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पाली के सोसायटी नगर में अचानक धंसी खोखली सड़क, पिता ने फुर्ती से बचाया बच्चे कोराजस्थान
3 नव॰ 2026, 7:43 am (12 मिनट पहले)· 0

पाली के सोसायटी नगर में अचानक धंसी खोखली सड़क, पिता ने फुर्ती से बचाया बच्चे को

पाली के वार्ड 53 में सीवरेज लीकेज से खोखली हुई सड़क अचानक धंसने से 10 साल का बच्चा गिरने से बाल-बाल बचा। नगर निगम के न पहुंचने पर स्थानीय पार्षद ने खुद अपनी जेब से खर्च कर गड्ढा भरवाया।

राजस्थान के पाली स्थित सोसायटी नगर में भूमिगत सीवरेज व्यवस्था की खराबी के कारण अचानक सड़क धंसने से एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। वार्ड 53 के इस आवासीय इलाके में सीवर लाइन के रिसाव के चलते सड़क नीचे से खोखली हो गई थी, जो राहगीरों के गुजरते समय अचानक धंस गई। इस घटना के दौरान वहां से निकल रहा 10 साल का मासूम जिग्नेश अचानक बने गहरे गड्ढे में समाने लगा। गनीमत यह रही कि बच्चे के पिता उसी समय उसके बिल्कुल पास खड़े थे। उन्होंने बिना एक पल की देरी किए तुरंत बच्चे का हाथ पकड़कर उसे ऊपर खींच लिया, जिससे बच्चे की जान सुरक्षित बच गई और उसे गंभीर चोट नहीं आई।

अचानक बनी जानलेवा खाई और बचाव का खौफनाक मंजर

सोसायटी नगर क्षेत्र में रहने वाले लोगों के अनुसार सीवरेज नेटवर्क में लंबे समय से आंतरिक लीकेज और खराबी की समस्या बनी हुई थी। भूमिगत स्तर पर पानी के निरंतर रिसाव की वजह से सड़क की नींव भीतर ही भीतर पूरी तरह खोखली हो चुकी थी। किसी को इस बात का अंदाजा नहीं था कि ऊपर से सामान्य दिखने वाली डामर की सतह के नीचे भारी गैप बन चुका है। अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे बैठ गया और वहां एक गहरा जानलेवा गड्ढा निर्मित हो गया।

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उसी क्षण दस वर्षीय बालक जिग्नेश वहां से गुजर रहा था और उसका पैर धंसती हुई जमीन पर आ गया। अचानक पैर के नीचे की जमीन खिसक जाने से वह संतुलन खो बैठा और गड्ढे में गिरने लगा। ठीक बगल में मौजूद पिता ने अप्रत्याशित फुर्ती और सतर्कता दिखाते हुए तुरंत झुककर जिग्नेश का हाथ कसकर थाम लिया। पिता के समय रहते हाथ खींच लेने के कारण बच्चा गड्ढे की गहराइयों में पूरा समाने से बच गया। इस भयानक दृश्य को अपनी आंखों से देखने वाले आसपास के बाशिंदों के रोंगटे खड़े हो गए और इलाके में दहशत का माहौल बन गया।

सूचना के बाद भी बेपरवाह बना रहा नगर निगम प्रशासन

सड़क धंसने और बच्चे के बाल-बाल बचने की सूचना मिलते ही वार्ड 53 के स्थानीय पार्षद कालूराम जाट फौरन घटनास्थल पर पहुंचे। जमीनी हालात की संवेदनशीलता और खतरे को भांपते हुए पार्षद ने बिना समय गंवाए पाली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित तकनीकी कर्मचारियों को फोन पर पूरे वाकये की जानकारी दी। स्थानीय नागरिकों को भरोसा था कि दिनदहाड़े हुए इतने गंभीर वाकये के बाद निगम का अमला तत्परता दिखाएगा और खतरे वाली जगह पर घेराबंदी कर तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराएगा।

इसके बावजूद पाली नगर निगम की ओर से घोर प्रशासनिक उदासीनता देखने को मिली। स्थानीय पार्षद द्वारा बार-बार संपर्क साधे जाने और खतरे से अवगत कराने के बाद भी निगम का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी या तकनीकी कर्मचारी मौके पर सड़क की सुध लेने नहीं पहुंचा। निगम अधिकारियों के इस रवैये से स्थानीय लोगों में गहरा रोष फैल गया, क्योंकि सड़क के बीचोंबीच खुला पड़ा गहरा गड्ढा किसी भी समय वाहन चालकों या पैदल यात्रियों के लिए बड़े हादसे का सबब बन सकता था।

नागरिक सुरक्षा के लिए पार्षद ने खुद वहन किया मरम्मत का खर्च

नगर निगम के गैर-जिम्मेदाराना रवैये और विवशता को देखकर पार्षद कालूराम जाट ने खुद आगे बढ़कर स्थिति संभालने का फैसला किया। उन्होंने आम जनता और राहगीरों की जान को खतरे में छोड़ना मुनासिब नहीं समझा। पार्षद ने अपने निजी पैसों से तुरंत ईंटों और रोड़ी-मटेरियल का बंदोबस्त कराया। उन्होंने स्वयं मौके पर खड़े रहकर मजदूरों के जरिए उस खतरनाक गड्ढे में ईंटें भरवाईं और सड़क की ऊपरी सतह को अस्थायी तौर पर सुरक्षित कराया।

कालूराम जाट ने स्पष्ट किया कि निगम प्रशासन जनता के जान और माल की हिफाजत को लेकर कतई गंभीर नहीं है। जब आधिकारिक सूचना देने के बावजूद कोई भी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो उन्हें अपनी जेब से पैसे खर्च करके यह गड्ढा भरवाना पड़ा ताकि कोई अन्य मासूम बच्चा, बुजुर्ग या राहगीर इस गड्ढे में गिरकर किसी अनहोनी का शिकार न बने।

पूरे पाली शहर में नासूर बन चुका है सीवरेज नेटवर्क का संकट

सोसायटी नगर में पेश आई यह घटना कोई इकलौता मामला नहीं है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इसी इलाके में पूर्व में भी सीवर लाइन धंसने के चलते सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे बन चुके हैं। हकीकत यह है कि मौजूदा समय में पाली शहर का शायद ही ऐसा कोई वार्ड या मोहल्ला बचा हो, जो सीवरेज लाइन की दुर्दशा और खामियों से न जूझ रहा हो। जगह-जगह सीवर लाइनों में होने वाले लगातार लीकेज की वजह से गंदा पानी गलियों और मुख्य मार्गों पर बहता रहता है।

सड़कों पर बहते दूषित पानी और उससे उठने वाली सड़ांध ने निवासियों का जीना दूभर कर दिया है, साथ ही इलाके में संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका लगातार बनी रहती है। अंदर से खोखली हो रही सड़कों की वजह से दोपहिया चालकों, कार चालकों और पैदल चलने वालों के जेहन में हमेशा सड़क धंसने का डर बना रहता है। स्थानीय बाशिंदों का आरोप है कि नगर निगम का ध्यान केवल जनता से टैक्स वसूलने तक सीमित है, जबकि बुनियादी नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने और सुरक्षा के इंतजाम करने के मोर्चे पर निगम का तंत्र पूरी तरह विफल साबित हुआ है। नागरिकों ने पुरजोर मांग की है कि प्रशासन किसी बड़ी जनहानि या जानलेवा हादसे का इंतजार किए बिना पूरे शहर के सीवरेज नेटवर्क की व्यापक मरम्मत को प्राथमिकता सूची में शामिल करे।

सवाल-जवाब

यह घटना पाली के किस इलाके में हुई?
यह घटना राजस्थान के पाली शहर के वार्ड 53 में स्थित सोसायटी नगर इलाके में घटी।
हादसे का शिकार होने से किस बच्चे को बचाया गया?
सड़क धंसने के दौरान 10 साल का मासूम जिग्नेश गड्ढे में समाने लगा था, जिसे उसके पिता ने हाथ पकड़कर बचा लिया।
सड़क अचानक क्यों धंस गई?
भूमिगत सीवरेज लाइन में खराबी और निरंतर पानी के रिसाव के कारण सड़क अंदर से पूरी तरह खोखली हो चुकी थी।
सूचना मिलने पर नगर निगम का क्या रुख रहा?
पार्षद द्वारा सूचना दिए जाने के बावजूद नगर निगम का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी मौके पर मरम्मत के लिए नहीं पहुंचा।
धंसी हुई सड़क के गड्ढे को किसने भरवाया?
नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए स्थानीय पार्षद कालूराम जाट ने अपनी जेब से पैसे खर्च कर गड्ढे में ईंटें डलवाकर इसे भरवाया।
पाली शहर के निवासियों की मुख्य समस्या क्या है?
शहर भर में सीवरेज लाइनों के लीकेज, बदबूदार गंदे पानी के भराव और खोखली होती सड़कों से लोग परेशान हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

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