पीतल नगरी में खास मसालों और मक्खन के साथ परोसी जाती है मुरादाबादी मूंग दालम्यांमार ड्रोन मामले में अमेरिकी और 6 यूक्रेनी नागरिकों को कोर्ट से मिली वतन वापसी की अस्थायी छूटझारखंड के पारंपरिक स्वाद से खड़ा किया बड़ा कारोबार, रांची में महज पांच महीनों में कैसे ब्रांड बना दिलीप का धूसकासंघर्षों को मात देकर सिनेमा में बनाई मुकाम, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता दिव्या दत्ता की अनूठी दास्तानतुला राशिफल 25 सितंबर 2026: राहु और मंगल के प्रभाव से करियर में आएगी गति, वित्तीय संतुलन और रिश्तों पर दें ध्यानअमेरिकी बॉन्ड यील्ड में जोरदार उछाल और भू-राजनीतिक तनाव से यूरो पस्त, डॉलर मजबूतगोवा वोटर लिस्ट विवाद पर चुनाव आयोग का रुख साफ, मतदाता सूची संशोधन पर विपक्ष ने उठाए सवालनागोया में भारत के पास आज कई मेडल पक्के करने का मौका, निशानेबाजी और कबड्डी पर टिकी निगाहेंशी जिनपिंग के स्वागत में व्हाइट हाउस का शाही मेन्यू, फ्रेंच स्वाद के साथ परोसे गए खास व्यंजनराजस्थान के तीन बड़े शहरों में महापौर चुनने की जंग, जयपुर में भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने
कोटा के नगर सेठ गणपति दरबार में मन्नत पूरी होने पर भक्त अर्पित करते हैं सोने-चांदी के गहनेराजस्थान
24 सित॰ 2026, 8:07 pm (11 घंटे पहले)· 0

कोटा के नगर सेठ गणपति दरबार में मन्नत पूरी होने पर भक्त अर्पित करते हैं सोने-चांदी के गहने

कोटा के रामपुरा स्थित रघुनाथ चौक में नगर सेठ गणपति महाराज के दरबार में मुराद पूरी होने पर श्रद्धालु बहुमूल्य आभूषण चढ़ाते हैं, जहां गणेश उत्सव के दौरान भव्य आयोजन किया जाता है।

राजस्थान के कोटा शहर में स्थित रामपुरा के आभूषण बाजार का रघुनाथ चौक इन दिनों आध्यात्मिक आस्था का बड़ा केंद्र बना हुआ है। यहां हर वर्ष गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर नगर सेठ महाराज के भव्य दरबार की स्थापना की जाती है। सर्राफा बाजार के मध्य सजने वाले इस विशेष पंडाल में भगवान गणेश एक विशाल सिंहासन पर विराजमान रहते हैं। उत्सव के पूरे दस दिनों के दौरान सुबह से लेकर देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहता है, जहां विशेष अनुष्ठान और आरतियों का क्रम लगातार चलता रहता है।

दो माह पूर्व प्रारंभ हो जाती हैं वृहद स्तर पर तैयारियां

इस वृहद धार्मिक उत्सव के आयोजन को सफल बनाने के लिए करीब दो महीने पहले से ही रूपरेखा तैयार कर ली जाती है। आयोजन समिति से जुड़े गणपति सेवा समिति के 150 से अधिक समर्पित कार्यकर्ता इस पूरी व्यवस्था की बागडोर संभालते हैं। भव्य पंडाल के निर्माण, आकर्षक साज-सज्जा, दैनिक पूजा-अर्चना के प्रबंध से लेकर भक्तों के सुगम दर्शन, कतार व्यवस्था और प्रसाद वितरण तक के तमाम दायित्व यही कार्यकर्ता मिलकर पूरा करते हैं। उत्सव के दौरान आयोजित होने वाली भव्य महाआरती में शहर के विभिन्न कोनों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।

ये भी पढ़ें

मनोकामना पूर्ति के उपरांत बहुमूल्य उपहारों का अर्पण

इस दरबार की विशिष्ट परंपरा के संदर्भ में गणपति सेवा समिति के अध्यक्ष विशाल साहू ने कहा, "श्रद्धालु नगर सेठ महाराज के दरबार में अपनी मनोकामनाएं लेकर आते हैं।" उनकी बात के अनुसार जब भक्तों की मन्नतें पूरी होती हैं, तो वे अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार प्रभु के चरणों में कीमती धातु की वस्तुएं अर्पित करते हैं। इसी आस्था के चलते भगवान के श्रृंगार हेतु सोने का तिलक और दांत समेत कई दुर्लभ वस्तुएं भेंट की जा चुकी हैं।

अब तक श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित की गई सामग्रियों में चांदी का राजमुकुट, मोदक, हार, नारियल, त्रिशूल, युद्ध अस्त्र फरसा, पैरों के कड़े, कमरबंध कनकट्टी, गले की चेन, पूजा के लिए चंवर और अखंड ज्योति प्रज्वलित करने का दीपक सम्मिलित हैं। इसके साथ ही पूजन निमित्त चांदी की थाली और पांच बर्तनों का पूरा सेट तथा कानों के आभूषण भी चढ़ाए जा चुके हैं। हाल ही में संपन्न हुई महाआरती के उपरांत बालाजी मसाले परिवार ने गणेश जी को चांदी के हाथ अर्पित करने का सार्वजनिक संकल्प लिया, जिसके पश्चात समिति ने दरबार में उनका अभिनंदन किया। इससे पूर्व अशोक रेस्टोरेंट द्वारा भी प्रभु के लिए चांदी का हाथ भेंट करने की घोषणा की जा चुकी है।

सवाल-जवाब

नगर सेठ महाराज का दरबार कोटा में कहां आयोजित होता है?
यह दरबार कोटा शहर के रामपुरा क्षेत्र में स्थित रघुनाथ चौक के आभूषण बाजार में स्थापित किया जाता है।
श्रद्धालु मन्नत पूरी होने पर क्या अर्पित करते हैं?
मनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार सोने और चांदी से बनी विभिन्न वस्तुएं चढ़ाते हैं।
इस उत्सव की तैयारियां कब से प्रारंभ होती हैं?
गणपति सेवा समिति के 150 से अधिक कार्यकर्ता इस आयोजन की तैयारियां लगभग दो महीने पहले ही शुरू कर देते हैं।
हाल ही में किन परिवारों या संस्थानों ने चांदी के हाथ चढ़ाने की घोषणा की है?
बालाजी मसाले परिवार और अशोक रेस्टोरेंट ने गणपति महाराज को चांदी के हाथ भेंट करने की घोषणा की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Ravikash Gupta@ravikash·9 घंटे पहले

बालाजी मसाले परिवार और अशोक रेस्टोरेंट द्वारा चांदी के हाथ भेंट करने का ऐलान वाकई दिलचस्प है, सर्राफा बाजार के इस गणपति दरबार की आस्था का दायरा सचमुच अनूठा है।

Pooja Bhatt@pooja-bhatt·9 घंटे पहले

रविकाश जी, मैं पिछले साल कोटा गई थी और सर्राफा बाजार के इस पंडाल की भव्यता वाकई ऐसी है कि आंखें खुली रह जाती हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·9 घंटे पहले

कोटा के इस दरबार में इतनी श्रद्धा देखकर वाकई अच्छा लगा। क्या ये सारे कीमती गहने और चांदी के बर्तन सालभर मंदिर के पास ही सुरक्षित रखे जाते हैं या किसी बैंक के लॉकर में?

Arjun Mehta@arjun-mehta·9 घंटे पहले

रोहन जी, आम तौर पर ऐसी जगहों पर सुरक्षा के तगड़े इंतजाम होते हैं और कमेटियां ही इनका पूरा रिकॉर्ड रखती हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 घंटे पहले

पंडाल की व्यवस्था के लिए डेढ़ सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं का जुटना वाकई बहुत बड़ी बात है।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp