भारत में टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज होना फिलहाल बड़ी मुसीबत बन गई है और इस दर्द को शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर खुलकर बयान किया। उनका निशाना था वह घटना जिसमें यशस्वी जायसवाल ने सेंचुरी ठोकी और फिर भी उन्हें अगले ODI मैच से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।
संजू सैमसन की याद ताजा
थरूर के मुताबिक जायसवाल के साथ जो हो रहा है, वह 2024-25 में संजू सैमसन के साथ हुई घटना की एकदम सटीक पुनरावृत्ति है। उस सीजन में भी सैमसन ने शतक जड़ा था, लेकिन इसके बावजूद उन्हें अगले ODI मैच में टीम से बाहर कर दिया गया था। थरूर के अनुसार जायसवाल अब उसी निराशा से गुजर रहे हैं जो सैमसन ने पहले झेली थी।
1960 के दशक के स्पिनरों जैसा हाल
थरूर ने इस स्थिति की तुलना 1960 के दशक से भी की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि उस दौर में वर्ल्ड क्लास स्पिनर होना जितना कठिन था, आज भारत में टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज होना उतना ही मुश्किल हो चुका है। यह बयान भारतीय क्रिकेट में चयन नीति पर एक बड़ा सवालिया निशान लगाता है।
जनता की प्रतिक्रिया
थरूर की इस पोस्ट पर क्रिकेट प्रशंसकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया आई। एक तरफ कई लोगों ने जायसवाल की स्थिति पर सहानुभूति जताई, तो दूसरी तरफ कुछ ने कहा कि भारतीय टीम में प्रतिस्पर्धा इतनी जबरदस्त है कि हर खिलाड़ी को अपने मौके का इंतजार करना ही पड़ता है।





















