झारखंड का देवघर शहर आमतौर पर बाबा बैद्यनाथ धाम और भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए दुनिया भर में पहचाना जाता है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां शीश नवाने आते हैं। सर्दियों का मौसम शुरू होते ही लोग ऐसी जगहों की तलाश करने लगते हैं जहां शांति, खुला आसमान और हरियाली एक साथ मिल सके। देवघर जिला मुख्यालय से लगभग 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बूढ़ैई पहाड़ एक ऐसा ही स्थल है, जो आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत मेल पेश करता है। यहां आने वाले पर्यटकों को एक ही जगह पर हरी-भरी वादियां, बलखाती नदी, पथरीली चट्टानें और पौराणिक मंदिर देखने को मिलते हैं।
ऊंची चट्टानों और शांत वादियों के बीच सुकून का अहसास
शहरी जिंदगी की भागदौड़, गाड़ियों के शोरगुल और रोजमर्रा के तनाव से दूर बूढ़ैई पहाड़ का माहौल बिल्कुल अलग सुकून देता है। इस इलाके में कदम रखते ही ऊंची-ऊंची विशाल चट्टानें और उनके चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों का स्वागत करती हैं। खुले और शुद्ध वातावरण में वक्त बिताना मानसिक शांति देने के साथ-साथ ताजगी से भर देता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह जगह किसी वरदान से कम नहीं है, जहां लोग पत्थरों पर बैठकर घंटों शांत वादियों को निहार सकते हैं।
बारिश का मौसम बीतने के बाद जब ठंड की शुरुआत होती है, तब इस पहाड़ी के आसपास का पूरा इलाका गहरे हरे रंग की चादर ओढ़ लेता है। इस दौरान यहां की खूबसूरती अपने चरम पर होती है। चारों ओर फैले मनमोहक नजारों के बीच पर्यटक बेहतरीन तस्वीरें खींचना पसंद करते हैं। यह स्थान सिर्फ एक बार घूमकर निकल जाने भर के लिए नहीं है, बल्कि यहां बैठकर प्रकृति के शांत स्वरूप को महसूस करने का भी शानदार अवसर मिलता है।
आस्था का केंद्र है पहाड़ी पर स्थित मां बूढ़ेश्वरी मंदिर
बूढ़ैई पहाड़ की सबसे प्रमुख पहचान इस पर्वत की चोटी पर मौजूद मां बूढ़ेश्वरी का पावन मंदिर है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु मां के दर्शन करने और विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने यहां पहुंचते हैं। भक्त कठिन चढ़ाई तय करके मां के दरबार में माथा टेकते हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मन्नतें मांगते हैं।
धार्मिक आस्था के साथ जुड़ा प्राकृतिक परिवेश इस सफर को बेहद यादगार बना देता है। मंदिर परिसर में पहुंचते ही जहां एक तरफ मां के दर्शन से मन को आध्यात्मिक शक्ति मिलती है, वहीं दूसरी तरफ ऊंचाई से नीचे बहती नदी और दूर तक फैले पेड़ों के दृश्य नजरों को बांध लेते हैं। यही कारण है कि यह स्थान केवल तीर्थयात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि घूमने-फिरने के शौकीन सैलानियों के लिए भी पसंदीदा पिकनिक स्पॉट बन चुका है।
यात्रा की तैयारी और जरूरी सावधानियां
अगर आप सर्दियों की छुट्टियों में परिवार, बच्चों या दोस्तों के साथ देवघर का भ्रमण करने की योजना बना रहे हैं, तो अपने यात्रा कार्यक्रम में बूढ़ैई पहाड़ को शामिल करना एक बेहतरीन फैसला साबित हो सकता है। यह जगह एक ही दिन में आसानी से घूमी जा सकती है और देवघर मुख्य शहर से सड़क मार्ग के जरिए यहां पहुंचा जा सकता है।
सफर पर निकलने से पहले रास्ते की स्थिति, स्थानीय मौसम और मंदिर तक पहुंचने वाली सीढ़ियों या पगडंडियों की पूरी जानकारी जुटा लेना समझदारी भरा कदम होगा। उचित तैयारी के साथ जाने से परिवार के बुजुर्गों और बच्चों को किसी तरह की असुविधा नहीं होगी और हर कोई इस प्राकृतिक और धार्मिक धरोहर की सुंदरता का पूरा आनंद उठा सकेगा।



















