बिहार विधान परिषद चुनाव में बड़ा उलटफेर, शिक्षक सीटों पर सभी मौजूदा पार्षदों की हार से भाजपा को तगड़ा झटकामूलांक 1 राशिफल 29 अक्टूबर: सूर्य की ऊर्जा से चमकेगा करियर, रचनात्मकता देगी लाभरिपब्लिकन पार्टी की आखिरी हफ्तों में बढ़ी चिंता, मजबूत सीटों पर भी करनी पड़ रही है पैसों की बारिशनागालैंड की मतदाता सूची पर विवाद, 1.57 लाख से अधिक नामों में गड़बड़ी का आरोपराजस्थान के झालावाड़ में दंपति के झगड़े में दखल देना पड़ा महंगा, चचेरे भाइयों पर चाकू से जानलेवा हमलाबिहार विधानपरिषद चुनाव में नीरज कुमार की जीत, अनंत सिंह पर कसा तंजत्रिपुरा में जल्द खुलेगा नया चाय नीलामी केंद्र, मुख्यमंत्री माणिक साहा 29 अक्टूबर को करेंगे शुभारंभमहिला पहलवानों की अपील पर कोर्ट सख्त, बृजभूषण शरण सिंह को जवाब के लिए मिला अंतिम अवसरमहाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव परिणाम: बीजेपी ने जीती पुणे शिक्षक सीट, दो क्षेत्रों में शरद पवार गुट को बढ़तभीलवाड़ा में संपत्ति के लिए 72 वर्षीय कमला देवी की हत्या, शव जलाकर नदी में बहाए अवशेष; दो गिरफ्तार
वडोदरा में कुत्ते के काटने से युवक में उभरे रेबीज के लक्षण, खुद पर हमला करने लगा और लोगों को काटने की कोशिश कीगुजरात
12 अग॰ 2026, 7:45 pm (77 दिन पहले)· 1

वडोदरा में कुत्ते के काटने से युवक में उभरे रेबीज के लक्षण, खुद पर हमला करने लगा और लोगों को काटने की कोशिश की

वडोदरा के भायली इलाके में आवारा कुत्ते के काटने के बाद युवक हेमंत में रेबीज के गंभीर लक्षण दिखे, वह खुद को काटने लगा और उसे बांधकर अस्पताल पहुंचाना पड़ा।

गुजरात के वडोदरा शहर के भायली इलाके से रेबीज का एक डरावना मामला सामने आया है, जहां हेमंत नाम के एक युवक ने खुद को कई बार काट लिया और आसपास खड़े लोगों पर हमला करने की कोशिश की। परिवार वालों के मुताबिक हेमंत को कुछ समय पहले एक आवारा कुत्ते ने काटा था, लेकिन उसने समय रहते इलाज नहीं कराया। धीरे-धीरे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसमें रेबीज के लक्षण नजर आने लगे।

बेकाबू हालात में युवक को बांधना पड़ा

जब हेमंत की हालत संभलने के बजाय और बिगड़ती गई, तो आसपास के लोगों के लिए उसे संभालना मुश्किल हो गया। वह खुद को नोचने और काटने लगा, साथ ही मौजूद लोगों पर भी झपटने लगा। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि लोगों ने मिलकर उसे रस्सियों से बांध दिया, ताकि वह खुद को या किसी और को नुकसान न पहुंचा सके। इसके तुरंत बाद इसकी सूचना 108 एंबुलेंस सेवा को दी गई। एंबुलेंस मौके पर पहुंची और हेमंत को पहले गोटरी अस्पताल ले जाया गया। वहां जांच के बाद उसे आगे के इलाज के लिए संक्रामक रोग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की टीम फिलहाल उसकी निगरानी में जुटी है। इस पूरी घटना से इलाके में रहने वाले लोगों के बीच डर और चिंता का माहौल है।

ये भी पढ़ें

डॉक्टर बोले, रेबीज में मरीज के बचने की संभावना बहुत कम

इस मामले पर इन्फेक्शन स्पेशलिस्ट डॉ. हितेन करेलिया ने बताया, "रेबीज़ होने के बाद मरीज़ के बचने की उम्मीद बहुत कम होती है।" उन्होंने आगे समझाया कि रेबीज का वायरस शरीर में घुसने के बाद 2 से 14 दिनों के भीतर असर दिखाना शुरू कर देता है और सीधे मरीज के दिमाग पर हमला करता है, जिससे हालत बहुत तेजी से बिगड़ती है। यही वजह है कि डॉक्टर कुत्ते के काटते ही बिना देर किए एंटी-रेबीज वायरस का इंजेक्शन यानी वैक्सीन लगवाने की सलाह देते हैं, क्योंकि लक्षण दिखने के बाद इलाज की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाती है।

रेबीज से पीड़ित कुत्तों को कैसे पहचानें

डॉक्टर करेलिया ने यह भी समझाया कि किन संकेतों से यह पता चलता है कि कोई कुत्ता रेबीज से संक्रमित हो सकता है। उनके मुताबिक अगर कोई कुत्ता एक जगह टिककर नहीं बैठता, पानी से डरता है, खाना-पीना बंद कर देता है और उसके मुंह से लगातार लार टपकती रहती है, तो ऐसे कुत्तों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। साथ ही उन्होंने चेताया कि अगर ऐसा कोई कुत्ता किसी को काट ले, तो समय गंवाए बिना तुरंत अस्पताल पहुंचकर वैक्सीन लगवानी चाहिए।

इसी साल जनवरी में पालनपुर में भी सामने आया था ऐसा मामला

यह पहली बार नहीं है जब गुजरात से इस तरह का मामला सामने आया हो। इसी साल जनवरी में पालनपुर से भी कुछ ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया था। वहां 27 साल के देवाभाई नाम के युवक की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद वह कुत्ते की तरह व्यवहार करते हुए दूसरे लोगों को काटने लगा था। जांच में पता चला कि देवाभाई को भी कुछ समय पहले एक कुत्ते ने काटा था, लेकिन शुरुआत में हालत सामान्य लगने की वजह से इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। कुछ दिनों बाद उसमें हाइड्रोफोबिया यानी पानी से डर लगना और आक्रामक व्यवहार जैसे खतरनाक लक्षण दिखाई देने लगे, जो रेबीज के क्लासिक लक्षणों में गिने जाते हैं।

सवाल-जवाब

हेमंत को रेबीज कैसे हुआ?
कुछ समय पहले एक आवारा कुत्ते ने उसे काटा था और उसने समय पर इलाज नहीं कराया, जिसके बाद उसमें रेबीज के लक्षण दिखने लगे।
यह घटना कहां हुई?
यह घटना गुजरात के वडोदरा शहर के भायली इलाके में हुई।
हेमंत को अभी कहां इलाज मिल रहा है?
उसे पहले गोटरी अस्पताल ले जाया गया और बाद में संक्रामक रोग अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा है।
रेबीज होने पर मरीज के बचने की कितनी संभावना होती है?
इन्फेक्शन स्पेशलिस्ट डॉ. हितेन करेलिया के मुताबिक रेबीज होने के बाद मरीज के बचने की उम्मीद बहुत कम होती है।
रेबीज के लक्षण कितने दिनों में दिखते हैं?
डॉक्टर के मुताबिक रेबीज वायरस 2 से 14 दिनों में असर दिखाना शुरू कर देता है और सीधे दिमाग पर हमला करता है।
कुत्ते के काटने पर तुरंत क्या करना चाहिए?
डॉक्टर की सलाह है कि कुत्ते के काटते ही बिना देर किए अस्पताल जाकर एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवानी चाहिए।
रेबीज से संक्रमित कुत्ते की पहचान कैसे करें?
ऐसा कुत्ता एक जगह नहीं बैठता, पानी से डरता है, खाना-पीना छोड़ देता है और उसके मुंह से लगातार लार टपकती रहती है।
पालनपुर वाला मामला क्या था?
इसी साल जनवरी में पालनपुर में 27 साल के देवाभाई नाम के युवक में भी कुत्ते के काटने के बाद रेबीज के गंभीर लक्षण दिखे थे और वह दूसरों को काटने लगा था।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp