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मेघालय ने असम से सीमावर्ती गांवों में जनगणना और मतदाता सूची संशोधन रोकने का आग्रह कियामेघालय
18 सित॰ 2026, 5:27 pm (13 दिन पहले)· 2

मेघालय ने असम से सीमावर्ती गांवों में जनगणना और मतदाता सूची संशोधन रोकने का आग्रह किया

उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने कहा कि मेघालय ने असम सरकार से मुकरोह और लांगपीह जैसे सीमावर्ती गांवों में समानांतर जनगणना और मतदाता सूची संशोधन अभ्यास न करने को कहा है, जहां पहले ही काम पूरा हो चुका है।

मेघालय सरकार ने असम सरकार से उन सीमावर्ती गांवों में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और जनगणना से जुड़ी गतिविधियों को रोकने की अपील की है, जहां मेघालय प्रशासन पहले ही अपनी प्रक्रिया पूरी कर चुका है। गृह (पुलिस) विभाग के प्रभारी और मेघालय के उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों से समानांतर सर्वेक्षण गतिविधियों की खबरें मिलने के बाद राज्य सरकार ने असम के अधिकारियों के समक्ष इस मुद्दे को उठाया है।

सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक समन्वय

उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने बताया कि लांगपीह और मुकरोह सहित विभिन्न सीमावर्ती इलाकों में असम की ओर से जनगणना और मतदाता सूची संशोधन जैसी गतिविधियां चलाए जाने की रिपोर्ट मिली थी। इसके तुरंत बाद मेघालय सरकार ने असम प्रशासन के साथ संपर्क साधा। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य सरकारों के बीच बातचीत के माध्यम से इन चिंताओं को दूर कर लिया गया है।

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तिनसोंग ने बताया कि उन्होंने मेघालय के मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसी किसी भी शिकायत के सामने आने पर तुरंत असम के मुख्य सचिव के साथ संपर्क करें और इस मुद्दे को उठाएं। मेघालय प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जिन गांवों में उनका आधिकारिक काम पहले ही पूरा हो चुका है, वहां असम की तरफ से दोबारा कोई समानांतर प्रक्रिया न चलाई जाए। उन्होंने असम के अधिकारियों के सकारात्मक रुख की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की गलतफहमी होने पर असम की तरफ से भी पूरा सहयोग मिलता है। दोनों पक्ष आपसी समझ और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से इन मामलों को सुलझाने में लगे हैं।

मुकरोह गांव में स्थानीय निवासियों का विरोध

सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे इस विवाद के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया था। गत 14 सितंबर को असम-मेघालय सीमा पर स्थित विवादित गांव मुकरोह के स्थानीय निवासियों ने असम के अधिकारियों को गांव में आकर गृह-गणना करने से रोक दिया था। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना था कि यह क्षेत्र पूरी तरह से मेघालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।

स्थानीय खासी समुदाय के निवासियों ने असम के अधिकारियों की मौजूदगी का कड़ा विरोध किया और जनगणना टीम के साथ किसी भी प्रकार का सहयोग करने से इनकार कर दिया। ग्रामीणों ने दावा किया कि मुकरोह गांव असम राज्य या कार्बी आंगलोंग ऑटोनॉमस काउंसिल (KAAC) के प्रशासनिक नियंत्रण में नहीं आता है। इस घटना के बाद से दोनों राज्यों के बीच सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर समन्वय बनाने की आवश्यकता और अधिक बढ़ गई है।

सवाल-जवाब

मेघालय ने सीमावर्ती गतिविधियों को लेकर असम से क्यों संपर्क किया?
मेघालय ने असम से उन सीमावर्ती गांवों में समानांतर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और जनगणना रोकने का आग्रह किया है, जहां मेघालय पहले ही यह काम पूरा कर चुका है।
असम सरकार के समक्ष यह मुद्दा किसने उठाया?
मेघालय के गृह (पुलिस) प्रभारी और उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन तिनसोंग ने यह मुद्दा उठाया और मुख्य सचिव को इस संबंध में असम के अधिकारियों से संपर्क करने का निर्देश दिया।
समानांतर गतिविधियों के लिए किन विशिष्ट गांवों का उल्लेख किया गया है?
लांगपीह और मुकरोह को ऐसे सीमावर्ती गांवों के रूप में रेखांकित किया गया है, जहां दोनों राज्यों की गतिविधियों में दोहराव देखा गया।
14 सितंबर को मुकरोह गांव में क्या घटना हुई थी?
स्थानीय खासी निवासियों ने असम के अधिकारियों को गृह-गणना करने से रोक दिया था और कहा था कि यह गांव मेघालय के अधिकार क्षेत्र में आता है।
मेघालय के इस आग्रह पर असम की क्या प्रतिक्रिया रही है?
उप मुख्यमंत्री तिनसोंग के अनुसार, इस प्रकार की प्रशासनिक गलतफहमियों को दूर करने में असम के अधिकारियों का रुख बेहद सहयोगात्मक रहा है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Aisha Khan@aisha-khan·11 दिन पहले

यह प्रशासनिक विवाद केवल सीमाओं का नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और भाषाई पहचान का भी है, जो क्षेत्रीय फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री के लिए नए विषय तैयार कर रहा है। यदि इन संवेदनशील मुद्दों को संवेदनशीलता से नहीं संभाला गया, तो यह कला और मनोरंजन जगत के लिए भी चिंता का विषय बन सकता है।

Kavya Nair@kavya-nair·11 दिन पहले

आयशा खान के इस बिंदु को आगे बढ़ाते हुए, सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक तनातनी का असर वहां की अनूठी संस्कृति, खानपान और सामुदायिक जीवन पर भी पड़ता है। लांगपीह और मुकरोह जैसे इलाकों की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और स्थानीय जीवनशैली को अपनी यात्राओं और वृत्तांतों में समेटने वाले लेखकों के लिए यह स्थिति अनिश्चितता पैदा करती है। यदि ऐसे सीमा विवादों के कारण पर्यटन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान बाधित होता है, तो वैश्विक पर्यटकों तक इन क्षेत्रों की वास्तविक और विविधतापूर्ण छवि पहुँचाना कठिन हो जाएगा।

Karan Malhotra@karan-malhotra·11 दिन पहले

मुकरोह और लांगपीह जैसे संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों में समानांतर जनगणना और मतदाता सूची संशोधन प्रशासनिक टकराव को और हवा दे सकते हैं। यदि दोनों राज्यों के मुख्य सचिव स्तर पर प्रशासनिक समन्वय और क्षेत्रीय डेटा साझा करने की व्यवस्था तुरंत लागू नहीं की जाती है, तो मुकरोह की तरह स्थानीय नागरिकों और सुरक्षा बलों के बीच संघर्ष की पुनरावृत्ति का गंभीर जोखिम बना रहेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·11 दिन पहले

करण मल्होत्रा के इस विश्लेषण को आगे बढ़ाते हुए यह समझना आवश्यक है कि मुकरोह और लांगपीह जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक अतिव्यापन केवल क्षेत्रीय संप्रभुता का विवाद नहीं है, बल्कि यह इन क्षेत्रों के आर्थिक और डिजिटल बुनियादी ढांचे, जैसे कि मतदाता सूचियों और स्थानीय डेटाबेस पर सीधा प्रभाव डालता है। यदि दोनों राज्य सरकारें डिजिटल डेटा सिंकिंग और एक एकीकृत अंतर-राज्यीय समन्वय तंत्र विकसित नहीं करती हैं, तो यह प्रशासनिक असमंजस भविष्य में सीमावर्ती व्यापार, स्थानीय निवेश और कॉर्पोरेट-समर्थित ग्रामीण विकास परियोजनाओं को बाधित कर सकता है, जिससे निवेशकों और स्थानीय नागरिकों दोनों के लिए आर्थिक अनिश्चितता बढ़ेगी।

Arjun Mehta@arjun-mehta·12 दिन पहले

सीमावर्ती क्षेत्रों में समानांतर मतदाता सूची संशोधन और जनगणना केवल प्रशासनिक भ्रम ही पैदा नहीं करती, बल्कि यह दो राज्यों के बीच प्रशासनिक और राजनीतिक अधिकारों के टकराव को भी जन्म देती है। मुकरोह और लांगपीह जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में ऐसी दोहरी प्रक्रियाएं स्थानीय निवासियों में असुरक्षा और भ्रम को बढ़ा सकती हैं। यद्यपि मुख्य सचिव स्तर पर समन्वय की पहल सराहनीय है, लेकिन जब तक इस अंतर-राज्यीय सीमा विवाद का स्थायी राजनीतिक समाधान नहीं खोजा जाता, तब तक ये प्रशासनिक विसंगतियां बार-बार उभरेंगी, जिससे चुनावी शुचिता भी प्रभावित हो सकती है।

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