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9 मई उपद्रव मामले में पूर्व आईएसआई चीफ फैज हमीद पर कस सकता है कानूनी शिकंजा, राना सनाउल्लाह ने दिए चार्जशीट के संकेतपाकिस्तान
27 अग॰ 2026, 1:14 pm (63 दिन पहले)· 4

9 मई उपद्रव मामले में पूर्व आईएसआई चीफ फैज हमीद पर कस सकता है कानूनी शिकंजा, राना सनाउल्लाह ने दिए चार्जशीट के संकेत

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के राजनीतिक सलाहकार राना सनाउल्लाह के अनुसार, 9 मई 2023 की हिंसा के मामले में पूर्व आईएसआई प्रमुख फैज हमीद पर सैन्य प्रक्रिया के तहत जल्द ही आरोप तय किए जा सकते हैं।

पाकिस्तान में 9 मई 2023 को हुई देशव्यापी हिंसा और सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों के मामले में कानूनी व सैन्य जांच अब एक नए चरण में पहुंचती दिख रही है। देश के पूर्व खुफिया प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद के खिलाफ इस संवेदनशील मामले में जल्द ही औपचारिक आरोप पत्र दाखिल किया जा सकता है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के राजनीतिक मामलों के सलाहकार राना सनाउल्लाह ने इस बात की पुष्टि की है कि फैज हमीद का नाम सैन्य कानूनी कार्यवाही के दायरे में शामिल है और उन पर जल्द ही शिकंजा कसा जा सकता है। इस घटनाक्रम से यह साफ हो गया है कि उपद्रव के ढाई साल बाद भी सैन्य प्रतिष्ठान दोषियों को बख्शने के मूड में नहीं है और आने वाले दिनों में कई अन्य प्रभावशाली चेहरों पर भी कार्रवाई की गाज गिर सकती है।

सैन्य कानूनी कार्यवाही और चार्जशीट की तैयारी

राना सनाउल्लाह के बयानों से स्पष्ट होता है कि फैज हमीद के खिलाफ 9 मई के उपद्रव से जुड़ा मामला फिलहाल सेना की अपनी न्यायिक प्रक्रिया के अधीन लंबित है। यद्यपि अब तक इस विशेष केस में आधिकारिक चार्जशीट पेश नहीं की गई है, लेकिन सैन्य अदालती प्रक्रिया के तहत कागजी कार्रवाई और जांच जारी है। राना सनाउल्लाह के मुताबिक, जैसे ही पूर्व आईएसआई प्रमुख पर आरोप औपचारिक रूप से तय होंगे, वैसे ही इस पूरे मामले से जुड़े कुछ अन्य बड़े नामों के खिलाफ भी दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

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उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के सबसे ताकतवर पूर्व सैन्य अधिकारियों में गिने जाने वाले फैज हमीद पहले से ही एक अन्य मामले में अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई का सामना कर चुके हैं। संपत्ति से जुड़े एक अलग मुकदमे में उन्हें पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है। हालांकि, 9 मई के दंगों से जुड़ा मामला उनके लिए अधिक गंभीर चुनौती बना हुआ है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश की राजनीति और सशस्त्र बलों के बीच के संबंधों को प्रभावित करता है।

9 मई की घटनाओं पर सशस्त्र बलों का सख्त रुख

पाकिस्तानी शासन और सेना 9 मई की घटनाओं को महज एक आम राजनीतिक विरोध, तोड़फोड़ या सड़क पर हुआ दंगा मानने से पूरी तरह इनकार करते हैं। राना सनाउल्लाह ने स्पष्ट किया कि सशस्त्र बलों का मानना है कि उस दिन जो कुछ भी हुआ, वह सीधे तौर पर सैन्य प्रतिष्ठानों की संप्रभुता और साख पर किया गया एक सु नियोजित हमला था। इस मामले में सेना का रुख शुरुआती दिन से ही अत्यंत कठोर रहा है और उसमें किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं आया है।

सनाउल्लाह ने अपनी बात को मजबूत करने के लिए डीजी आईएसपीआर द्वारा पूर्व में दी गई आधिकारिक प्रेस ब्रीफिंग का संदर्भ दिया। उन्होंने कहा कि सैन्य नेतृत्व की नजर में यह एक ऐसा अक्षम्य अपराध था जिसे न तो कभी भुलाया जा सकता है और न ही माफ किया जा सकता है। उन्होंने यह आकलन भी प्रस्तुत किया कि इस घटना में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को राहत या माफी नहीं दी गई है, और भविष्य में भी इस मामले में किसी भी स्तर पर रियायत की उम्मीद करना बेकार है।

इमरान खान की गिरफ्तारी से भड़का था विवाद

इस पूरे मामले की जड़ें 9 मई 2023 की उस घटना से जुड़ी हैं, जब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को नाटकीय अंदाज में गिरफ्तार किया गया था। इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद उनके समर्थकों और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ताओं ने देश भर में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिए थे। उग्र भीड़ ने देश के कई हिस्सों में स्थित महत्वपूर्ण सैन्य मुख्यालयों, वायुसेना परिसरों और सरकारी संपत्तियों को निशाना बनाया था।

हिंसा के इस तांडव के बाद पाकिस्तानी प्रशासन और सेना ने पीटीआई के खिलाफ चौतरफा अभियान छेड़ा था। पार्टी के सैकड़ों नेताओं, पूर्व सांसदों और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर उन पर सैन्य ठिकानों पर हमला करने और राज्य के खिलाफ बगावत करने के गंभीर आरोप दर्ज किए गए थे।

फैज हमीद का नाम पाकिस्तान के राजनीतिक इतिहास के बेहद नाजुक और संवेदनशील दौर से गहराई से जुड़ा रहा है। आईएसआई प्रमुख के रूप में उनका कार्यकाल सत्ता के गलियारों में अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता था। अब इमरान खान की गिरफ्तारी के करीब ढाई साल बीत जाने के बाद, पूर्व आईएसआई चीफ पर चार्जशीट की लटकती तलवार ने पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल को एक बार फिर से गर्मा दिया है।

सवाल-जवाब

9 मई 2023 की हिंसा का मामला क्या है?
पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों ने कई सैन्य और सरकारी ठिकानों पर हमले और तोड़फोड़ की थी।
पूर्व आईएसआई चीफ फैज हमीद पर क्या आरोप लगाए जा रहे हैं?
फैज हमीद पर 9 मई की हिंसा से जुड़े मामले में सैन्य कानूनी प्रक्रिया के तहत औपचारिक चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी चल रही है।
क्या फैज हमीद पर पहले भी कोई सैन्य कार्रवाई हुई है?
हां, राना सनाउल्लाह के अनुसार फैज हमीद को संपत्ति से जुड़े एक अलग मामले में पहले ही सजा सुनाई जा चुकी है।
पाकिस्तानी सेना का 9 मई की घटना पर क्या रुख है?
सेना इसे महज दंगा नहीं बल्कि सैन्य संस्था पर सीधा हमला मानती है और इस मामले में किसी को भी माफी न देने के सख्त रुख पर कायम है।
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