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सोनीपत में पिटबुल का खौफ: गली में जा रहे 6 महीने के मासूम पर किया हमला, सीसीटीवी में कैद हुई घटनाहरियाणा
17 सित॰ 2026, 6:15 pm (5 दिन पहले)· 1

सोनीपत में पिटबुल का खौफ: गली में जा रहे 6 महीने के मासूम पर किया हमला, सीसीटीवी में कैद हुई घटना

हरियाणा के सोनीपत में एक खतरनाक पिटबुल कुत्ते ने 6 महीने के बच्चे और उसकी बुआ पर हमला कर दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बच्चा रोहतक पीजीआई में जिंदगी और मौत के…

हरियाणा के सोनीपत में पालतू कुत्तों के आतंक का एक नया और डरावना मामला सामने आया है। यहां की एक स्थानीय गली में एक खतरनाक पिटबुल नस्ल के कुत्ते ने महज छह महीने के एक दुधमुंहे बच्चे पर अचानक हमला कर दिया। इस खौफनाक वारदात का पूरा वीडियो पास लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। घटना के वक्त बच्चा अपनी बुआ के साथ घर के बाहर गली से गुजर रहा था, तभी सामने के एक मकान से निकलकर कुत्ता सीधे उन पर झपट पड़ा। इस भीषण हमले में मासूम और उसे बचाने की कोशिश करने वाली उसकी बुआ दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

सिक्का कॉलोनी में हुई खौफनाक वारदात

यह पूरी घटना सोनीपत की सिक्का कॉलोनी की है। शुरुआती विवरण के अनुसार, छह महीने के इस मासूम को उसकी बुआ गली में लेकर जा रही थीं। आसपास कुछ अन्य लोग भी बैठे हुए थे, तभी अचानक एक घर का दरवाजा खुला और वहां पल रहा पिटबुल कुत्ता तेजी से दौड़ता हुआ बाहर आया। बिना किसी चेतावनी के कुत्ते ने सीधे बच्चे को अपने जबड़े में दबोच लिया। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि हमला कितना अचानक और आक्रामक था। अपनी जान की परवाह किए बिना बच्चे की बुआ ने तुरंत बीच-बचाव किया और कुत्ते से भिड़ गई ताकि बच्चे को बचाया जा सके। इस हाथापाई और हमले में कुत्ता बुआ पर भी हमलावर हो गया, जिससे दोनों बुरी तरह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े।

रोहतक पीजीआई में जिंदगी के लिए संघर्ष

पिटबुल के इस आक्रामक हमले में छह महीने का बच्चा गंभीर रूप से जख्मी हो गया है। मौके पर मची चीख-पुकार और कोहराम के बाद परिजन तुरंत दोनों को लेकर स्थानीय अस्पताल दौड़े। डॉक्टरों ने बच्चे की बेहद नाजुक और गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। वर्तमान में इस मासूम बच्चे का इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है, जहां वह अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी और मौत के बीच गंभीर संघर्ष लड़ रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने इलाके के लोगों को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई बच्चे के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहा है।

मालिक की लापरवाही पर उठे गंभीर सवाल

घटना का सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद अब कुत्ते के मालिक की घोर लापरवाही पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय निवासियों और आसपास के लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि पिटबुल जैसी खूंखार और खतरनाक नस्ल के कुत्ते को इस प्रकार खुलेआम बिना किसी सुरक्षा या नियंत्रण के क्यों छोड़ा गया था। क्या कुत्ते के मालिक द्वारा स्थानीय प्रशासन के नियमों और सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन नहीं किया जा रहा था? हालांकि, इस मामले में अभी तक पीड़ित परिजनों की ओर से पुलिस थाने में कोई आधिकारिक या लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। इसके बावजूद, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और जनता में रोष बढ़ने के बाद अब स्थानीय प्रशासन पर कड़े कदम उठाने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

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सवाल-जवाब

यह घटना कहाँ पर हुई है?
यह घटना हरियाणा के सोनीपत की सिक्का कॉलोनी में हुई है।
इस हमले में कौन घायल हुआ है?
इस हमले में 6 महीने का एक मासूम बच्चा और उसकी बुआ गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
बच्चे का इलाज कहाँ चल रहा है?
मासूम बच्चे को गंभीर हालत में रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है।
क्या पुलिस में कोई शिकायत दर्ज कराई गई है?
फिलहाल इस मामले में परिजनों की ओर से पुलिस को कोई आधिकारिक या लिखित शिकायत नहीं दी गई है।
घटना का खुलासा कैसे हुआ?
यह पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Meera Joshi@meera-joshi·4 दिन पहले

यह घटना सिर्फ एक प्रशासनिक या सुरक्षा चूक नहीं है, बल्कि यह हमारे मानसिक स्वास्थ्य और सामाजिक संवेदनाओं पर गहरा आघात है। इस तरह के हिंसक हादसों से बच्चों और परिजनों पर जो मानसिक व भावनात्मक दबाव पड़ता है, वह उनके पूरे जीवन को प्रभावित कर सकता है। पालतू जानवरों को पालने के लिए सख्त मानसिक और सामाजिक जवाबदेही तय होना बेहद जरूरी है, ताकि सार्वजनिक जगहों पर ऐसा खौफनाक माहौल न बने।

Arjun Mehta@arjun-mehta·4 दिन पहले

सोनीपत की यह घटना केवल एक हादसे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहरी स्थानीय निकायों और नीति निर्माताओं के लिए एक गंभीर प्रशासनिक चुनौती है। आवासीय क्षेत्रों में खूंखार नस्ल के कुत्तों के रख-रखाव को लेकर स्पष्ट और कड़े नियम न होना और प्रशासनिक सुस्ती इस तरह के संकटों को जन्म दे रही है। यदि समय रहते सार्वजानिक सुरक्षा और पशु नियंत्रण के कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो ऐसे मामलों में नागरिकों की सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी।

Ravikash Gupta@ravikash·4 दिन पहले

सोनीपत की यह घटना आवासीय क्षेत्रों में सार्वजनिक सुरक्षा और पशु नियंत्रण के नियमों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। जब तक खतरनाक नस्लों के रख-रखाव के लिए सख्त और जवाबदेह नीतियां नहीं बनाई जाएंगी, तब तक इस तरह के हादसों में मासूम नागरिकों की जान जोखिम में रहेगी।

Rohan Verma@rohan-verma·4 दिन पहले

यह घटना आवासीय क्षेत्रों में खतरनाक नस्ल के कुत्तों के नियमन और पालतू पशु मालिकों की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उत्तर भारत के शहरी और अर्ध-शहरी इलाकों में पिटबुल जैसे आक्रामक श्वानों को बिना उचित नियंत्रण और सुरक्षा उपायों के रखने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रशासन को ऐसे मामलों में बिना शिकायत के भी स्वतः संज्ञान लेते हुए कड़े सुरक्षा दिशा-निर्देश लागू करने चाहिए, अन्यथा इस तरह की मानवीय त्रासदियाँ रुकने वाली नहीं हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·4 दिन पहले

रोहन वर्मा की बात को आगे बढ़ाते हुए, यह सिर्फ एक स्थानीय चूक नहीं बल्कि कानूनी और प्रशासनिक विफलता का गंभीर मामला है। जब तक नगर निगम और स्थानीय पुलिस ऐसे मामलों में स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) लेकर मालिक के खिलाफ आपराधिक लापरवाही (धारा 125/289 जैसी कानूनी धाराओं) के तहत सख्त मुकदमे दर्ज नहीं करते, तब तक पालतू जानवरों के नाम पर जनता की सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी। कानूनी जानकारों का मानना है कि केवल दिशा-निर्देश जारी करना नाकाफी है, बल्कि खूंखार नस्लों के पंजीयन और नियंत्रण के लिए ज़मीनी स्तर पर निगरानी तंत्र का होना अनिवार्य है।

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