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वजीराबाद में दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल फिजिकल टेस्ट में फर्जीवाड़े की साजिश बेनकाब, असली अभ्यर्थी पकड़ा गयाभारत
24 सित॰ 2026, 11:10 pm (35 दिन पहले)· 2

वजीराबाद में दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल फिजिकल टेस्ट में फर्जीवाड़े की साजिश बेनकाब, असली अभ्यर्थी पकड़ा गया

दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती के फिजिकल टेस्ट में दूसरे युवक से दौड़ लगवाने वाले 19 वर्षीय अभ्यर्थी अक्षित को पकड़ लिया गया है। दौड़ पूरी होने के बाद शरीर पर पसीना न दिखने से पुलिस को शक हुआ था।

वजीराबाद स्थित दिल्ली पुलिस अकादमी में आयोजित कॉन्स्टेबल एग्जीक्यूटिव भर्ती के फिजिकल एंड्योरेंस एंड मेजरमेंट टेस्ट में धोखाधड़ी का एक चौंकाने वाला मामला पकड़ा गया है। हरियाणा के सोनीपत निवासी 19 वर्षीय अभ्यर्थी अक्षित की जगह एक फर्जी युवक ने दौड़, लंबी कूद और ऊंची कूद पूरी की। इसके बाद शारीरिक माप के समय असली अभ्यर्थी सामने आ गया, लेकिन उसके चेहरे और शरीर पर थकावट व पसीने का कोई निशान न होने से पुलिस सतर्क हो गई और इस पूरे फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हो गया।

1600 मीटर दौड़ के बाद भी न पसीना था और न धूल के निशान

भर्ती प्रक्रिया के नियमों के तहत अभ्यर्थियों को सबसे पहले 1600 मीटर दौड़, हाई जंप और लॉन्ग जंप जैसी कठिन शारीरिक गतिविधियों को पास करना होता है। इसके सफल समापन के बाद ही अभ्यर्थियों को ऊंचाई और सीने की माप के लिए आगे भेजा जाता है। जब अक्षित शारीरिक माप केंद्र पर पहुंचा, तो वह पूरी तरह से तरोताजा और सामान्य नजर आ रहा था। कठिन दौड़ और कूद के बावजूद उसके शरीर पर न तो पसीने की एक बूंद थी और न ही मैदान की धूल-मिट्टी का कोई अंश दिखाई दे रहा था। इस असामान्य स्थिति को देखकर वहां तैनात पुलिसकर्मियों के मन में गंभीर संदेह पैदा हुआ। साथ ही मौके पर मौजूद कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने भी पुलिस को संकेत दिया कि शारीरिक स्पर्धाओं में दौड़ने वाला युवक यह नहीं था, बल्कि कोई दूसरा व्यक्ति था।

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टैम्पर्ड एडमिट कार्ड और चेस्ट नंबर की हेराफेरी का खुलासा

संदेह गहराने पर पुलिस अधिकारियों ने अक्षित को हिरासत में लेकर पूछताछ की। गहन पूछताछ के दौरान अक्षित ने कबूल किया कि उसके भाई ने उसकी जगह फिजिकल टेस्ट देने के लिए किसी अन्य युवक की व्यवस्था की थी। वह फर्जी उम्मीदवार छेड़छाड़ किए गए एडमिट कार्ड के जरिए परीक्षा केंद्र के भीतर दाखिल हुआ था। उसने अक्षित के बदले 1600 मीटर की रेस, लॉन्ग जंप और हाई जंप की औपचारिकताएं सफलतापूर्वक पूरी कीं। इसके बाद योजना के अनुसार नकली उम्मीदवार ने केंद्र से बाहर निकलते समय अपना चेस्ट नंबर अक्षित को थमा दिया। अक्षित का इरादा आगे के बायोमेट्रिक मिलान और शारीरिक माप के चरण में खुद को असली अभ्यर्थी के तौर पर पेश करने का था।

सोनिया विहार थाने को सौंपा गया आरोपी, गिरोह की तलाश जारी

इस पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश होने के बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी अक्षित को कानूनी कार्रवाई के लिए सोनिया विहार थाने की पुलिस के हवाले कर दिया है। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में विधिवत एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब पुलिस इस नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अक्षित की जगह दौड़ लगाने वाला छद्म उम्मीदवार कौन था, उसने फर्जी एडमिट कार्ड किस तरह तैयार किया और भर्ती प्रक्रिया में हेराफेरी कराने वाले इस पूरे सिंडिकेट में किन-किन अन्य लोगों की संलिप्तता थी।

सवाल-जवाब

यह मामला किस परीक्षा और किस केंद्र का है?
यह मामला वजीराबाद स्थित दिल्ली पुलिस अकादमी में आयोजित दिल्ली पुलिस कॉन्स्टेबल एग्जीक्यूटिव के फिजिकल टेस्ट का है।
पकड़े गए असली अभ्यर्थी का नाम और निवास कहां का है?
पकड़े गए 19 वर्षीय अभ्यर्थी का नाम अक्षित है और वह हरियाणा के सोनीपत का रहने वाला है।
पुलिसकर्मियों को अभ्यर्थी पर शक किस वजह से हुआ?
1600 मीटर दौड़, हाई जंप और लॉन्ग जंप पूरा होने के दावे के बावजूद अक्षित के शरीर पर न पसीना था और न धूल के निशान, जिससे पुलिस को संदेह हुआ।
फर्जी उम्मीदवार ने केंद्र में प्रवेश कैसे किया था?
फर्जी उम्मीदवार ने अक्षित की जगह दूसरे टैम्पर्ड यानी छेड़छाड़ किए गए एडमिट कार्ड का उपयोग करके टेस्ट सेंटर में प्रवेश किया था।
शारीरिक स्पर्धाओं के बाद दोनों के बीच क्या अदला-बदली हुई थी?
फर्जी उम्मीदवार ने दौड़ और कूद पूरी करने के बाद अपना चेस्ट नंबर अक्षित को सौंप दिया ताकि वह माप परीक्षण में शामिल हो सके।
आरोपी के खिलाफ आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जा रही है?
अक्षित को सोनिया विहार थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया है, जहां एफआईआर दर्ज कर मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Tanvi Desai@tanvi-desai·35 दिन पहले

दौड़कर आने के बाद भी बदन पर पसीना न होना पकड़े जाने की सबसे बड़ी वजह बन गया। दिमाग तो लगाया था भाई ने, पर थोड़ा ओवरस्मार्ट बन गए।

Arjun Mehta@arjun-mehta·35 दिन पहले

दौड़ के बाद पसीना न होने पर शक होना तो ठीक है, पर सिर्फ इसी एक बात से पूरा प्लान भाई ने बनाया था या किसी बड़े गैंग का हाथ है, यह बात अभी पूरी तरह साफ नहीं लग रही।

Nyra Kaif@nyra-kaif·35 दिन पहले

अर्जुन, बात तो सही है! वैसे आजकल डेटिंग ऐप्स पर भी लोग फिल्टर लगाकर ऐसे ही असली शक्ल छुपा लेते हैं, यहाँ तो पुलिस भर्ती में ही खेल हो गया।

Rohan Verma@rohan-verma·35 दिन पहले

दौड़ के बाद पसीना न आना ही इनकी पोल खोल गया। जब ऐसे मुन्ना भाई पकड़े जाते हैं, तो उन मेहनती युवाओं का दर्द सोचकर बुरा लगता है जो वाकई दिन-रात पसीना बहाते हैं।

Karan Malhotra@karan-malhotra·35 दिन पहले

बिल्कुल सही कहा रोहन भाई, ऐसे लोग उन ईमानदार लड़कों की मेहनत पर पानी फेर देते हैं जो ग्राउंड पर सच में खून पसीना एक करते हैं।

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