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नानाजी देशमुख की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने किया स्मरण, ग्रामीण उत्थान और अंत्योदय के विचारों को बताया राष्ट्र निर्माण की नींवनेता जी
11 अक्तू॰ 2026, 6:33 am (4 घंटे पहले)· 0

नानाजी देशमुख की जयंती पर योगी आदित्यनाथ ने किया स्मरण, ग्रामीण उत्थान और अंत्योदय के विचारों को बताया राष्ट्र निर्माण की नींव

नानाजी देशमुख की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें नमन करते हुए ग्रामीण स्वावलंबन और जनसेवा में उनके योगदान को याद किया।

राष्ट्र निर्माण, समाज सेवा और ग्रामीण विकास के अग्रदूत रहे भारत रत्न नानाजी देशमुख की जयंती पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के नानाजी के जीवन संकल्प को याद करते हुए उनके विचारों को वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

योगी आदित्यनाथ ने क्या कहा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डिजिटल प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा करते हुए नानाजी देशमुख को भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य और राष्ट्रऋषि के रूप में याद किया। उन्होंने कहा कि नानाजी ने ग्रामोदय, स्वावलंबन और अंत्योदय को देश की प्रगति का मूल आधार माना और अपना पूरा जीवन ग्रामीण विकास तथा सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। मुख्यमंत्री के अनुसार, नानाजी का दर्शन समाज के वंचित और उपेक्षित तबके के सशक्तीकरण का शाश्वत मार्ग दिखाता है।

कौन थे नानाजी देशमुख

नानाजी देशमुख भारत के प्रमुख समाजसेवी और भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता थे, जिन्होंने अपना पूरा जीवन जमीन से जुड़े सामाजिक बदलाव को समर्पित कर दिया। वर्ष 1977 में जब केंद्र में जनता पार्टी की सरकार का गठन हुआ, तब उन्हें मोरारजी देसाई मंत्रिमंडल में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था। हालांकि, उन्होंने यह सिद्धांत सामने रखते हुए मंत्री पद लेने से इनकार कर दिया कि 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को सत्ता से दूर रहकर निस्वार्थ जनसेवा करनी चाहिए।

सक्रिय राजनीति से दूरी बनाने के बाद उन्होंने दीनदयाल शोध संस्थान के तहत स्वास्थ्य, प्राथमिक शिक्षा और ग्रामीण आत्मनिर्भरता से जुड़े अनेक अभियानों को आगे बढ़ाया। बाद में अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में उन्हें राज्यसभा सदस्य मनोनीत किया गया और ग्रामीण विकास में अनुकरणीय योगदान के लिए पद्म विभूषण से भी नवाजा गया। वर्ष 2019 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से उन्हें मरणोपरांत सम्मानित किया गया था।

अन्य नेताओं का स्मरण और राष्ट्रीय संदर्भ

देशभर में सामाजिक सुधार और ग्राम स्वराज की दिशा में नानाजी देशमुख के योगदान को लगातार याद किया जाता रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह सहित विभिन्न राष्ट्रीय नेताओं ने भी अलग-अलग अवसरों पर नानाजी की जयंती और 27 फरवरी तथा 26 फरवरी के आसपास पड़ने वाली उनकी पुण्यतिथि पर उनके सेवा कार्यों को नमन किया है। नेताओं का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने का उनका विजन आज भी देश की नीतियों के लिए प्रासंगिक है।

जनता की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री के इस संदेश पर आम लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कई नागरिकों ने जहां नानाजी देशमुख के विचारों का सम्मान करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की, वहीं कुछ लोगों ने जनहित योजनाओं, विशेषकर शहरी आवास योजना की पहली किस्त जारी होने में हो रही देरी को लेकर सवाल भी उठाए।

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सवाल-जवाब

योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर किसे श्रद्धांजलि दी?
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न और जनसंघ के संस्थापक सदस्य नानाजी देशमुख की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
नानाजी देशमुख ने 1977 में मंत्री पद क्यों ठुकरा दिया था?
उन्होंने यह तर्क देते हुए मोरारजी देसाई मंत्रिमंडल में शामिल होने से इनकार किया था कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को सरकार से बाहर रहकर समाज सेवा करनी चाहिए।
नानाजी देशमुख को कौन से प्रमुख राष्ट्रीय सम्मान दिए गए?
उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण स्वावलंबन में योगदान के लिए पद्म विभूषण और वर्ष 2019 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया था।
नानाजी देशमुख किस प्रमुख शोध संस्थान के कार्यों से जुड़े रहे?
वे जीवन भर दीनदयाल शोध संस्थान के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास के विविध प्रकल्पों के विस्तार के लिए सक्रिय रहे।
मुख्यमंत्री के पोस्ट पर आम लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही?
नागरिकों ने नानाजी देशमुख को नमन करने के साथ-साथ शहरी आवास योजना की आर्थिक सहायता मिलने में हो रही देरी जैसे स्थानीय मुद्दों पर भी सवाल उठाए।
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