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संयुक्त राष्ट्र में बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एस. जयशंकर ने उठाई आवाजनेता जी
22 सित॰ 2026, 9:24 am (2 घंटे पहले)· 0

संयुक्त राष्ट्र में बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एस. जयशंकर ने उठाई आवाज

एस. जयशंकर ने एंटोनियो कोस्टा के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून और शांति पर केंद्रित शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की। इस दौरान उन्होंने वैश्विक सहयोग और बहुपक्षीय सुधारों को जरूरी बताया।

वैश्विक मंच पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग और नियमों पर आधारित व्यवस्था को मजबूत करने के मकसद से एक अहम उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के देशों के बीच संवाद बढ़ाने, अंतरराष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करने और स्थायी शांति स्थापित करने पर जोर दिया गया। बैठक के दौरान इस बात को प्रमुखता से रेखांकित किया गया कि मौजूदा दौर की चुनौतियों से निपटने के लिए बहुपक्षीय व्यवस्था को सक्रिय बनाए रखना अनिवार्य है।

शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता और मुख्य एजेंडा

पार्टनर्स फॉर मल्टीलेटरलिज्म, इंटरनेशनल लॉ, पीस एंड प्रॉस्पेरिटी शिखर सम्मेलन के दौरान विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस उच्चस्तरीय मंच पर अंतरराष्ट्रीय संबंधों को अधिक प्रभावी बनाने, अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन को सुनिश्चित करने और वैश्विक समृद्धि को गति देने के लिए संयुक्त प्रयासों पर चर्चा हुई। इस महत्वपूर्ण सत्र का नेतृत्व संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें विकासशील और विकसित देशों के बीच समन्वय स्थापित करने पर विशेष बल दिया गया।

एस. जयशंकर ने क्या कहा

बैठक में अपनी बात रखते हुए एस. जयशंकर ने कहा कि आज के दौर में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को जीवित रखने के लिए बहुपक्षवाद अत्यंत अनिवार्य है। उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्विक मंचों पर सभी देशों की भागीदारी और आपसी विश्वास तभी मजबूत हो सकता है जब संवाद की प्रक्रिया निष्पक्ष और समावेशी हो। संयुक्त राष्ट्र के स्तर पर भी ऐसे सुधारों की लगातार वकालत की जा रही है जो वर्तमान विश्व व्यवस्था की वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित करते हों।

जनता की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर इस पहल को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। कई नागरिकों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के नेतृत्व और निष्पक्ष बहुपक्षीय सुधारों के प्रयासों की सराहना की, जबकि कुछ अन्य उपयोगकर्ताओं ने वैश्विक मंचों पर मानवीय चिंताओं और विदेशों में फंसे नागरिकों की सहायता जैसे मुद्दों को भी प्राथमिकता देने की मांग उठाई।

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सवाल-जवाब

एस. जयशंकर ने किस अंतरराष्ट्रीय बैठक की सह-अध्यक्षता की?
उन्होंने पार्टनर्स फॉर मल्टीलेटरलिज्म, इंटरनेशनल लॉ, पीस एंड प्रॉस्पेरिटी (P4M) शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता की।
इस शिखर सम्मेलन में उनके साथ सह-अध्यक्ष कौन थे?
इस बैठक में उनके साथ एंटोनियो कोस्टा सह-अध्यक्ष के रूप में शामिल रहे।
बैठक के दौरान किस मुख्य विचार पर जोर दिया गया?
बैठक में अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भावना को बनाए रखने के लिए बहुपक्षवाद की अनिवार्यता पर जोर दिया गया।
संयुक्त राष्ट्र में सुधारों को लेकर क्या रुख सामने आया?
वैश्विक व्यवस्था की वर्तमान वास्तविकताओं के अनुरूप सुधारित बहुपक्षवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को आगे बढ़ाने की बात कही गई।
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