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मिजोरम की चकमा स्वायत्त जिला परिषद ने स्कूलों में शुरू किया मिजो स्पीकिंग डेमिजोरम
28 सित॰ 2026, 2:01 pm (3 दिन पहले)· 2

मिजोरम की चकमा स्वायत्त जिला परिषद ने स्कूलों में शुरू किया मिजो स्पीकिंग डे

मिजोरम के लोंगtlai जिले में चकमा स्वायत्त जिला परिषद ने अपने स्कूलों में हर बुधवार को मिजो स्पीकिंग डे मनाने और 2027-28 सत्र से नई शिक्षा नीति लागू करने का फैसला किया है।

मिजोरम के लोंगलाई जिले में स्थित चकमा स्वायत्त जिला परिषद ने स्थानीय छात्रों के बीच भाषाई कौशल को मजबूत करने के लिए एक नई पहल की शुरुआत की है। परिषद के अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में साप्ताहिक स्तर पर भाषा अभ्यास का यह विशेष दिन आयोजित किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत हफ्ते के हर बुधवार को स्कूलों में केवल मिजो भाषा के प्रयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे बच्चों को इस भाषा में बातचीत करने और सीखने के अधिक से अधिक अवसर मिल सकें।

भाषा अभ्यास के लिए विशेष समिति का गठन

इस पूरे कार्यक्रम को सुचारू रूप से चलाने और इसके नियम कायदे तय करने के लिए एक प्रशासनिक समिति बनाई गई है। प्राइमरी शिक्षा विभाग के कार्यालय अधीक्षक सतीश चकमा को इस समिति का प्रमुख नियुक्त किया गया है, जो इस योजना के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश तैयार करेंगे। ये सारे महत्वपूर्ण निर्णय कमला नगर में स्थित परिषद के मुख्यालय में आयोजित एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान लिए गए। इस बैठक की अध्यक्षता शिक्षा विभाग के प्रभारी कार्यकारी सदस्य डोयमोय दावेग चकमा ने रविवार को की थी।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाने की तैयारी

अपनी शैक्षणिक व्यवस्था को आधुनिक और व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए, परिषद ने राज्य सरकार के नीतिगत ढांचे और दिशा-निर्देशों के अनुरूप वर्ष 2027-28 के अकादमिक सत्र से नई शिक्षा नीति को लागू करने का संकल्प लिया है। इस महत्वाकांक्षी लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला स्कूल शिक्षा बोर्ड और अन्य संबंधित विभाग मिलकर जरूरी तैयारियां और दिशानिर्देश तय करेंगे। इसके अलावा, बैठक में शिक्षकों के स्थानांतरण और पदस्थापन से जुड़े नियमों को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है।

शिक्षकों के स्थानांतरण नियमों और साक्षरता पर जोर

परिषद ने चकमा स्वायत्त जिला परिषद प्रारंभिक स्कूल शिक्षक स्थानांतरण और पदस्थापन नियम 2026 के मसौदे को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है। इस मसौदे की समीक्षा करने और इसे अंतिम रूप देने के लिए एक विशेष समिति बनाई गई है जिसकी कमान शिक्षा अधिकारी पुण्य जगत तालुकदार संभाल रहे हैं। इस समिति को 10 अक्टूबर तक अपने सुझाव देने हैं, जिसके बाद संशोधित मसौदे को कार्यकारी समिति के समक्ष मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा। इसके साथ ही, कार्यकारी समिति की मंजूरी और फंड की उपलब्धता के आधार पर पूरे क्षेत्र में एक व्यवस्थित साक्षरता अभियान शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है।

शुक्रवार को ध्यान सत्र और अन्य गतिविधियां

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य और एकाग्रता को बढ़ाने के लिए परिषद ने एक और अनूठा कदम उठाया है। इसके तहत हर शुक्रवार को सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में 10 मिनट का अनापान ध्यान सत्र आयोजित किया जाएगा, जिससे बच्चे अपनी मानसिक शांति और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता को विकसित कर सकें।

सवाल-जवाब

मिजोरम में कौन सी परिषद ने मिजो स्पीकिंग डे शुरू किया है?
चकमा स्वायत्त जिला परिषद ने स्कूलों में साप्ताहिक मिजो स्पीकिंग डे शुरू किया है।
यह नियम किस जिले के स्कूलों में लागू होगा?
यह नियम मिजोरम के लोंगलाई जिले के अंतर्गत आने वाले स्कूलों में लागू होगा।
साप्ताहिक भाषा अभ्यास किस दिन आयोजित किया जाएगा?
यह अभ्यास प्रत्येक बुधवार को सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में होगा।
नई शिक्षा नीति कब से लागू की जाएगी?
परिषद ने 2027-28 के अकादमिक सत्र से नई शिक्षा नीति अपनाने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार को स्कूलों में कौन सी विशेष गतिविधि होगी?
सभी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में हर शुक्रवार को 10 मिनट का अनापान ध्यान सत्र होगा।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Nyra Kaif@nyra-kaif·2 दिन पहले

बुधवार को भाषा का अभ्यास और शुक्रवार को ध्यान, बच्चों की मानसिक सेहत के लिए ये रूटीन काफी कूल है।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 दिन पहले

बुधवार को मिजो और शुक्रवार को ध्यान, बच्चों पर अचानक इतने सारे नए नियम थोपना ठीक नहीं लगता। थोड़ा सोचना चाहिए कि छात्र इस बदलाव को कितनी आसानी से अपना पाएंगे।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·2 दिन पहले

अर्जुन जी, बुधवार को भाषा और शुक्रवार को ध्यान से बच्चों पर कोई बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि ये आदतें उनके मानसिक और भाषाई विकास में मदद ही करेंगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 दिन पहले

बच्चों को स्थानीय भाषा और ध्यान से जोड़ने का फैसला बढ़िया है। स्कूलों में बुधवार को मिजो बोलना और शुक्रवार को ध्यान कराना रूटीन सुधारने में मदद करेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·2 दिन पहले

सही कहा करण, शुक्रवार को दस मिनट का ध्यान बच्चों का मन शांत रखने में बहुत काम आएगा।

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