रामदेवरा जा रहे जातरुओं के लिए मसीहा बने नागौर के 10 युवा, दो एंबुलेंस से दे रहे मुफ्त इलाजपूर्णिया के गुल्लू दा का अनूठा जलरंग चित्र, 12 रंगों से उकेरा पीएम मोदी और भगवान विश्वकर्मा का संगमसीकर के डॉ. सुरेश कुमार वर्मा ने 51वीं बार पास की NET परीक्षा, बेटी प्रियांशी ने भी केमिस्ट्री में हासिल किए 100 फीसदी अंकजंतर-मंतर मामलों में कोर्ट के अलग फैसले, स्वतंत्र भारद्वाज को मिली अंतरिम राहत तो अजीत भारती की मुश्किलें बरकरारसियाराम और खादी से लेकर TR फैब्रिक तक, पुरुषों के लिए शादी और रोजाना पहनने के कपड़ों की शानदार गाइडतेलंगाना सरकार कराएगी केसीआर के एर्रावेल्ली फार्महाउस की जांच, सरकारी जमीन पाए जाने पर गरीबों को बांटने का एलानअदालत के आदेश पर दिशा सालियान मौत मामले में CBI ने दर्ज की FIR, कई बड़े राजनेताओं और अभिनेताओं के नाम शामिलराजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट की क्षमता 5.1 करोड़ करने के लिए 13,975 करोड़ रुपये का नया प्रोजेक्ट शुरूजोधपुर की पूजा राठौड़ ने रचा इतिहास, व्हीलचेयर हैंडबॉल विश्व चैंपियनशिप में भारत की पहली महिला रेफरी बनींनेपाल के आपदा पीड़ितों के लिए देहरादून ने बढ़ाया मदद का हाथ, जुटाए करीब 70 लाख रुपये
मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में रक्षा, तकनीक और प्रशिक्षण पर जनरल धीरज सेठ की वार्ताएंभारत
16 सित॰ 2026, 6:57 pm (21 मिनट पहले)· 0

मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में रक्षा, तकनीक और प्रशिक्षण पर जनरल धीरज सेठ की वार्ताएं

रूस में 16 से 18 सितंबर 2026 तक चलने वाले आधिकारिक कार्यक्रम के लिए जनरल धीरज सेठ उपस्थित हैं। मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में उनकी वार्ताएं रक्षा सहयोग, सैन्य प्रशिक्षण, पेशेवर सहयोग और मौजूदा सैन्य विकास पर केंद्रित रहेंगी।

भारतीय सेना के प्रमुख जनरल धीरज सेठ रूस के आधिकारिक दौरे पर हैं। उनका कार्यक्रम 16 से 18 सितंबर 2026 तक चलेगा, और इसमें द्विपक्षीय रक्षा साझेदारी, प्रशिक्षण, पेशेवर सैन्य सहयोग तथा सैन्य तकनीक से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता दी जाएगी।

इस यात्रा का मुख्य मकसद दोनों देशों के लंबे इतिहास वाले रक्षा संबंधों को और भरोसेमंद बनाना तथा भारतीय और रूसी सेना के बीच सहयोग को नए सिरे से आगे बढ़ाना है। मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग, दोनों शहरों में तय मुलाकातें इसी व्यापक उद्देश्य से जुड़ी हैं।

ये भी पढ़ें

शीर्ष सैन्य अधिकारियों के बीच सहयोग की वार्ता

मॉस्को में जनरल धीरज सेठ और रूस की लैंड फोर्सेज के कमांडर-इन-चीफ, कर्नल जनरल आंद्रेई निकोलायेविच मोर्दविचेव, आमने-सामने होंगे।

दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण सैन्य मुद्दों पर इन अधिकारियों के बीच बातचीत होगी। पेशेवर सैन्य सहयोग के तरीके और प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाएं इस संवाद का प्रमुख हिस्सा रहेंगी।

रूस के रक्षा मंत्रालय में जनरल सेठ की वरिष्ठ अधिकारियों से भी मुलाकातें तय हैं। इनमें रूस के उप रक्षा मंत्री वसीली सर्गेयेविच ओस्माकोव शामिल होंगे।

वार्ता में रक्षा उद्योग और खरीद से जुड़े मामलों के साथ मौजूदा सैन्य विकास पर दोनों पक्ष अपने दृष्टिकोण रखेंगे। रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के संभावित तरीकों और सैन्य तकनीक से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होगी।

मॉस्को में रक्षा नियंत्रण केंद्र और श्रद्धांजलि कार्यक्रम

मॉस्को स्थित नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण भी कार्यक्रम का हिस्सा है। इस दौरे से रूस के रक्षा नियंत्रण तंत्र को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।

राजधानी में जनरल सेठ के स्वागत समारोह का हिस्सा गार्ड ऑफ ऑनर होगा। यह कार्यक्रम दौरे के औपचारिक सैन्य प्रोटोकॉल को पूरा करेगा।

सम्मान समारोह के बाद उनका अगला कार्यक्रम मॉस्को की अज्ञात सैनिक की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने का है। इस व्यवस्था में शहीद सैनिकों की याद को दौरे के एजेंडे में स्थान दिया गया है।

सेंट पीटर्सबर्ग में सैन्य अकादमी से संवाद

अपने कार्यक्रम के अगले चरण में जनरल धीरज सेठ सेंट पीटर्सबर्ग जाएंगे। वहां मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी का निरीक्षण तय है।

अकादमी में वरिष्ठ अधिकारियों और शिक्षकों से उनकी बातचीत होगी। सैन्य प्रशिक्षण के तरीकों और पेशेवर सहयोग के विषयों पर दोनों तरफ से विचार सामने रखे जाएंगे।

यह मुलाकात सैन्य शिक्षा संस्थानों के बीच सीधे संवाद का मौका होगा। इससे प्रशिक्षण और पेशेवर सहयोग को संस्थागत स्तर पर आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सैन्य कूटनीति और द्विपक्षीय रक्षा संबंधों को बल

रक्षा मंत्रालय ने इस कार्यक्रम को द्विपक्षीय सैन्य कूटनीति की निरंतरता का हिस्सा बताया है। इसके जरिए सेना-सेना सहयोग को दी जा रही अहमियत को दोबारा रेखांकित किया गया है।

मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में तय सभी बैठकें रक्षा साझेदारी को और गहराई देने की दिशा में हैं। इन वार्ताओं से भारत और रूस के लंबे इतिहास वाले रक्षा संबंधों को नया आधार मिलने की उम्मीद है, साथ ही भावी सैन्य सहयोग के लिए एक व्यवस्थित ढांचा तैयार होने की संभावना है।

सवाल-जवाब

जनरल धीरज सेठ का रूस दौरा कब हो रहा है?
उनका आधिकारिक कार्यक्रम 16 से 18 सितंबर 2026 तक चलेगा।
इस दौरे का मुख्य उद्देश्य क्या है?
लंबे समय से चले आ रहे भारत-रूस रक्षा संबंधों और दोनों सेनाओं के सहयोग को मजबूत करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
मॉस्को में जनरल सेठ किन सैन्य अधिकारियों से मिलेंगे?
वे रूसी स्थलीय सेना के कमांडर-इन-चीफ कर्नल जनरल आंद्रेई निकोलायेविच मोर्दविचेव से मिलेंगे।
रूस के रक्षा मंत्रालय में कौन शामिल होगा?
वरिष्ठ अधिकारियों के समूह में उप रक्षा मंत्री वसीली सर्गेयेविच ओस्माकोव भी होंगे।
मॉस्को और सेंट पीटर्सबर्ग में किन स्थानों का दौरा तय है?
मॉस्को में अज्ञात सैनिक की समाधि और नेशनल डिफेंस कंट्रोल सेंटर शामिल हैं, जबकि सेंट पीटर्सबर्ग में मिखाइलोव्स्काया मिलिट्री आर्टिलरी अकादमी जाना है।
प्रशिक्षण और पेशेवर सहयोग पर क्या चर्चा होगी?
दोनों पक्ष सैन्य प्रशिक्षण और पेशेवर सहयोग के तरीकों पर विचार साझा करेंगे।
क्या कोई रक्षा खरीद सौदा घोषित हुआ है?
कार्यक्रम में रक्षा उद्योग और खरीद पर चर्चा तय है, लेकिन कोई खास सौदा, रकम या समय-सीमा नहीं बताई गई है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR