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अमेरिकी चुनावी प्रणाली पर सवाल उठाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और ब्राजील के चुनावों में किया बड़ा भ्रमनेता जी
5 अक्तू॰ 2026, 9:51 am (2 मिनट पहले)· 0

अमेरिकी चुनावी प्रणाली पर सवाल उठाते हुए डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और ब्राजील के चुनावों में किया बड़ा भ्रम

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर भारत में 12.5 करोड़ लोगों के मतदान और उसी दिन नतीजे आने का दावा किया, लेकिन असल में वे भारत और ब्राजील के चुनावी घटनाक्रम में भ्रमित हो गए।

अमेरिकी चुनावी व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए डोनाल्ड ट्रंप एक बड़े भौगोलिक और तथ्यात्मक भ्रम का शिकार हो गए। उन्होंने अपने सोशल मीडिया मंच पर दावा किया कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया और मतदान समाप्त होते ही उसी दिन परिणाम भी घोषित कर दिए गए। हालांकि, वास्तविक घटनाक्रम के अनुसार यह आंकड़ा और चुनावी प्रक्रिया ब्राजील के मतदान से संबंधित थी, जिसे उन्होंने भूलवश भारत का बता दिया।

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या लिखा

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ऑनलाइन पोस्ट में अमेरिकी मतदान प्रक्रिया की तीखी आलोचना करते हुए लिखा कि 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया और उसी दिन नतीजे सामने आ गए। अपने बयान के मुख्य हिस्से में उन्होंने कहा,

"वोटिंग इन अमेरिका इज करप्ट!"
इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका के प्रमुख शहरों और राज्यों की प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सीधा निशाना साधा।

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उन्होंने कहा कि डेट्रायट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अमेरिका के कई अन्य शहरों तथा राज्यों में बहुत कम मतदाताओं के बावजूद नतीजों की गिनती में हफ्तों का समय लग जाता है। उन्होंने तंज कसते हुए आरोप लगाया कि कम संख्या के बावजूद नतीजों की गणना करने अथवा धांधली करने में हफ्तों का समय खींचा जाता है, जबकि अन्य जगहों पर विशाल संख्या के बावजूद गणना तुरंत पूरी हो जाती है।

भारत और ब्राजील के चुनावी संदर्भ में हुआ भ्रम

सार्वजनिक बयानों और चुनावी तथ्यों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि जिस मतदान और त्वरित परिणाम का उल्लेख किया गया, वह वास्तव में ब्राजील की चुनावी व्यवस्था और वहां हुए मतदान से जुड़ा था। भारत में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे आम जनता के मतदान द्वारा नहीं होता, बल्कि एक निर्वाचक मंडल द्वारा संपन्न कराया जाता है। इसके विपरीत, ब्राजील में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के जरिए करोड़ों नागरिक सीधे अपने राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं और पहले चरण के नतीजे उसी दिन कुछ ही घंटों में स्पष्ट हो जाते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने इसी तीव्र परिणाम प्रणाली का उदाहरण देकर अमेरिका की धीमी मतपत्र गणना प्रणाली को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया था, परंतु देश के नाम के गलत संदर्भ के कारण यह टिप्पणी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा और आलोचना का विषय बन गई।

अमेरिकी मतपत्र गणना प्रणाली पर पुराने आरोप

यह पहला अवसर नहीं है जब डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका की मतदान प्रणाली और परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया को भ्रष्ट करार दिया है। वे पहले भी डेट्रायट, फिलाडेल्फिया और कैलिफोर्निया जैसे क्षेत्रों में मेल-इन मतपत्रों और धीमी गिनती को लेकर सवाल उठाते रहे हैं। उनका तर्क रहा है कि आधुनिक तकनीक के दौर में विशाल जनसंख्या वाले देश यदि कुछ ही घंटों में गणना कर सकते हैं, तो अमेरिकी राज्यों में चुनावी नतीजों को अंतिम रूप देने में कई दिनों या हफ्तों का विलंब चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को कमजोर करता है।

सवाल-जवाब

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या दावा किया?
उन्होंने दावा किया कि भारत के राष्ट्रपति चुनाव के पहले चरण में 12.5 करोड़ लोगों ने मतदान किया और नतीजे उसी दिन आ गए।
डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान में मुख्य तथ्यात्मक गलती क्या थी?
वे वास्तव में ब्राजील के चुनाव का संदर्भ दे रहे थे, लेकिन भूलवश उन्होंने ब्राजील की जगह भारत का नाम लिख दिया।
भारत में राष्ट्रपति का चुनाव किस प्रकार होता है?
भारत में राष्ट्रपति का चुनाव सीधे आम जनता के वोटों से नहीं होता, बल्कि संसद और विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्यों का निर्वाचक मंडल करता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका के किन शहरों और राज्यों का नाम लिया?
उन्होंने डेट्रायट, फिलाडेल्फिया, कैलिफोर्निया और अन्य अमेरिकी शहरों व राज्यों में धीमी मतगणना पर सवाल उठाए।
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