देश के पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर उन्हें देशभर में श्रद्धापूर्वक स्मरण किया जा रहा है। इसी क्रम में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच X पर एक विशेष संदेश साझा करते हुए शास्त्री जी के प्रति अपना आदर व्यक्त किया। उन्होंने शास्त्री जी के महान विचारों, अनुकरणीय देशभक्ति और कुशल नेतृत्व को याद करते हुए उन्हें नमन किया और कहा कि उनका जीवन समूचे देश के लिए सदैव सत्य और निष्ठा का मार्ग प्रशस्त करता रहेगा।
शास्त्री जी के सिद्धांतों और नेतृत्व को किया याद
अरविंद केजरीवाल ने अपने संदेश में विशेष रूप से पूर्व प्रधानमंत्री की जीवनशैली, उनकी सादगी और कर्तव्यनिष्ठा को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि शास्त्री जी का चरित्र निष्कलंक और अत्यंत पारदर्शी था, जिसकी वजह से वह आज भी प्रत्येक भारतीय के दिल में विशेष सम्मान पाते हैं। केजरीवाल के अनुसार, शास्त्री जी के वैचारिक दृष्टिकोण और मजबूत नेतृत्व क्षमता ने कठिन दौर में भी देश को सुदृढ़ बनाने का काम किया। उनका मानना है कि ऐसा बेदाग सार्वजनिक जीवन राजनीति और समाज दोनों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
कौन थे लाल बहादुर शास्त्री
लाल बहादुर शास्त्री स्वतंत्र भारत के दूसरे प्रधानमंत्री थे, जिन्होंने काशी विद्यापीठ से शास्त्री की उपाधि हासिल की थी। स्वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत उन्होंने उत्तर प्रदेश में संसदीय सचिव की जिम्मेदारी संभाली और बाद में गोविंद बल्लभ पंत के मंत्रिमंडल में पुलिस एवं परिवहन मंत्रालय का कार्यभार संभाला। परिवहन मंत्री रहते हुए उन्होंने बस संचालन में पहली बार महिला परिचालकों यानी कंडक्टरों की नियुक्ति की ऐतिहासिक पहल की थी। इसके अलावा, पुलिस मंत्री के रूप में उन्होंने प्रदर्शनकारी भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज के पारंपरिक तरीके के स्थान पर पानी की बौछार यानी वाटर कैनन के इस्तेमाल की शुरुआत की थी।
संगठन कौशल और प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल
साल 1951 में जवाहरलाल नेहरू के नेतृत्व में लाल बहादुर शास्त्री को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का महासचिव नियुक्त किया गया था। संगठन में रहते हुए उन्होंने 1952, 1957 और 1962 के आम चुनावों में पार्टी को प्रचंड बहुमत दिलाने के लिए जमीन पर कड़ा परिश्रम किया। इसके पश्चात वह 9 जून 1964 को देश के दूसरे प्रधानमंत्री बने और 11 जनवरी 1966 को अपने निधन तक लगभग अठारह महीने तक इस पद पर आसीन रहे। अपने इस संक्षिप्त किंतु ऐतिहासिक कार्यकाल के दौरान उन्होंने राष्ट्र को ऐसा आत्मविश्वासी नेतृत्व प्रदान किया जिसे आज भी सम्मान के साथ स्मरण किया जाता है।
जनता की प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल के इस श्रद्धांजलि संदेश के सार्वजनिक होने के बाद इंटरनेट पर उपयोगकर्ताओं की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई नागरिकों ने शास्त्री जी की स्मृतियों को नमन करते हुए जय जवान जय किसान के नारे को दोहराया, जबकि कुछ लोगों ने राजनेताओं के वर्तमान आचरण की तुलना शास्त्री जी के सादगीपूर्ण जीवन से करते हुए कई तरह के सवाल खड़े किए।


























