पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में सड़क सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर गहरे संकट में नजर आ रही है। पाकपट्टन के नजदीक एक यात्री बस और विपरीत दिशा से आ रहे ट्रक के बीच हुई आमने-सामने की जोरदार टक्कर में 11 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 33 अन्य लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गए। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरातफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों की सूचना पर तुरंत राहत एवं बचाव दलों को मौके पर भेजा गया। घायलों को इलाज के लिए तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।
दीपालपुर रोड पर हुआ बड़ा हादसा और रेस्क्यू ऑपरेशन
जिला प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह दर्दनाक दुर्घटना दीपालपुर रोड पर हुई। हादसे का शिकार हुई यात्री बस मुल्तान से कसूर की ओर जा रही थी, तभी रास्ते में उसकी भिड़ंत सामने से आ रहे एक भारी ट्रक से हो गई। दुर्घटना इतनी जबरदस्त थी कि बस और ट्रक के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और कई यात्री वाहनों के अंदर ही फंस गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राहत एजेंसियों ने तुरंत क्रेन और अन्य भारी मशीनों को बुलवाया। वाहनों में फंसे लोगों को बाहर निकालने और सुरक्षित बाहर लाने के लिए लगातार करीब तीन घंटे तक क्रेन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
अक्टूबर महीने में सड़क हादसों के डरावने आंकड़े
सरकारी आपातकालीन सेवा रेस्क्यू 1122 द्वारा पंजाब प्रांत के जिलों के कामकाज की मासिक समीक्षा के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। आंकड़ों के मुताबिक अकेले अक्टूबर के महीने में पंजाब प्रांत के भीतर कुल 44,797 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं। इन तमाम सड़क हादसों की वजह से कुल 464 लोगों ने अपनी जान गंवा दी, जबकि 23,543 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह बात सामने आई कि इनमें से लगभग तीन-चौथाई यानी अधिकांश सड़क हादसों की चपेट में दोपहिया वाहन यानी मोटरसाइकिलें आईं।
आपातकालीन सेवाएं और अन्य बड़ी घटनाएं
उसी मासिक समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार अक्टूबर के पूरे महीने के दौरान बचाव टीमों ने कुल 231,056 आपातकालीन मामलों में अपनी कार्रवाई की और कुल 233,210 लोगों कीमती जिंदगियां बचाने में सफलता हासिल की। इन तमाम आपातकालीन घटनाओं में केवल सड़क हादसे ही शामिल नहीं थे, बल्कि आग लगने के कई गंभीर मामले, मेडिकल इमरजेंसी की स्थितियां, पानी में डूबने की घटनाएं और अन्य प्रकार के बचाव कार्य भी शामिल थे। विभाग द्वारा साझा किए गए विवरण के अनुसार अक्टूबर महीने में पूरे पंजाब प्रांत के भीतर आग लगने की कुल 1,726 घटनाएं रिकॉर्ड की गईं, जबकि पानी में डूबने की कुल 94 घटनाएं सामने आईं।
लाहौर और मुल्तान में सबसे ज्यादा दुर्घटनाएं
पंजाब प्रांत के विभिन्न जिलों में सड़क हादसों की स्थिति की समीक्षा करने पर यह पता चला कि सबसे अधिक दुर्घटनाएं प्रांतीय राजधानी लाहौर में हुईं। अकेले लाहौर में 7,874 ऐसी घटनाएं दर्ज की गईं जिनमें मोटरसाइकिलें शामिल थीं। इसके बाद मुल्तान का स्थान आता है जहां मोटरसाइकिलों से जुड़े 2,838 हादसों में कुल 3,312 वाहन शामिल रहे। फैसलाबाद में 2,896 मोटरसाइकिलों से जुड़े 2,615 हादसे दर्ज किए गए, जबकि गुजरांवाला में 2,250 मोटरसाइकिलों से जुड़े 2,092 हादसे सामने आए। इसके अलावा शेखूपुरा जिले में 1,706 मोटरसाइकिलों से जुड़े 1,714 सड़क हादसे दर्ज किए गए और तौंसा शरीफ में 160 मोटरसाइकिलों से जुड़े 142 हादसे प्रकाश में आए।



















