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रद्दी समझकर न फेंकें पुराना अखबार, किचन गार्डन में इन 3 तरीकों से लाएं बेहद कामराजस्थान
14 सित॰ 2026, 5:24 pm (11 दिन पहले)· 1

रद्दी समझकर न फेंकें पुराना अखबार, किचन गार्डन में इन 3 तरीकों से लाएं बेहद काम

घर में पड़े पुराने अखबारों को रद्दी में फेंकने के बजाय आप उनका इस्तेमाल किचन गार्डन में मल्चिंग, बायोडिग्रेडेबल सीडिंग पॉट और सफाई बनाए रखने के लिए कर सकते हैं। यह आसान और पर्यावरण के अनुकूल तरीका पौधों की बेहतर ग्रोथ में मदद करता है।

घर में रोजाना आने वाले अखबार को अक्सर लोग पढ़ने के बाद रद्दी समझकर फेंक देते हैं। लेकिन अगर आपको बागवानी का शौक है, तो यह पुराना अखबार आपके किचन गार्डन के लिए बेहद मददगार साबित हो सकता है। पौधों की सिंचाई से लेकर उनकी सुरक्षा तक, अखबार का इस्तेमाल कई तरह के छोटे-बड़े कामों में बेहद आसानी से किया जा सकता है।

नमी बनाए रखने के लिए प्राकृतिक मल्चिंग

पुराने समाचार पत्रों का सबसे बेहतरीन और आसान उपयोग मिट्टी की मल्चिंग करने में किया जा सकता है। इसके लिए आपको पौधे के चारों तरफ की मिट्टी पर अखबार की चार से पांच परतें बिछानी होंगी। ध्यान रखें कि अखबार बिछाते समय पौधे के मुख्य तने को पूरी तरह से न ढकें, क्योंकि इससे तने में सड़न पैदा हो सकती है। अखबार की परतों को अपनी जगह पर स्थिर रखने के लिए आप उसके ऊपर थोड़ी सूखी पत्तियां या बगीचे की मिट्टी डाल सकते हैं। यह प्राकृतिक परत मिट्टी से पानी के वाष्पीकरण को रोकती है, जिससे बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती और साथ ही यह अनचाही घास या खरपतवार को उगने से भी रोकती है।

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घर पर बनाएं बायोडिग्रेडेबल सीडिंग पॉट

यदि आप अपने किचन गार्डन के लिए बीजों से नए पौधे तैयार करते हैं, तो पुराने अखबार की मदद से छोटे सीडिंग पॉट तैयार किए जा सकते हैं। अखबार को मोड़कर छोटे कप या ग्लास का आकार दें, उसमें मिट्टी भरें और बीज बो दें। इस तरीके का सबसे बड़ा फायदा यह है कि जब पौधा थोड़ा बड़ा और मजबूत हो जाए, तो आप उसे अखबार के इस कप सहित सीधे बड़ी मिट्टी या गमले में रोप सकते हैं। समय के साथ अखबार मिट्टी में खुद ही गल जाता है, जिससे पौधे की जड़ों को नुकसान नहीं पहुंचता। इससे नर्सरी में इस्तेमाल होने वाली प्लास्टिक की थैलियों या प्लास्टिक कप का इस्तेमाल भी काफी कम हो जाता है।

गमलों के नीचे रखें और सफाई बनाए रखें

अखबारों का उपयोग गमलों के नीचे की जगह को साफ-सुथरा रखने के लिए भी किया जा सकता है। जब हम पौधों में पानी डालते हैं, तो गमले के नीचे के छिद्र से निकलने वाला गंदा पानी फर्श को खराब कर देता है। इस गंदगी से बचने के लिए गमलों के नीचे अखबार की कुछ परतें बिछाई जा सकती हैं। हालांकि, इस बात का विशेष ध्यान रखें कि गीले अखबार को लंबे समय तक वैसे ही न छोड़ें, बल्कि समय-समय पर उसे बदलते रहें ताकि वहां फंगस न पनपे। इसके साथ ही, चमकीले, प्लास्टिक कोटेड या बहुत ज्यादा रंगीन प्रिंट वाले विज्ञापनों के बजाय केवल साधारण न्यूज़प्रिंट वाले अखबार का ही इस्तेमाल करना पौधों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित होता है।

पर्यावरण के अनुकूल बागवानी की ओर एक कदम

रोज के कचरे को फेंकने के बजाय उसे इस तरह से दोबारा उपयोग में लाना एक बेहद समझदारी भरा कदम है। इससे न केवल घर से निकलने वाले सूखे कचरे की मात्रा कम होती है, बल्कि पौधों की देखभाल भी काफी व्यवस्थित हो जाती है। थोड़ी सी समझदारी और रचनात्मकता के साथ, आप अपने घर के छोटे से किचन गार्डन को पर्यावरण के अनुकूल और अधिक सुंदर बना सकते हैं।

सवाल-जवाब

क्या पुराने अखबारों की स्याही मिट्टी और पौधों के लिए सुरक्षित है?
हां, अधिकांश आधुनिक अखबारों में सोया-आधारित जैविक स्याही का उपयोग होता है, जो पूरी तरह से सुरक्षित है और मिट्टी के सूक्ष्मजीवों को नुकसान नहीं पहुंचाती।
गमलों के नीचे बिछाई गई अखबार की परतों को कितने दिनों में बदलना चाहिए?
जैसे ही अखबार की परतें पूरी तरह से गीली हो जाएं या गलने लगें, उन्हें तुरंत बदल देना चाहिए ताकि वहां फंगस न पनपे।
क्या बागवानी में रंगीन मैगजीन या चमकीले कागजों का इस्तेमाल किया जा सकता है?
नहीं, चमकीले और बहुत रंगीन विज्ञापनों वाले कागजों से बचना चाहिए क्योंकि उनमें भारी धातु वाली स्याही और प्लास्टिक कोटिंग होती है जो मिट्टी को नुकसान पहुंचा सकती है।
मिट्टी पर अखबार बिछाने से खरपतवार का विकास कैसे रुकता है?
अखबार की परतें मिट्टी तक सूरज की रोशनी को पहुंचने से रोकती हैं, जिससे खरपतवार के बीज अंकुरित नहीं हो पाते और उनका विकास रुक जाता है।
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