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गुजरात के अहमदाबाद में खुले नाले में बही दृष्टिबाधित बच्ची, साबरमती नदी तक पहुंची दमकल टीमों की तलाशगुजरात
11 अक्तू॰ 2026, 7:07 pm (17 दिन पहले)· 0

गुजरात के अहमदाबाद में खुले नाले में बही दृष्टिबाधित बच्ची, साबरमती नदी तक पहुंची दमकल टीमों की तलाश

अहमदाबाद के पीराणा क्षेत्र में ऑटो से उतरने के बाद एक दृष्टिबाधित बच्ची गहरे और खुले नाले में गिर गई। 12 घंटे से अधिक समय बीतने के बाद राहत दल साबरमती नदी तक तलाशी अभियान चला रहे हैं।

गुजरात के अहमदाबाद शहर में एक दर्दनाक दुर्घटना सामने आई है, जहाँ करीब 10 वर्ष की एक दृष्टिबाधित नाबालिग लड़की खुले और तेज बहाव वाले नाले में गिरकर बह गई। 10 अक्टूबर की शाम घटी इस घटना के बाद 11 अक्टूबर को भी बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका है। मौके पर तैनात फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट की टीमें पिछले 12 घंटे से भी अधिक समय से लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं, जिसका दायरा अब साबरमती नदी तक विस्तृत कर दिया गया है।

ऑटो से उतरते ही गहरे नाले में समाई मासूम

नारोल पुलिस थाने के निरीक्षक जे. बी. अग्रावत के अनुसार, यह हादसा 10 अक्टूबर की शाम को पीराणा कचरा भराव स्थल के समीप स्थित देव होटल के पास हुआ। उस दौरान बच्ची अपनी मां के साथ यात्रा कर रही थी। गंतव्य पर पहुंचने के बाद जब उसकी मां ऑटो-रिक्शा का किराया चुकाने में व्यस्त थी, तभी बच्ची वाहन से बाहर निकल गई। दृष्टिबाधित होने और नाला पूरी तरह खुला होने की वजह से वह संतुलन खोकर कई फुट गहरे गंदे पानी के नाले में जा गिरी।

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तेज बहाव के बीच साबरमती नदी तक खोज अभियान

फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नाला ढका हुआ नहीं था और उसमें पानी का बहाव बेहद तीव्र था। दानपीठ स्टेशन के फायर ब्रिगेड ऑफिसर एम. डी. पांडे ने बताया कि 10 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजकर 15 मिनट पर आपातकालीन सूचना मिलने के बाद से ही दमकलकर्मी बच्ची की तलाश कर रहे हैं। नाले में पानी का बहाव बहुत तेज होने के चलते गोताखोरों और बचाव दलों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों को आशंका है कि नाले के उफनते पानी का तेज बहाव बच्ची को आगे खींच ले गया होगा। इसी संभावना को देखते हुए दमकलकर्मियों ने अपनी खोज का दायरा नाले के अंतिम छोर से आगे बढ़ाकर साबरमती नदी के तटीय और बहाव वाले क्षेत्रों तक केंद्रित कर दिया है।

सवाल-जवाब

अहमदाबाद में यह हादसा कब और कहाँ हुआ?
यह हादसा 10 अक्टूबर की शाम को अहमदाबाद के पीराणा कचरा भराव स्थल के समीप देव होटल के पास स्थित खुले नाले में हुआ।
बच्ची नाले में कैसे गिरी?
बच्ची दृष्टिबाधित थी और जब उसकी मां ऑटो-रिक्शा का किराया चुका रही थी, तब वह ऑटो से बाहर निकली और सीधे खुले नाले में गिर गई।
राहत अभियान कब शुरू हुआ और कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
10 अक्टूबर की शाम करीब 4 बजकर 15 मिनट पर सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड डिपार्टमेंट और नारोल पुलिस ने राहत अभियान शुरू किया।
बचाव दल साबरमती नदी में क्यों तलाश कर रहे हैं?
नाले में पानी का बहाव बहुत तेज होने के कारण आशंका है कि बच्ची आगे बह गई होगी, इसलिए खोज का दायरा साबरमती नदी तक बढ़ाया गया है।
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टिप्पणियाँ 5

Sophie Laurent@sophie-laurent·17 दिन पहले

खुला नाला और तेज़ बहाव... माँ पर क्या बीत रही होगी सोचकर ही कांप जाती हूँ। एक सेकंड की चूक और सब उजड़ गया।

Arjun Mehta@arjun-mehta·17 दिन पहले

खुला नाला और तेज बहाव, किसी की भी जान लेने के लिए काफ़ी है। लापरवाही की हद है।

Ravikash Gupta@ravikash·17 दिन पहले

अर्जुन, लापरवाही तो है, पर क्या सिर्फ़ नाले को दोष देना ठीक है? उस वक्त माँ का ध्यान चूकना भी तो एक वजह थी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·17 दिन पहले

खुला नाला था तो प्रशासन को पहले सोचना चाहिए था, पर माँ पर भी थोड़ा ध्यान देना बनता था।

Rohan Verma@rohan-verma·17 दिन पहले

करण, प्रशासन की लापरवाही तो है ही, लेकिन यूपी में भी ऐसे खुले नालों की वजह से अक्सर हादसे होते हैं और कोई सुध नहीं लेता।

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