कानपुर के लोगों को जल्द ही शहर की सबसे बड़ी सिरदर्दी, यानी ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलने जा रही है। अनवरगंज से मंधना के बीच प्रस्तावित एलिवेटेड रेलवे लाइन परियोजना का रास्ता अब लगभग साफ हो चुका है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कानपुर दौरे के दौरान इस महत्वाकांक्षी योजना का शिलान्यास किए जाने की तैयारी है। इसके बाद निर्माण कार्य रफ्तार पकड़ेगा और आने वाले सालों में शहर की पूरी यातायात व्यवस्था की तस्वीर बदल जाएगी।
16 रेलवे क्रॉसिंग हटते ही टूटेगी जाम की सबसे बड़ी वजह
अनवरगंज से मंधना के बीच मौजूद 16 रेलवे क्रॉसिंग सालों से कानपुर में जाम की जड़ बनी हुई हैं। दिनभर ट्रेनों की आवाजाही के बीच जब फाटक बंद होते हैं, तो दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें खड़ी हो जाती हैं। हालत यह है कि महज कुछ किलोमीटर का रास्ता तय करने में लोगों को एक से दो घंटे तक लग जाते हैं। एलिवेटेड रेलवे ट्रैक बनने के बाद सभी रेलवे लाइनें सड़क के ऊपर से गुजरेंगी और इन 16 क्रॉसिंग की जरूरत ही नहीं रह जाएगी। इसका सीधा फायदा यह होगा कि सड़क पर वाहन बिना रुके चलते रहेंगे और शहर के लाखों लोगों का रोजाना का वक्त बचेगा।
कल्याणपुर और रावतपुर की जगह आएगा एक आधुनिक स्टेशन
इस परियोजना के तहत कल्याणपुर और रावतपुर रेलवे स्टेशन को बंद कर दिया जाएगा। इन दोनों के बीच एक नया और अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन तैयार किया जाएगा, जिसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का नाम दिया जाएगा। यह स्टेशन तमाम आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसकी सबसे खास बात यह है कि इसे सीधे मेट्रो स्टेशन से जोड़ा जाएगा। यानी ट्रेन से उतरते ही यात्रियों को बिना किसी झंझट के मेट्रो की सुविधा मिल जाएगी। माना जा रहा है कि यह स्टेशन आगे चलकर कानपुर का बड़ा ट्रांसपोर्ट हब बनेगा।
शिलान्यास के बाद जमीन पर दिखेगा काम
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कानपुर दौरे में इस परियोजना की नींव रखी जानी है। शिलान्यास होते ही निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है। रेलवे और इससे जुड़े विभाग पहले से ही तैयारियों में लगे हुए हैं। लंबे समय से इस योजना का इंतजार कर रहे शहरवासियों को अब भरोसा है कि जल्द ही इसका असर जमीन पर नजर आने लगेगा।
सिर्फ जाम नहीं, शहर के विकास को भी मिलेगी रफ्तार
एलिवेटेड रेलवे लाइन बनने से सिर्फ जाम की समस्या ही दूर नहीं होगी, बल्कि शहर के विकास को भी नई गति मिलेगी। एंबुलेंस, स्कूल बस, सार्वजनिक परिवहन और दूसरी जरूरी सेवाओं की आवाजाही पहले से कहीं आसान हो जाएगी। फाटकों पर लगने वाली लंबी कतारें खत्म होने से ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी घटेगा। साथ ही शहर के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच आना-जाना कहीं ज्यादा तेज और सुगम हो जाएगा। करीब 1115 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना कानपुर की सबसे अहम आधारभूत ढांचा योजनाओं में गिनी जा रही है। इसके पूरा होते ही सालों पुरानी जाम की समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और कानपुर आधुनिक परिवहन व्यवस्था वाले शहरों की कतार में एक कदम और आगे बढ़ जाएगा। लाखों लोगों का रोज का सफर आसान होगा और शहर की रफ्तार तेज होगी।













