फरीदाबाद में फर्जी जॉब ऑफर के ज़रिए 89750 रुपये की साइबर ठगी, गाजियाबाद के 3 आरोपी गिरफ्तारइलाहाबाद हाई कोर्ट दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम पर आदेश सुरक्षित करने के बाद निर्णय देगाकोडरमा में बैग का कारोबार कैसे शुरू करें, जानिए निवेश से लेकर संभावित मुनाफे का पूरा गणितरॉबिनहुड के साथ रिपल की नई साझेदारी के बीच 1.33 डॉलर पर थमी एक्सआरपी की बढ़तसेबू में रक्षा सहयोग मजबूत करने पर भारत और फिलीपींस के बीच बनी सहमतिनागौर में मूंछों वाले नाचते बालाजी से लेकर एक आंख वाली प्रतिमा तक, जानिए इन प्रसिद्ध धामों का इतिहासराजौरी में सुरक्षा बलों को मिली बड़ी कामयाबी, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामदब्रिटिश पाउंड में लगातार चौथे दिन फिसलन, 1.3300 के स्तर पर टिका स्टर्लिंगसर्दियों में दुधारू मवेशियों के घटते दूध से बचाएंगे ये जरूरी उपाय, जाने बचाव और खानपान की सही तकनीककपड़ा पीएलआई योजना के चौथे चरण के लिए खुला पोर्टल, सरकार ने टर्नओवर की शर्त आधी की
बलूचिस्तान में कोयला खदान के भीतर गैस धमाका, 4 खनिकों की मौत और 5 झुलसेपाकिस्तान
19 सित॰ 2026, 6:27 pm (39 दिन पहले)· 0

बलूचिस्तान में कोयला खदान के भीतर गैस धमाका, 4 खनिकों की मौत और 5 झुलसे

पाकिस्तान के बलूचिस्तान स्थित हरनाई जिले में एक कोयला खदान के अंदर जहरीली गैस के जमावड़े से जोरदार विस्फोट हो गया, जिसमें चार मजदूरों की जान चली गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान के हरनाई जिले में रविवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा पेश आया, जहाँ कोयला खदान में गैस जमा होने के कारण हुए जबर्दस्त धमाके में 4 खनिकों की जान चली गई. इस गंभीर घटना में 5 अन्य मजदूर बुरी तरह जख्मी हो गए हैं. विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि भूमिगत सुरंग में काम कर रहे मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला. हादसे की खबर मिलते ही राहत और बचाव के लिए सैन्य दल को रवाना किया गया.

बचाव अभियान और घायलों का उपचार

हादसे की सूचना मिलने के तुरंत बाद पाकिस्तान सेना की बचाव टीम घटनास्थल पर पहुंची और खदान के भीतर राहत अभियान शुरू किया. बचाव दल ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद मलबे और जहरीले माहौल के बीच से 4 मृत श्रमिकों के शव बाहर निकाले. इसके साथ ही सुरंग के भीतर फंसे 5 घायल खनिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. प्राथमिक उपचार के बाद सभी पांचों घायल मजदूरों की नाजुक स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए प्रांतीय राजधानी क्वेटा के अस्पताल भेज दिया गया है.

ये भी पढ़ें

अगस्त में डुकी जिले में हुआ था हादसा

बलूचिस्तान की कोयला खदानों में जहरीली गैस से होने वाली मौतों का सिलसिला नया नहीं है. इससे पहले अगस्त के महीने में बलूचिस्तान के डुकी जिले में स्थित एक कोयला खदान में ऐसा ही दर्दनाक हादसा देखने को मिला था. वहाँ काम के दौरान भूमिगत शाफ्ट में जहरीली मीथेन गैस अत्यधिक मात्रा में इकट्ठा हो गई थी. उस दौरान ड्यूटी पर तैनात मजदूर जब सांस ले रहे थे, तब यह जहरीली गैस उनके फेफड़ों में चली गई, जिससे वे मौके पर ही बेसुध होकर गिर पड़े.

वहाँ मौजूद अन्य सहकर्मियों ने तत्काल स्थिति को भांपते हुए स्थानीय अधिकारियों और श्रमिकों को मामले की जानकारी दी. सूचना मिलते ही माइंस एंड मिनरल्स विभाग की ओर से आपात बचाव अभियान संचालित किया गया. हालांकि, जब तक बचाव दल खदान की गहराई में मजदूरों तक पहुंचा, तब तक 3 खनिकों का दम घुट चुका था और उनकी मौत हो चुकी थी. बाद में सामने आई पहचान के अनुसार, उन 3 मृतकों में 2 अफगान नागरिक और 1 पाकिस्तानी नागरिक शामिल थे.

जुलाई में सोरांगे खदान त्रासदी में गई थी 34 जानें

चालू वर्ष के दौरान बलूचिस्तान में कोयला खदानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सबसे भीषण त्रासदी जुलाई में सामने आई थी. बलूचिस्तान के सोरांगे इलाके की एक कोयला खदान में मीथेन गैस के खतरनाक स्तर पर जमा होने के चलते जोरदार धमाका हुआ था. उस भयावह विस्फोट में कुल 34 खनिकों की दर्दनाक मौत हो गई थी. धमाका इतना जबरदस्त था कि खदान की आंतरिक संरचना का एक बड़ा हिस्सा ढह गया और भारी मलबा गिरने से मजदूर नीचे दब गए थे.

प्रोविंशियल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (पीडीएमए) की निगरानी में चले लंबे राहत कार्य के बाद मलबे से 34 श्रमिकों के पार्थिव शरीर निकाले जा सके थे. अधिकारियों के मुताबिक, उस मनहूस वक्त पर खदान के भीतर कुल 41 मजदूर मौजूद थे, जिनमें से अधिकांश मलबे और गैस की चपेट में आ गए. लगातार सामने आ रहे ये हादसे बलूचिस्तान के खनन क्षेत्र में सुरक्षा मानकों के लचर क्रियान्वयन और वेंटिलेशन प्रणालियों के अभाव पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं.

सवाल-जवाब

बलूचिस्तान के हरनाई में ताजा खदान हादसा कब और कैसे हुआ?
यह हादसा रविवार को हरनाई जिले की एक कोयला खदान के भीतर जहरीली गैस जमा होने के बाद हुए धमाके के कारण हुआ.
इस गैस विस्फोट में कितने लोग हताहत हुए हैं?
इस हादसे में 4 खनिकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 5 अन्य मजदूर घायल हुए हैं.
घायल मजदूरों को उपचार के लिए कहाँ भेजा गया है?
खदान से सुरक्षित निकाले गए सभी पांच घायल मजदूरों को इलाज के लिए बलूचिस्तान की प्रांतीय राजधानी क्वेटा भेजा गया है.
बचाव कार्य किसके द्वारा संचालित किया गया?
विस्फोट की खबर मिलते ही पाकिस्तान सेना की बचाव टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत अभियान चलाया और शवों व घायलों को बाहर निकाला.
अगस्त में डुकी जिले की खदान में क्या घटना घटी थी?
अगस्त में डुकी जिले की कोयला खदान में जहरीली मीथेन गैस सांस में जाने से बेहोश होकर 3 मजदूरों (2 अफगान और 1 पाकिस्तानी नागरिक) की मौत हो गई थी.
जुलाई में सोरांगे इलाके की खदान में कितना बड़ा हादसा हुआ था?
जुलाई में सोरांगे की कोयला खदान में मीथेन गैस विस्फोट और खदान ढहने से कुल 34 खनिकों की मौत हो गई थी, जबकि उस समय खदान में 41 मजदूर मौजूद थे.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp