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बहादुरगढ़ में गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में एनसीआर नहर में डूबे तीन दोस्तहरियाणा
26 सित॰ 2026, 10:52 am (41 दिन पहले)· 0

बहादुरगढ़ में गणेश विसर्जन के दौरान बड़ा हादसा, एक-दूसरे को बचाने के चक्कर में एनसीआर नहर में डूबे तीन दोस्त

हरियाणा के बहादुरगढ़ में गणेश विसर्जन के दौरान रोहद के पास एनसीआर नहर में तीन युवक डूब गए, जिनमें से दो के शव बरामद कर लिए गए हैं और तीसरे की तलाश जारी है.

हरियाणा के बहादुरगढ़ में त्योहार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब रोहद गांव के पास से बहने वाली एनसीआर नहर में गणेश विसर्जन के दौरान तीन युवक डूब गए. हादसे का शिकार हुए तीनों युवक रोहद की एक फूड प्रोसेसिंग यूनिट में काम करते थे. मूर्ति विसर्जन के दौरान एक दोस्त को डूबता देख उसे बचाने के प्रयास में अन्य दो दोस्त भी गहरे पानी में समा गए. राहत और बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद दो युवकों के शव बाहर निकाल लिए हैं, जबकि तीसरे की तलाश अब भी जारी है.

कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार, रोहद स्थित टेक फूड प्रोडक्ट कंपनी में काम करने वाले कुछ कर्मचारी भगवान गणेश की प्रतिमा के विसर्जन के लिए एनसीआर नहर पहुंचे थे. विसर्जन के समय 24 वर्षीय अजय अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव के कारण डूबने लगा. उसे संकट में देखकर उसके साथ काम करने वाले दो अन्य साथियों, शिवकांत और नीतेश ने उसे बचाने के लिए बिना सोचे-समझे नहर में छलांग लगा दी. हालांकि, पानी का बहाव बेहद तेज होने के कारण तीनों खुद को संभाल नहीं पाए और बहाव में बह गए.

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बचाव अभियान और प्रशासनिक तत्परता

हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी. आसौदा थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और गोताखोरों की मदद से खोजबीन शुरू की. घटना की गंभीरता को देखते हुए SDM अभिनव सिवाच ने भी मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों का जायजा लिया. लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद बचाव दल ने अजय और नीतेश के शवों को नहर से बाहर निकाल लिया है. हालांकि, शिवकांत का अब तक कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिसकी तलाश के लिए NDRF की टीम को भी तैनात किया गया है.

नहरों पर हादसों का बढ़ता सिलसिला

त्योहारी सीजन के दौरान क्षेत्र की नहरों में डूबने की यह कोई पहली घटना नहीं है. इससे पहले 18 सितंबर को भी इसी एनसीआर नहर में गणेश विसर्जन के दौरान चार छात्र गहरे पानी में डूबने लगे थे, जिनमें से तीन को स्थानीय लोगों की सूझबूझ से सुरक्षित बचा लिया गया था. ऐसे हादसों को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन ने अब जलाशयों और नहरों के किनारे सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने और त्योहारों के दौरान विसर्जन स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है.

सवाल-जवाब

बहादुरगढ़ में डूबने की यह घटना कहाँ हुई?
यह हादसा बहादुरगढ़ के रोहद गांव के पास से गुजरने वाली एनसीआर नहर में हुआ.
हादसे का शिकार हुए युवक कौन थे?
हादसे का शिकार हुए युवक अजय (24 वर्ष), नीतेश और शिवकांत थे, जो रोहद की टेक फूड प्रोडक्ट कंपनी में काम करते थे.
अब तक कितने शव बरामद किए गए हैं?
राहत दल ने अजय और नीतेश के शव बरामद कर लिए हैं, जबकि शिवकांत की तलाश अभी भी की जा रही है.
इसी नहर में पहले कौन सी सुरक्षा संबंधी घटना हुई थी?
इससे पहले 18 सितंबर को इसी नहर में गणेश विसर्जन के दौरान चार छात्र डूबने लगे थे, जिनमें से तीन को सुरक्षित बचा लिया गया था.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·41 दिन पहले

बहादुरगढ़ से आई यह खबर वाकई दिल दहला देने वाली है। एक दोस्त को बचाने की कोशिश में तीनों की जान चली गई, यह सोचकर ही सिहरन होती है। त्योहार की खुशियों के बीच ऐसा मातम किसी भी परिवार के लिए कभी न भरने वाला जख्म दे जाता है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·41 दिन पहले

त्योहार की खुशी ऐसे मातम में बदल जाएगी, सोचा नहीं था। एक को बचाने के चक्कर में तीनों दोस्तों का चले जाना दिल दहला देने वाला है। प्रशासन को ऐसी जगहों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने ही चाहिए ताकि किसी और परिवार को यह दर्द न झेलना पड़े।

Ravikash Gupta@ravikash·41 दिन पहले

अर्जुन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। ऐसी ही एक घटना मैंने कुछ साल पहले दिल्ली के पास यमुना घाट पर देखी थी, तब से पानी के पास जाने से डर लगता है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·41 दिन पहले

गणेश विसर्जन के नाम पर नहरों पर ऐसे हादसे दिल दहला देते हैं। कुछ साल पहले ऐसी ही एक घटना कवर करते समय मैं खुद उस ठंडक और खामोश पानी के पास घंटों खड़ा रहा था, जहाँ से जान चली गई थी।

Rohan Verma@rohan-verma·41 दिन पहले

करण भाई, आपकी बात बिल्कुल सही है। वही एनसीआर नहर, जहाँ पिछले हफ्ते भी चार छात्र डूबे थे, प्रशासन पहले ही सुरक्षा पुख्ता क्यों नहीं करता?

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