अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक भावपूर्ण पोस्ट साझा करते हुए जगन्नाथ राव जोशी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। जोशी को 'कर्नाटक केसरी' के नाम से जाना जाता है। खास बात यह रही कि अमित शाह ने यह पूरा संदेश कन्नड़ भाषा में लिखा।
देशभक्ति और साहस की अटूट पहचान
अपनी पोस्ट में अमित शाह ने जगन्नाथ राव जोशी को देशभक्ति और वीरता का शिखर बताया। उन्होंने लिखा कि जोशी ने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी हौसला नहीं खोया और गोवा की मुक्ति के लिए चलाए गए आंदोलन में हमेशा सबसे आगे रहे। विपरीत हालातों में भी उनका संकल्प डगमगाया नहीं।
पूरा जीवन राष्ट्रीय एकता को समर्पित
अमित शाह ने अपने संदेश में यह भी रेखांकित किया कि जगन्नाथ राव जोशी ने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्रीय एकता की सेवा में लगा दिया। उनकी पोस्ट में कर्नाटक में BJP और RSS के संगठन विस्तार में जोशी की भूमिका का भी उल्लेख था, हालांकि पोस्ट उसी बिंदु पर अधूरी रह गई।
जनता की प्रतिक्रिया
इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूज़र्स की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली रहीं। कई लोगों ने श्रद्धांजलि को सराहा, वहीं कुछ यूज़र्स ने यह सवाल उठाया कि पोस्ट के साथ लगाई गई तस्वीर में जगन्नाथ राव जोशी का नाम गलत तरीके से लिखा गया है।





















