असम के गुवाहाटी शहर में सड़क पर पैदल चल रही एक महिला के साथ लूटपाट और बर्बरता की दहला देने वाली वारदात सामने आई है। शहर के काहिलीपाड़ा इलाके में 5 अक्टूबर को दिनदहाड़े या शाम के वक्त जब महिला अपने रास्ते जा रही थी, तभी दो पहिया वाहन सवार अपराधियों ने उसे अपना निशाना बनाया। महिला ने जब अपने निजी सामान की रक्षा के लिए हिम्मत दिखाई और बैग की पकड़ नहीं छोड़ी, तो बेखौफ बदमाशों ने गाड़ी रोकने के बजाय रफ्तार बढ़ा दी। इसके चलते पीड़िता सड़क पर लगभग 50 मीटर की दूरी तक घिसटती चली गई। इस पूरी भयावह घटना का दृश्य निगरानी कैमरे में दर्ज हो गया है, जिसे देखकर आम लोगों में भारी रोष और दहशत फैल गई है।
काहिलीपाड़ा में सड़क पर हुई खौफनाक वारदात
यह सनसनीखेज मामला गुवाहाटी के व्यस्त माने जाने वाले काहिलीपाड़ा क्षेत्र का है। 5 अक्टूबर को पीड़िता जब पैदल सड़क पार कर रही थी अथवा किनारे से गुजर रही थी, तभी स्कूटी पर सवार होकर दो अज्ञात युवक उसके एकदम नजदीक पहुंचे। दोनों युवकों ने अचानक झपट्टा मारकर महिला के हाथ से उसका बैग खींचने का प्रयास किया। महिला ने अप्रत्याशित हमले के बावजूद हिम्मत नहीं हारी और अपने बैग को पूरी मजबूती से थामे रखा। बदमाशों ने बैग छूटता न देख स्कूटी रोकने की बजाय वाहन को आगे दौड़ा दिया, जिससे महिला सड़क पर गिर पड़ी और स्कूटी की रफ्तार के साथ घिसटती रही।
सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ संघर्ष का मंजर
इलाके में लगे क्लोज सर्किट टेलीविजन यानी सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में यह साफ दिखाई दे रहा है कि पीड़िता किस तरह अपनी जान जोखिम में डालकर सामान बचाने की जद्दोजहद करती रही। स्कूटी सवार हमलावरों ने महिला की जान की जरा भी परवाह नहीं की और करीब 50 मीटर तक घसीटने के बाद आखिरकार वे मौके से तेजी से भाग निकले। इस घटना ने साबित कर दिया है कि सड़कों पर सक्रिय स्नैचरों के इरादे कितने खतरनाक हो चुके हैं और वे चंद रुपयों या सामान के लिए किसी भी राहगीर की जान को जोखिम में डालने से नहीं कतराते।
सार्वजनिक सुरक्षा और पुलिसिया कार्रवाई की स्थिति
काहिलीपाड़ा की इस वारदात ने महानगर गुवाहाटी में आम नागरिकों, विशेषकर पैदल चलने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर झपटमारों का बढ़ता दुस्साहस राहगीरों के लिए लगातार बड़ा खतरा बनता जा रहा है। इस मामले में अभी तक किसी औपचारिक पुलिस शिकायत, हमलावरों की पहचान या उनकी गिरफ्तारी से जुड़ी कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आ पाई है। स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा जांच आगे बढ़ाने के बाद ही आरोपियों की धरपकड़ और कानूनी कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।























