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गद्दी मालियान में फर्नीचर कारोबारी ने पत्नी और बेटी समेत निगला जहर, अस्पताल में तीनों ने तोड़ा दमराजस्थान
20 सित॰ 2026, 8:56 am (5 दिन पहले)· 1

गद्दी मालियान में फर्नीचर कारोबारी ने पत्नी और बेटी समेत निगला जहर, अस्पताल में तीनों ने तोड़ा दम

अजमेर के गद्दी मालियान इलाके में फर्नीचर कारोबारी अशोक शर्मा, उनकी पत्नी इंदिरा और बेटी दीक्षा ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ पी लिया, जिससे तीनों की मौत हो गई।

राजस्थान के अजमेर शहर स्थित गद्दी मालियान क्षेत्र से देर रात एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक ही छत के नीचे रह रहे परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। स्थानीय स्तर पर फर्नीचर का कारोबार करने वाले अशोक शर्मा, उनकी धर्मपत्नी इंदिरा शर्मा तथा पुत्री दीक्षा ने कथित तौर पर पानी में सल्फास की गोलियां मिलाकर पी लीं। विषैले पदार्थ के सेवन के बाद जैसे ही तीनों की शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी, उन्हें तत्काल एंबुलेंस की मदद से नजदीकी जवाहरलाल नेहरू अस्पताल ले जाया गया। वहां इमरजेंसी वार्ड में मौजूद चिकित्सकों ने गहन चिकित्सकीय परीक्षण के उपरांत तीनों को मृत घोषित कर दिया। दिल दहला देने वाली इस घटना की भनक लगते ही आदर्श नगर थाना पुलिस का दल तुरंत घटनास्थल पर पहुंचा और मामले की छानबीन शुरू कर दी। तीनों मृतकों के पार्थिव शरीरों को अस्पताल के शवगृह में सुरक्षित रखवा दिया गया है।

भांजे को किए गए आखिरी फोन से सामने आया मामला

इस पूरे घटनाक्रम से जुड़ी शुरुआती जानकारी के अनुसार, विषपान करने से ठीक पहले अशोक शर्मा ने अपने सगे भांजे को मोबाइल फोन मिलाया था। फोन कॉल के दौरान अशोक ने अपने भांजे के समक्ष इस खौफनाक कदम उठाए जाने की बात साझा की। रिश्तेदार के मुंह से ऐसी भयावह बात सुनते ही भांजे के होश उड़ गए और उसने बिना एक पल गंवाए अशोक शर्मा के पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति को फोन किया। उसने पड़ोसी से विनती की कि वह तुरंत दौड़कर घर के भीतर जाए और परिवार की खैरियत देखे।

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भांजे से संदेश मिलते ही पड़ोसी आनन-फानन में अशोक शर्मा के मकान पर पहुंचा, मगर वहां का दृश्य देख उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। तब तक अशोक शर्मा, उनकी पत्नी इंदिरा शर्मा और बेटी दीक्षा सल्फास का बना घोल निगल चुके थे और उनकी हालत बेहद नाजुक हो चली थी। पड़ोसी व आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत सक्रियता दिखाते हुए तीनों को अस्पताल पहुंचाने की भागदौड़ शुरू की। आनन-फानन में बुलाई गई एंबुलेंस सेवा के माध्यम से तीनों को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन जहर शरीर में फैल जाने के कारण डॉक्टर उनकी जान बचाने में नाकाम रहे और जांच के बाद तीनों को मृत घोषित कर दिया गया।

आदर्श नगर थाना पुलिस जुटी सुराग तलाशने में

घटना की खबर मिलते ही आदर्श नगर थाने की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए और परिवार से जुड़े नजदीकी रिश्तेदारों तथा परिचितों से सघन पूछताछ शुरू कर दी है। जांच दल इस दुखद घटना से जुड़े तमाम पहलुओं और कड़ियों को आपस में जोड़ने की कोशिश कर रहा है।

जांच अधिकारियों की नजर में अशोक शर्मा द्वारा अपने भांजे को की गई आखिरी कॉल और उसके तुरंत बाद पड़ोसी को दी गई सूचना इस मामले की सबसे अहम कड़ी है। पुलिस गहराई से यह समझने का प्रयास कर रही है कि आखिर ऐसी कौन सी गंभीर वजह या विषम परिस्थितियां थीं, जिनके चलते एक हंसते-खेलते परिवार को इतना आत्मघाती कदम उठाने पर विवश होना पड़ा। फिलहाल इस सामूहिक आत्महत्या के पीछे के स्पष्ट कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस दल परिवार के अन्य सदस्यों, संबंधियों और पड़ोसियों से जानकारियां जुटा रहा है, साथ ही घटनास्थल से मिले तमाम साक्ष्यों की फोरेंसिक दृष्टि से पड़ताल की जा रही है।

शवगृह में रखवाए गए शव, इलाके में पसरा मातम

अशोक शर्मा, उनकी पत्नी इंदिरा और बेटी दीक्षा के शवों को जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तय कानूनी औपचारिकताओं और आवश्यक कागजी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद तीनों शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा, जिसके बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपे जाएंगे।

गद्दी मालियान जैसे घनी आबादी वाले इलाके में एक साथ तीन मौतों की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में गहरा सन्नाटा और मातम पसर गया। आसपास के बाशिंदों को जैसे ही इस दर्दनाक हादसे का पता चला, वे बड़ी तादाद में घटनास्थल के इर्द-गिर्द जमा हो गए। हर कोई इस अनहोनी से स्तब्ध नजर आया। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की विस्तृत और निष्पक्ष जांच जारी है। घटना के मूल कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। जांच पूरी होने, परिवारजनों के बयान दर्ज किए जाने और पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इस परिवार ने किन मजबूरियों के चलते ऐसा कदम उठाया।

सवाल-जवाब

अजमेर में यह घटना किस इलाके में हुई?
यह घटना अजमेर के गद्दी मालियान क्षेत्र में देर रात सामने आई।
मृतकों में परिवार के कौन-कौन से सदस्य शामिल हैं?
मृतकों में फर्नीचर कारोबारी अशोक शर्मा, उनकी पत्नी इंदिरा शर्मा और उनकी बेटी दीक्षा शामिल हैं।
परिवार ने कथित तौर पर किस विषैले पदार्थ का सेवन किया था?
शुरुआती जानकारी के अनुसार परिवार के तीनों सदस्यों ने पानी में सल्फास की गोलियां घोलकर पी ली थीं।
घटना की जानकारी सबसे पहले किसे मिली थी?
अशोक शर्मा ने कदम उठाने से पहले अपने भांजे को फोन किया था, जिसने तुरंत एक पड़ोसी को घर देखने भेजा।
तीनों को किस अस्पताल ले जाया गया था?
तीनों को एंबुलेंस के जरिए जवाहरलाल नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मामले की जांच कौन सा पुलिस थाना कर रहा है?
इस पूरे मामले की जांच अजमेर का आदर्श नगर थाना पुलिस कर रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Michael Anderson@michael-anderson·4 दिन पहले

अजमेर की यह दर्दनाक घटना गंभीर मानसिक और आर्थिक संकट की ओर इशारा करती है। जब एक पूरा परिवार ऐसा चरम कदम उठाने पर मजबूर हो जाए, तो यह सामाजिक सुरक्षा और वित्तीय दबावों पर बड़े सवाल खड़े करता है। पुलिस जांच को केवल कारणों का पता लगाने तक सीमित न रखकर, उन प्रणालीगत विफलताओं की भी गहराई से पड़ताल करनी चाहिए जो नागरिकों को इस मुकाम पर पहुंचा देती हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

अजमेर की इस दर्दनाक घटना से समाज में गहराते आर्थिक संकट और मानसिक तनाव के गंभीर संकेत मिलते हैं। पुलिस जांच का रुख अब यह पता लगाने पर होना चाहिए कि क्या कारोबार में भारी नुकसान या कर्ज इस सामूहिक आत्मघाती कदम की मुख्य वजह बना। प्रशासन को ऐसे मामलों को रोकने के लिए वित्तीय परामर्श और मानसिक स्वास्थ्य सहायता तंत्र को जमीनी स्तर पर मजबूत करने की तत्काल आवश्यकता है।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

अजमेर की इस हृदयविदारक घटना से यह स्पष्ट है कि छोटे व्यापारियों के लिए वित्तीय स्थिरता और मानसिक स्वास्थ्य सुरक्षा कितनी बड़ी चुनौती बन चुके हैं। जब स्थानीय स्तर पर कारोबार प्रभावित होते हैं और देनदारियां बढ़ती हैं, तो कई बार व्यक्ति अत्यधिक दबाव में आकर ऐसा कदम उठा लेता है। कॉर्पोरेट क्षेत्र की तरह असंगठित और छोटे स्तर के व्यापारिक संस्थानों के लिए भी कोई औपचारिक वित्तीय सहायता या संकट प्रबंधन ढांचा मौजूद नहीं है। प्रशासन और स्थानीय निकायों को ऐसे उद्यमियों के लिए ऋण पुनर्गठन और मनोवैज्ञानिक परामर्श कैंपों की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

अजमेर के इस मामले में एक कारोबारी परिवार का इस तरह समाप्त होना गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट की ओर इशारा करता है। पुलिस को यह गहराई से जांच करनी होगी कि क्या इसके पीछे कोई भारी कर्ज, बाजार का दबाव या साहूकारों का शिकंजा था। इस स्तर की घटनाओं को रोकने के लिए स्थानीय प्रशासन और व्यापार मंडलों को मिलकर वित्तीय तनाव से जूझ रहे परिवारों की पहचान करने और समय पर काउंसलिंग या सहायता उपलब्ध कराने की एक प्रभावी व्यवस्था बनानी चाहिए।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

अजमेर की इस घटना में पुलिस को आर्थिक पहलुओं के साथ-साथ सुसाइड नोट या डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच पर जोर देना चाहिए। अक्सर ऐसे मामलों में कॉल डिटेल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजैक्शन से ही कर्ज या प्रताड़ना के असली कारणों का खुलासा होता है। कानूनी और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से यह पता लगाना जरूरी है कि क्या यह किसी सुनियोजित वित्तीय दबाव या बाहरी ब्लैकमेल का परिणाम था।

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