देश के दूर-दराज़ इलाकों तक हवाई यात्रा की पहुंच बढ़ाने के मकसद से सरकार ने उड़ान योजना को नई गति देने का ऐलान किया है। इस ताज़ा संकल्प के तहत आने वाले वर्षों में छोटे शहरों और कस्बों को भी देश के हवाई नक्शे पर लाने की तैयारी है, ताकि विमान सेवा अब सिर्फ बड़े महानगरों तक सीमित न रहे।
क्या है नया ऐलान
योजना के तहत कुल ₹28,840 करोड़ का निवेश किया जाएगा। इस रकम से अगले 10 वर्षों में 120 नए शहरों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा और देशभर में 100 नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस कदम से देश की हवाई कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलेगी।
मकसद और मायने
इस पहल का सीधा लक्ष्य उन इलाकों तक हवाई सेवा पहुंचाना है, जहां अब तक यात्रियों को लंबी सड़क या रेल यात्रा का सहारा लेना पड़ता था। नए एयरपोर्ट और नए रूट जुड़ने से छोटे शहरों के लोगों के लिए तेज़ आवाजाही आसान होगी, और सरकार इसे दूर-दराज़ क्षेत्रों तक विकास पहुंचाने के एक ज़रिये के तौर पर पेश कर रही है। कनेक्टिविटी बढ़ने से स्थानीय कारोबार, पर्यटन और रोज़गार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस घोषणा पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां कुछ यूज़र्स ने छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के फैसले का स्वागत किया, वहीं कई लोगों ने पहले बने कुछ एयरपोर्ट के कम इस्तेमाल और खाली पड़े रहने पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इतने बड़े निवेश का असली फायदा आम लोगों तक पहुंच पाएगा।













