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दशहरा से पहले साहिबाबाद में रावण के पुतले में बारूद भरते वक्त भीषण विस्फोट, पांच मजदूर झुलसेउत्तर प्रदेश
5 अक्तू॰ 2026, 1:14 pm (24 दिन पहले)· 2

दशहरा से पहले साहिबाबाद में रावण के पुतले में बारूद भरते वक्त भीषण विस्फोट, पांच मजदूर झुलसे

साहिबाबाद के लाजपत नगर स्थित सामुदायिक केंद्र में रावण के पुतले के भीतर आतिशबाजी भरते समय अचानक तेज धमाका हुआ, जिसमें पांच लोग बुरी तरह झुलस गए और हॉल की दो दीवारें ढह गईं।

दशहरा पर्व की तैयारियों के बीच उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले से एक गंभीर दुर्घटना सामने आई है। साहिबाबाद इलाके के लाजपत नगर में स्थित नगर निगम के सामुदायिक केंद्र में रावण का पुतला तैयार करने के दौरान पटाखों में अचानक विस्फोट हो गया। यह हादसा 5 अक्टूबर की सुबह पेश आया, जब पुतले के ढांचे के भीतर आतिशबाजी और बारूदी सामग्री पैक की जा रही थी। धमाका इतना जोरदार था कि उसकी धमक से सामुदायिक केंद्र के विशाल हॉल की दो दीवारें भरभराकर गिर पड़ीं और पूरे परिसर में चीख-पुकार मच गई। इस दुर्घटना में पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं।

सामुदायिक केंद्र के हॉल में अचानक भड़की चिंगारी

यह घटना 5 अक्टूबर की सुबह करीब 9:26 बजे की है। शुरुआत में साहिबाबाद फायर स्टेशन के कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि शनि चौक, रामलीला मैदान के नजदीक पटाखों की किसी दुकान में आग लग गई है। इस आपातकालीन संदेश के तुरंत बाद मुख्य अग्निशमन अधिकारी और साहिबाबाद के प्रभारी अग्निशमन अधिकारी तीन दमकल गाड़ियों (फायर टेंडर) के साथ घटनास्थल के लिए रवाना हुए। जब बचाव दल मौके पर पहुंचा, तो हकीकत कुछ और ही निकली। आग पटाखों की दुकान में नहीं, बल्कि रामलीला मैदान के ठीक पीछे बने नगर निगम के सामुदायिक केंद्र के एक बड़े हॉल में लगी थी।

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दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए बिना देर किए लपटों पर काबू पा लिया। इसके बाद जब हॉल के अंदर का मुआयना किया गया, तो वहां आगामी रामलीला के लिए रावण का विशाल पुतला तैयार किया जा रहा था। कारीगर और मजदूर पुतले के अंदर विस्फोटक सामग्री और पटाखे स्थापित कर रहे थे। उसी दौरान किसी वजह से आग भड़क उठी और देखते ही देखते भयानक विस्फोट में बदल गई। धमाके की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि इमारत की दो मजबूत दीवारें ढह गईं और आसपास का इलाका दहल उठा।

गंभीर हालत के चलते दिल्ली के अस्पतालों में रेफर

स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के मुताबिक, रामलीला कमेटी ने रावण का पुतला तैयार करने का काम अनिल सिंह नाम के व्यक्ति को ठेके पर सौंपा था। हादसे के समय अनिल सिंह के मजदूर पुतले में आतिशबाजी भरने के काम में मशगूल थे, तभी आग ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। आग की लपटों में घिरे पांचों लोगों को तत्काल नजदीकी एमएमजी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उच्च स्तरीय चिकित्सा केंद्र भेजने का निर्णय लिया।

झुलसे पांच लोगों में से दो की हालत बेहद नाजुक होने पर उन्हें दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया, जबकि बाकी तीन घायलों को दिल्ली के ही जीटीबी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने पर पुलिस और अग्निशमन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी अस्पतालों में पहुंचे और पीड़ितों की स्थिति का जायजा लिया। अब तक जिन दो घायलों की शिनाख्त हो पाई है, उनके नाम ऋषभ और हरेंद्र हैं। शेष तीन लोगों की पहचान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया जारी है।

अवैध पटाखा फैक्ट्री की अफवाहों का खंडन

हादसे के फौरन बाद स्थानीय क्षेत्र में यह चर्चा और अफवाहें फैलने लगीं कि सामुदायिक केंद्र के अंदर अवैध रूप से पटाखा बनाने की फैक्ट्री चलाई जा रही थी। हालांकि पुलिस प्रशासन ने इन सभी दावों का पूरी तरह खंडन किया है। साहिबाबाद के एसीपी अमित सक्सेना ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि मौके पर पटाखे बनाने का कोई कारखाना संचालित नहीं हो रहा था। वहां केवल आगामी रामलीला मंचन और दशहरा दहन के लिए रावण के पुतले में पटाखे फिट करने का काम चल रहा था, जिस दौरान यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटी।

सवाल-जवाब

गाजियाबाद में यह विस्फोट किस जगह हुआ?
यह हादसा साहिबाबाद के लाजपत नगर स्थित नगर निगम के सामुदायिक केंद्र के एक बड़े हॉल में हुआ।
हादसे के समय वहां क्या काम चल रहा था?
वहां आगामी दशहरा और रामलीला मंचन के लिए रावण के पुतले में पटाखे और आतिशबाजी की सामग्री भरी जा रही थी।
इस घटना में कितने लोग घायल हुए हैं?
विस्फोट की चपेट में आकर पांच लोग झुलसे हैं, जिनमें कुछ नाबालिग भी शामिल हैं।
घायलों को किन अस्पतालों में भर्ती कराया गया है?
गंभीर रूप से झुलसे दो लोगों को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल और तीन अन्य को जीटीबी अस्पताल रेफर किया गया है।
जिन घायलों की पहचान हुई है, उनके नाम क्या हैं?
अब तक पहचाने गए दो घायलों के नाम ऋषभ और हरेंद्र हैं, जबकि बाकी तीन की पहचान की जा रही है।
क्या वहां अवैध पटाखा फैक्ट्री चलाई जा रही थी?
नहीं, एसीपी साहिबाबाद अमित सक्सेना ने स्पष्ट किया है कि वहां कोई अवैध पटाखा फैक्ट्री नहीं थी, बल्कि पुतले में पटाखे भरे जा रहे थे।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·22 दिन पहले

दशहरा से पहले ऐसी लापरवाही देखकर बहुत डर लगता है। पुतला बनाने के चक्कर में पाँच लोग झुलस गए और दो की हालत गंभीर है, भगवान सबको सलामत रखे।

Arjun Mehta@arjun-mehta·22 दिन पहले

दशहरा आने पर ही ऐसे ठेकेदारों को सुरक्षा की याद क्यों आती है? पुतले में बारूद भरते वक्त जरा सी लापरवाही से दीवारें ढह गईं और पांच लोग झुलस गए। प्रशासन को पहले ही ऐसे कामों पर नजर रखनी चाहिए थी।

Ravikash Gupta@ravikash·22 दिन पहले

अर्जुन जी, बिल्कुल सही कहा आपने। त्यौहार की खुशी में सुरक्षा की ऐसी अनदेखी बहुत भारी पड़ जाती है, खासकर जब मासूम जानों पर बन आए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·23 दिन पहले

त्योहार की खुशी मातम में बदल गई। पुतले में बारूद भरते वक्त जरा सी लापरवाही ने पांच मजदूरों की जिंदगी दांव पर लगा दी। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए?

Rohan Verma@rohan-verma·23 दिन पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा आपने। पिछले साल जब मैं खुद रामलीला ग्राउंड गया था, तब भी ऐसी ही लापरवाही देखकर डर लगा था, गनीमत थी तब कुछ नहीं हुआ था।

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