पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुक्रवार की सुबह हजारों पाठकों के घरों तक दैनिक समाचार पत्र नहीं पहुंच सके. शहर के मुख्य अखबार वितरण केंद्र पर नगर निगम द्वारा ताला जड़ दिए जाने की वजह से वितरण प्रणाली पूरी तरह ठप हो गई. इस अप्रत्याशित प्रशासनिक कार्रवाई का असर इतना व्यापक रहा कि आम नागरिकों के साथ-साथ प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रपति भवन और शहर में स्थित विभिन्न देशों के दूतावासों तक भी सुबह के अखबार नहीं भेजे जा सके. आबपारा क्षेत्र में स्थित इस प्रमुख केंद्र के बंद होने से राजधानी के मीडिया जगत और समाचार पत्र वितरकों में गहरा आक्रोश फैल गया है.
एक करोड़ रुपये के कथित बकाये पर छिड़ा विवाद
मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन इस्लामाबाद की इस कार्रवाई की मूल वजह बकाये से जुड़ा एक पुराना विवाद बताया जा रहा है. नगर निगम प्रशासन का पक्ष है कि वितरण बाजार पर लगभग एक करोड़ रुपये का शुल्क बकाया है, जिसकी अदायगी न होने के कारण यह कदम उठाया गया. दूसरी ओर, ऑल पाकिस्तान अखबार फरोश फेडरेशन ने इस आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है. फेडरेशन के पदाधिकारियों का तर्क है कि वे नियमित रूप से अपनी दुकानों का किराया चुकाते रहे हैं और बाजार का कोई वैध बकाया बाकी नहीं है.
फेडरेशन के अनुसार, स्थानीय प्रशासन ने बाजार के बगल में स्थित एक खाली भूखंड के नाम पर करीब एक करोड़ रुपये की देनदारी निकाल दी है. वितरकों का स्पष्ट कहना है कि संबंधित भूखंड उन्हें कभी आवंटित ही नहीं किया गया था, ऐसे में उस जगह का किराया या कोई अन्य शुल्क उनसे वसूलना पूरी तरह अनुचित है. ऑल पाकिस्तान अखबार फरोश फेडरेशन के महासचिव टिक्का खान ने प्रशासनिक रवैये पर नाराजगी जताते हुए इसे अखबार जगत से जुड़े कर्मियों पर बड़ा आघात बताया. उन्होंने कहा कि बिना पुख्ता कानूनी आधार के बाजार को सील करना अखबार उद्योग और आम जनता के साथ नाइंसाफी है.
विवाद को सुलझाने के लिए वितरकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त और कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी के चेयरमैन सोहेल अशरफ से मुलाकात की. वितरकों ने मांग रखी कि प्रशासन तत्काल इस सीलिंग को हटाए ताकि समाचार पत्रों की आपूर्ति फिर से सामान्य हो सके. वहीं नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की प्रशासनिक जांच चल रही है और बकाये की अनदेखी के चलते ही केंद्र पर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है.
अग्नि सुरक्षा नियमों को लेकर दो अन्य बड़े बाजार भी बंद
अखबार बाजार पर हुई कार्रवाई के साथ ही इस्लामाबाद के दो सबसे बड़े साप्ताहिक बाजारों, जी 6 और एच 9, पर भी प्रशासन का डंडा चला. इन दोनों बाजारों को शुक्रवार के दिन आग से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने का हवाला देकर बंद करा दिया गया. कैपिटल डेवलपमेंट अथॉरिटी की आपातकालीन सेवाओं से औपचारिक अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने तक इन बाजारों की गतिविधियों पर रोक लगाई गई है.
एच 9 साप्ताहिक बाजार, जिसे स्थानीय लोग इतवार बाजार के नाम से भी जानते हैं, पहले भी कई बार भीषण अग्निकांडों का शिकार हो चुका है. वर्ष 2017 के बाद से इस बाजार में आग लगने की पांच अलग घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं. हाल ही में जून के महीने में बाजार के ब्लॉक सी में आग भड़क उठी थी, जिसमें जूतों की कई दर्जन दुकानें जलकर खाक हो गई थीं. बार-बार हो रहे इन हादसों को देखते हुए नागरिक प्रशासन ने अग्नि सुरक्षा मानकों को अनिवार्य कर दिया है.
दूसरी तरफ, बाजारों के दुकानदारों का दावा है कि उन्होंने अपनी दुकानों में आग बुझाने के आवश्यक उपकरण और सुरक्षा उपाय पहले ही पूरे कर लिए हैं. व्यापारियों ने प्रशासन से जल्द से जल्द व्यापार शुरू करने की अनुमति देने का आग्रह किया है. हालांकि डायरेक्टरेट ऑफ म्युनिसिपल एडमिनिस्ट्रेशन के प्रतिनिधियों ने साफ किया है कि आपातकालीन सुरक्षा विंग से तकनीकी संतुष्टि मिलने के तुरंत बाद ही बाजारों को दोबारा चालू करने के आदेश दिए जाएंगे.
प्रेस की स्वतंत्रता और मीडिया संकट पर उठी चिंताएं
अखबारों का वितरण रोके जाने की इस घटना ने पाकिस्तान में प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति के अधिकारों को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है. देश के वरिष्ठ पत्रकारों ने इसे स्वतंत्र मीडिया की आवाज दबाने का प्रयास करार दिया है. पत्रकार हामिद मीर ने सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने संकेत दिया कि देश का मीडिया उद्योग पहले से ही कड़े दबाव और सेंसरशिप के दौर से गुजर रहा है, जिसके चलते प्रिंट मीडिया का प्रसार लगातार गिर रहा है.
वरिष्ठ पत्रकारों का मानना है कि राजधानी के मुख्य वितरण नेटवर्क को इस तरह से बंद कर देना केवल एक प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह मीडिया संस्थानों के अस्तित्व के लिए एक बड़ा संदेश है. वितरकों और पत्रकारों दोनों का कहना है कि यदि ऐसे महत्वपूर्ण सार्वजनिक केंद्रों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बंद किया जाता रहा, तो आम जनता तक सूचना की पहुंच गंभीर रूप से बाधित होगी.





















