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सोमेसर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग, मारवाड़ प्रवासियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्रभारत
28 जून 2026, 11:57 am (32 दिन पहले)· 4

सोमेसर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की मांग, मारवाड़ प्रवासियों ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को लिखा पत्र

राजस्थान के पाली जिले में स्थित सोमेसर रेलवे स्टेशन के नाम को बदलकर सोमेश्वर करने की मांग उठी है। मुंबई स्थित मारवाड़ प्रवासी संघ ने इसे सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से अधिक शुद्ध नाम बताते हुए रेल मंत्री को पत्र सौंपा है।

राजस्थान के पाली जिले में स्थित सोमेसर रेलवे स्टेशन का नाम बदलने को लेकर एक नई बहस शुरू हो गई है। लंबे समय से अपने क्षेत्रों की पहचान को लेकर सतर्क रहने वाले स्थानीय लोगों और प्रवासियों ने अब इस स्टेशन के नाम को इसकी मूल शास्त्रीय पहचान देने की पुरजोर मांग की है। मुंबई के मारवाड़ प्रवासी संघ ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को एक औपचारिक मांग पत्र भेजा है, जिसमें स्टेशन का नाम बदलकर सोमेश्वर करने की सिफारिश की गई है।

संघ का मानना है कि जो नाम अभी इस्तेमाल किया जा रहा है, वह स्थानीय बोलचाल की भाषा में हुए बदलावों के कारण अपनी शुद्धता खो चुका है। उनका कहना है कि आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज सोमेसर शब्द वास्तव में एक विकृत रूप है, जिसे सही किया जाना समय की मांग है। इस बदलाव से स्टेशन को उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक गरिमा वापस मिल सकेगी।

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सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रश्न

मारवाड़ प्रवासी संघ ने रेल मंत्रालय को भेजे अपने पत्र में इस बात पर विशेष बल दिया है कि यह केवल एक स्टेशन का नाम नहीं, बल्कि क्षेत्र की गहरी धार्मिक परंपरा से जुड़ा विषय है। उनके अनुसार, सोमेसर नाम एक अपभ्रंश है, जबकि सही और प्रामाणिक नाम सोमेश्वर है। यह नाम न केवल इस क्षेत्र की समृद्ध विरासत को दर्शाता है, बल्कि सनातन धर्म में आस्था के केंद्रों को भी सम्मान देता है।

पदाधिकारियों का कहना है कि संस्कृत व्याकरण के दृष्टिकोण से देखें तो सोम का अर्थ चंद्रमा और ईश्वर का तात्पर्य स्वामी से है, यानी सोमेश्वर भगवान शिव का ही एक नाम है। शिव उपासना की परंपरा और भारतीय संस्कृति में इस नाम का बहुत महत्व है। सोमेश्वर नाम से देश भर में पहले से ही कई प्राचीन तीर्थ और मंदिर मौजूद हैं, जो इस नाम की पवित्रता और ऐतिहासिक प्रासंगिकता को पुख्ता करते हैं।

इतिहास की दृष्टि से बदलाव का महत्व

प्रवासी समुदाय का यह भी मानना है कि यदि इस स्टेशन का नाम बदलकर सोमेश्वर किया जाता है, तो यह केवल एक तकनीकी सुधार नहीं होगा, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों को सहेजने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। संघ ने रेल मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वे इस मांग पर सकारात्मक विचार करें और इतिहास व व्याकरण के अनुरूप नाम सुधारने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएं। उनके अनुसार, इससे स्थानीय लोगों को अपनी अस्मिता और गौरव के साथ एक नई पहचान मिलेगी।

सवाल-जवाब

सोमेसर रेलवे स्टेशन कहां स्थित है?
सोमेसर रेलवे स्टेशन राजस्थान के पाली जिले में स्थित है।
मारवाड़ प्रवासी संघ ने रेल मंत्री से क्या मांग की है?
संघ ने सोमेसर रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर सोमेश्वर करने की आधिकारिक मांग की है।
सोमेश्वर नाम के पीछे का तर्क क्या है?
संघ का कहना है कि सोमेसर नाम एक अपभ्रंश है, जबकि सोमेश्वर भगवान शिव का एक नाम है और यह क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के अधिक अनुकूल है।
क्या रेल मंत्री को इस संबंध में पत्र भेजा गया है?
हां, मुंबई के मारवाड़ प्रवासी संघ ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को इस विषय पर एक मांग पत्र सौंपा है।
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