिक CCTV निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है। अधिकारियों ने बताया कि परिसर और उसके आसपास एक हजार से अधिक हाई-रिजॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर चौबीसों घंटे नजर रखी जाती है। इन कैमरों से प्राप्त फुटेज की निगरानी एक केंद्रीय कंट्रोल रूम से की जाती है, जहां सुरक्षाकर्मी लगातार स्क्रीन पर नजर बनाए रखते हैं।
एंटी-ड्रोन सिस्टम और व्यापक कवरेज
सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मंदिर परिसर में एक एंटी-ड्रोन सिस्टम भी लागू किया गया है। यह प्रणाली किसी भी संदिग्ध ड्रोन की पहचान करने और उसे तुरंत निष्क्रिय करने में सक्षम है। साथ ही, ड्रोन का उपयोग आसपास के क्षेत्रों की हवाई निगरानी के लिए भी किया जाता है। कुल मिलाकर, Ram Mandir की सुरक्षा को जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर पूरी तरह से सुनिश्चित किया गया है।
आंतरिक हेराफेरी के गंभीर आरोप
हालांकि, इतनी व्यापक और सुदृढ़ बाहरी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद, मंदिर के दानपात्र से जुड़े कथित करोड़ों रुपये की हेराफेरी और चोरी का मामला इस समय सुर्खियों में है। सुरक्षा विशेषज्ञ इस बात पर जोर देते हैं कि बाहरी सुरक्षा व्यवस्था और वित्तीय लेनदेन की आंतरिक प्रक्रियाएं दो अलग-अलग पहलू हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह मामला दान राशि की गणना और उसके प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों पर लगाए गए आरोपों से संबंधित बताया जा रहा है। इसी के चलते, सरकार ने पूरे मामले की गहन जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
जांच जारी, बाहरी सुरक्षा मजबूत
वर्तमान में, SIT द्वारा जांच जारी है और संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की बारीकी से पड़ताल कर रही हैं। ऐसे में, जांच पूरी होने से पहले किसी भी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। वहीं, सुरक्षा अधिकारियों का यह भी कहना है कि Ram Mandir की बाहरी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से मजबूत है और यहां आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की कोई कमी नहीं है।



















