लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 5 नवंबर 2025 को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के मुख्यालय इंदिरा भवन में एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस विशेष प्रेस वार्ता में उन्होंने 'वोट चोरी' और 'द एच फाइल्स' जैसे विषयों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव प्रणाली पर तीखे सवाल खड़े किए। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस लाइव संबोधन का लिंक साझा करते हुए कहा कि देश के नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करना विपक्ष की मुख्य प्राथमिकता है।
इंदिरा भवन में वोट चोरी और 'द एच फाइल्स' का मुद्दा
कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने चुनावी निष्पक्षता और संस्थागत पारदर्शिता पर विस्तृत बात की। उन्होंने 'वोट चोरी' के आरोपों को रेखांकित करते हुए कहा कि मतदान प्रक्रिया की सुचिता पर किसी भी प्रकार का संदेह लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक है। इसके साथ ही 'द एच फाइल्स' से जुड़े मुद्दों का जिक्र करते हुए उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर हो रही गड़बड़ियों को उजागर करने का दावा किया। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि विपक्ष इन मामलों पर चुप नहीं बैठेगा और हर मंच पर जनता की आवाज उठाता रहेगा।
छात्रों के प्रदर्शन और पेपर लीक पर सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान देश के युवाओं और छात्रों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया। राहुल गांधी ने हाल के समय में विभिन्न भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में हुए पेपर लीक के मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा अपनी मांगों को लेकर दिल्ली की सड़कों पर उतरने को मजबूर हुए हैं। राहुल गांधी के अनुसार, सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय समितियां महज औपचारिकता बनकर रह गई हैं और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए अब तक कोई ठोस व स्थायी कदम नहीं उठाया गया है।
संसदीय गरिमा और राजनीतिक जवाबदेही
राहुल गांधी ने संसद की बैठकों, असंसदीय शब्दों पर आपत्तियों और राजनीतिक बयानों के संदर्भ में भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि सरकार को जनहित के गंभीर विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, न कि केवल पिछले राजनीतिक इतिहास पर बहस करनी चाहिए। विपक्षी नेता ने कहा कि चाहे शिक्षा का क्षेत्र हो या चुनाव का, हर जगह निष्पक्ष जांच और सख्त जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने सभी पक्षों से आग्रह किया कि छात्रों और आम लोगों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का राजनीतिक खेल न खेला जाए।
जनता की प्रतिक्रिया
इस लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस के प्रसारित होने के बाद सोशल मीडिया और आम जनता के बीच व्यापक चर्चा शुरू हो गई। जहां समर्थकों ने राहुल गांधी द्वारा उठाए गए वोट चोरी और परीक्षा सुधार के मुद्दों का पुरजोर समर्थन किया और पारदर्शी जांच की मांग उठाई, वहीं विपक्षी आलोचकों ने इसे आगामी चुनावों से प्रेरित एक राजनीतिक पैंतरा बताया।



























