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शहजाद भट्टी का नया पैंतरा, 700 गुर्गों के शिकंजे में आने के बाद अब बदल दी रणनीतिपाकिस्तान
7 नव॰ 2026, 5:45 am (23 मिनट पहले)· 0

शहजाद भट्टी का नया पैंतरा, 700 गुर्गों के शिकंजे में आने के बाद अब बदल दी रणनीति

प्रतिबंधित आतंकवादी शहजाद भट्टी के नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। मुख्य सिंडिकेट टूटने के बाद अब यह गैंग धार्मिक भावनाओं और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को लुभाने की नई साजिश रच रहा है।

भारतीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने प्रतिबंधित आतंकी शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए अब तक करीब 700 लोगों को दबोच लिया है। इस बड़ी कार्रवाई के परिणामस्वरूप देश के भीतर आतंकी वारदातों को अंजाम देने की कई खतरनाक साजिशों को समय रहते विफल कर दिया गया है। पकड़े गए आरोपियों और ध्वस्त किए गए नेटवर्क के कारनामों में भीड़भाड़ वाले और अति-संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरे लगाकर रेकी करना, लक्षित हत्याएं यानी टार्गेटेड किलिंग्स को अंजाम देना, सीमा पार से मादक पदार्थों की तस्करी करना और नकली नोटों के अवैध कारोबार का संचालन करना शामिल था। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों का स्पष्ट तौर पर यह कहना है कि इस पूरे नेटवर्क का एक बड़ा हिस्सा नेस्तनाबूद किए जाने के बावजूद भट्टी के बचे-कुच्छे गुर्गे एक बार फिर से सक्रिय होने की जद्दोजहद में जुटे हुए हैं। इस बार उनकी आपराधिक रणनीति में धार्मिक भावनाओं का इस्तेमाल करना सबसे प्रमुख हथियार बनता जा रहा है।

चुनौतीपूर्ण अभियान और सोशल मीडिया पर शिकंजा

सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, शहजाद भट्टी के इस खतरनाक नेटवर्क को तोड़ना पिछले कुछेक वर्षों के दौरान भारतीय जांच एजेंसियों के सामने आए सबसे बड़े और चुनौतीपूर्ण अभियानों में से एक रहा है। हालांकि इस आपराधिक नेटवर्क के मुख्य ढांचे को काफी हद तक जमींदोज कर दिया गया है, फिर भी उसके बचे हुए सक्रिय सदस्यों की धरपकड़ के लिए एजेंसियों का ऑपरेशन लगातार जारी है। इस नापाक नेटवर्क से जुड़े तमाम इंस्टाग्राम अकाउंट भी लगातार साइबर सेल के रडार पर आ रहे हैं और एक के बाद एक सामने आ रहे हैं। एक जिम्मेदार अधिकारी ने इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए बताया कि अब तक मेटा को ऐसे 100 से अधिक संदिग्ध इंस्टाग्राम प्रोफाइल को ब्लॉक या डिलीट करने के आधिकारिक अनुरोध भेजे जा चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि जैसे ही इनमें से कोई एक अकाउंट बंद किया जाता है, उसके जवाब में तुरंत 50 से अधिक नए अकाउंट इंटरनेट की दुनिया में सामने आ जाते हैं। सुरक्षा एजेंसियों के सामने आज के समय में यह एक बेहद विकट चुनौती के रूप में बनी हुई है।

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धन का लालच और बदलती भर्ती रणनीति

खुफिया ब्यूरो यानी आईबी के एक पदस्थ अधिकारी के अनुसार, शहजाद भट्टी के इस कुख्यात नेटवर्क ने अपनी पुरानी भर्ती रणनीति में अब अहम बदलाव किए हैं। जब इस भूमिगत नेटवर्क की शुरुआत की गई थी, तब शुरुआती दौर में नए युवाओं को अपने पाले में खींचने के लिए धर्म को किसी भी प्रकार का आधार नहीं बनाया गया था। उस समय अलग-अलग समुदायों और धर्मों से ताल्लुक रखने वाले युवाओं को केवल और केवल पैसों का भारी लालच देकर अपने साथ जोड़ा जाता था। उस दौरान कई युवा लड़कों को महज पांच हजार रुपये तक की मामूली रकम देकर छोटे-मोटे अपराध से जुड़े काम सौंप दिए जाते थे। उन्हें भट्टी और उसके करीबी सहयोगियों की महंगी लग्जरी गाड़ियों के साथ-साथ आलीशान बंगलों के सामने खड़े होकर खिंचवाई गई शानो-शौकत वाली तस्वीरें भी दिखाई जाती थीं। इन हथकंडों के माध्यम से युवाओं को यह सपना दिखाया जाता था कि वे भी इस अपराध की अंधी दुनिया का हिस्सा बनकर एक ऐशोआराम से भरी जिंदगी आसानी से जी सकते हैं।

अधिकारियों की छानबीन में यह बात साफ तौर पर सामने आई है कि यह पूरा प्रचार अभियान असल में एक बहुत बड़ा छलावा और जाल मात्र था। इस नेटवर्क के सरगनाओं की तरफ से युवाओं को जो शानदार और आलीशान जीवनशैली मुहैया कराने के वादे किए गए थे, उन्हें पूरा करने की उनकी दूर-दूर तक कोई मंशा नहीं थी। इस पूरे प्रकरण में जब पहली बार बड़े पैमाने पर सैकड़ों गिरफ्तारियां की गईं, तो उसके बाद शहजाद भट्टी को चुपचाप पाकिस्तान वापस भेज दिया गया था। भारत सरकार द्वारा उसे गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए के सख्त प्रावधानों के तहत एक आधिकारिक आतंकवादी घोषित किया जा चुका है। इसके बावजूद, खुफिया एजेंसियों के पास मौजूद पुख्ता जानकारियों के मुताबिक, बीते कुछ महीनों के दौरान वह चुपचाप दुबई और पुर्तगाल की यात्राएं भी कर चुका है। वह विदेश की सुरक्षित धरती पर बैठकर भी भारत के अंदर चल रहे अपने आपराधिक नेटवर्क की तमाम गतिविधियों और नई साज़िशों पर लगातार अपनी पैनी निगाह बनाए हुए है।

धर्म और विदेशी जिंदगी का नया कॉकटेल

सुरक्षा महकमे के अधिकारियों का यह भी कहना है कि शहजाद भट्टी अब अपनी इस नई भर्ती मुहिम के तहत धर्म, पैसा और विदेश में एक बेहतर जीवनशैली का लालच—इन तीनों हथियारों को एक साथ मिलकर इस्तेमाल करने की फिराक में है। इस बार रिक्रूटमेंट प्रक्रिया के दौरान धार्मिक पहचान की रक्षा और समाज में सम्मान दिलाने के नाम पर मासूम युवाओं को भड़काकर अपने पाले में लाने पर बहुत अधिक जोर दिया जा रहा है। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि धर्म की आड़ लेने के पीछे मुख्य योजना यही है कि युवाओं को अब पहले की तुलना में और भी कम पैसों में आसानी से भर्ती किया जा सके। उन्हें इस बार काम के एवज में केवल तीन से पांच हजार रुपये जैसी छोटी रकम देकर इस खतरनाक नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इसके बदले में उन्हें खाड़ी देशों जैसे दुबई, पाकिस्तान या फिर नेपाल में एक बेहद शानदार और उन्नत जीवन जीने का सब्जबाग दिखाया जा रहा है।

पुलिस और एजेंसियों की अब तक की जांच में यह सनसनीखेज खुलासा भी हुआ है कि इस नेटवर्क ने कई भोले-भाले युवाओं के लिए फर्जी पासपोर्ट तक तैयार करवा रखे हैं, ताकि किसी बड़ी आतंकी वारदात को बेखौफ अंजाम देने के बाद वे आसानी से देश की सीमा लांघकर भारत से बाहर भाग सकें। अधिकारियों के विश्लेषण के अनुसार, शहजाद भट्टी का असली मकसद केवल भारत की सरजमीं पर छिटपुट आतंकी नेटवर्क तैयार करना भर नहीं है, बल्कि धार्मिक उद्देश्यों के नाम पर युवाओं की एक ऐसी बड़ी और अंधविश्वासी फौज खड़ी करना है जिसका इस्तेमाल जरूरत पड़ने पर देश के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया जा सके।

पुलिस प्रतिष्ठानों और सुरक्षा मुख्यालयों पर हमले की साजिश

जांच एजेंसियों के हाथ लगे दस्तावेजों और ब्यौरों के मुताबिक, शहजाद भट्टी के इस नेटवर्क की काली करतूतें अब केवल छिपकर सीसीटीवी कैमरे लगाने, मादक पदार्थों की अवैध तस्करी करने या फिर नकली नोटों के प्रसार तक ही सीमित नहीं रह गई हैं। देश की विभिन्न जांच एजेंसियों और स्थानीय पुलिस ने इस कुख्यात नेटवर्क के तार पंजाब राज्य के भीतर पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से निशाना बनाकर किए गए कई हमलों से जोड़े हैं। इसके अलावा, जालंधर शहर में स्थित सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ के मुख्य मुख्यालय के ठीक बाहर हुए संदिग्ध विस्फोट की घटना और झारखंड राज्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस के स्थानीय मुख्यालय पर फेंके गए पेट्रोल बम के हमले के पीछे भी इसी नेटवर्क का हाथ पाया गया है।

सुरक्षा अधिकारियों के मन में यह गहरी आशंका बनी हुई है कि यह गिरोह आने वाले निकट भविष्य में इसी तरह की देशविरोधी और हिंसक गतिविधियों को कहीं अधिक बड़े पैमाने पर अंजाम देने की खतरनाक तैयारी कर रहा है। इन नापाक मंसूबों को अमलीजामा पहनाने के लिए आधुनिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ कड़े रूप से एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप्स का खुलकर इस्तेमाल किया जा रहा है। इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय माध्यमों का उपयोग करके कम उम्र के युवाओं का तेजी से कट्टरपंथीकरण करने और देश के खिलाफ सोशल मीडिया पर नफरत से भरे जहरीले संदेश फैलाने की उनकी गुप्त रणनीति लगातार जारी रहेगी। वहीं दूसरी ओर, बड़ी आतंकी वारदातों की सुनियोजित योजना बनाने और उन्हें धरातल पर उतारने के लिए टेलीग्राम जैसे सुरक्षित और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म्स का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जाना तय माना जा रहा है।

सवाल-जवाब

शहजाद भट्टी के नेटवर्क के खिलाफ अब तक कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया है?
सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई करते हुए अब तक करीब 700 लोगों को गिरफ्तार किया है।
शहजाद भट्टी को भारत सरकार ने किस अधिनियम के तहत आतंकवादी घोषित किया है?
भारत सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम यानी यूएपीए के तहत शहजाद भट्टी को आतंकवादी घोषित किया है।
भट्टी का नेटवर्क युवाओं को भर्ती करने के लिए किस नए तरीके का इस्तेमाल कर रहा है?
यह नेटवर्क अब युवाओं को कम पैसों का लालच देने के साथ-साथ धार्मिक भावनाओं और पहचान का इस्तेमाल करके उन्हें अपने पाले में खींच रहा है।
एजेंसियों ने मेटा से कितने इंस्टाग्राम प्रोफाइल हटाने का अनुरोध किया है?
एजेंसियों ने इस नेटवर्क से जुड़े 100 से अधिक इंस्टाग्राम प्रोफाइल को हटाने के लिए मेटा को अनुरोध भेजे हैं।
भट्टी नेटवर्क के तार किन प्रमुख घटनाओं से जोड़े गए हैं?
इस नेटवर्क के तार पंजाब में पुलिसकर्मियों पर हमलों, जालंधर में बीएसएफ मुख्यालय के बाहर विस्फोट और झारखंड में आरएसएस मुख्यालय पर पेट्रोल बम हमले से जोड़े गए हैं।
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