पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में मुंबई अदालत का बड़ा फैसला, पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल समेत सभी 9 आरोपी बरी, सांसद ओमराजे को लगा झटकाराजनीति
2 घंटे पहले· 4

पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में मुंबई अदालत का बड़ा फैसला, पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल समेत सभी 9 आरोपी बरी, सांसद ओमराजे को लगा झटका

मुंबई की विशेष CBI अदालत ने दो दशक पुराने पवनराजे निंबालकर हत्याकांड में पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल सहित सभी नौ आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है, जिससे पीड़ित परिवार को बड़ा झटका लगा है।

मुंबई की विशेष अदालत ने सुनाया बड़ा फैसला

महाराष्ट्र के सबसे चर्चित और बहुचर्चित राजनीतिक हत्याकांडों में से एक, पवनराजे निंबालकर मामले में मुंबई की विशेष CBI अदालत ने शनिवार को एक ऐतिहासिक निर्णय सुनाया है। अदालत ने करीब 20 साल पुराने इस मामले में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल समेत सभी 9 आरोपियों को पूरी तरह बरी कर दिया है। इस न्यायिक निर्णय को धाराशिव (पूर्व में उस्मानाबाद) से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद ओमराजे निंबालकर के लिए एक बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है। ओमराजे निंबालकर, मृतक पवनराजे निंबालकर के बेटे हैं और अपने पिता को न्याय दिलाने के लिए सालों से अदालती लड़ाई लड़ रहे थे।

सरेराह हुई थी कांग्रेस नेता पवनराजे की हत्या

कांग्रेस पार्टी के कद्दावर नेता पवनराजे निंबालकर और उनके ड्राइवर समद काजी की 3 जून 2006 को नवी मुंबई के कलंबोली क्षेत्र में बेहद नाटकीय अंदाज में हत्या कर दी गई थी। आरोपों के मुताबिक, हथियारबंद हमलावरों ने उनकी स्कोडा गाड़ी को बीच रास्ते में रुकवाया और उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इस भीषण हमले में दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद समूचे महाराष्ट्र के सियासी हलकों में हड़कंप मच गया था और इसे सीधे तौर पर राजनीतिक रंजिश का परिणाम माना गया था।

CBI जांच में सामने आई थी सुपारी की कहानी

शुरुआती तफ्तीश से असंतुष्ट होकर पवनराजे निंबालकर के परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई थी। इसके बाद इस हत्याकांड की जांच को CBI के हवाले कर दिया गया। साल 2009 में दाखिल की गई अपनी चार्जशीट में जांच एजेंसी ने दावा किया था कि उस्मानाबाद क्षेत्र में पवनराजे की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता से पूर्व गृहमंत्री पद्मसिंह पाटिल असहज महसूस कर रहे थे। CBI का आरोप था कि इसी राजनीतिक द्वेष के चलते उन्होंने पवनराजे की हत्या की पूरी साजिश रची और इसके लिए करीब 30 लाख रुपये की भारी-भरकम सुपारी भी दी थी। हालांकि, पद्मसिंह पाटिल शुरू से ही इन आरोपों को बेबुनियाद बताते रहे।

लंबे समय तक चला कानूनी घटनाक्रम

यह मामला लगभग दो दशकों तक अदालती गलियारों में घूमता रहा और महाराष्ट्र के इतिहास के सबसे लंबे चलने वाले राजनीतिक मुकदमों में शुमार हो गया। विशेष अदालत ने पूर्व में इस फैसले के लिए 19 जून की तारीख तय की थी, लेकिन कुछ कानूनी प्रक्रियाओं और दस्तावेजी औपचारिकताओं की वजह से इसे आगे बढ़ा दिया गया था। आखिरकार शनिवार को विशेष CBI अदालत ने अपना अंतिम फैसला देते हुए सभी आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया। बरी होने वाले आरोपियों में पद्मसिंह पाटिल के साथ व्यवसायी सतीश मंडाडे, पूर्व नगरसेवक मोहन शुक्ला, पारसमल जैन, पूर्व आबकारी निरीक्षक शशिकांत कुलकर्णी, BSP कार्यकर्ता कैलाश यादव और कथित शूटर दिनेश तिवारी, पिंटू सिंह तथा छोटे पांडे शामिल हैं।

राजनीतिक दावों के बीच चर्चा में रहा मामला

हाल के दिनों में इस मामले को लेकर सियासी गलियारों में एक नया विवाद खड़ा हो गया था, जब उद्धव गुट के प्रमुख नेता संजय राउत ने यह दावा किया था कि धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर को इस केस में राहत दिलाने का भरोसा देकर पाला बदलने के लिए उकसाया जा रहा है। हालांकि, इन राजनीतिक दावों की पुष्टि किसी भी स्वतंत्र स्रोत से नहीं हो पाई थी। विशेष अदालत के इस फैसले के बाद इस बहुचर्चित हत्याकांड का अदालती सफर फिलहाल थम गया है, यद्यपि इस बात की पूरी संभावना है कि पीड़ित परिवार इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकता है।

सवाल-जवाब

पवनराजे निंबालकर हत्याकांड कब और कहां हुआ था?
यह हत्याकांड 3 जून 2006 को नवी मुंबई के कलंबोली इलाके में हुआ था, जहां पवनराजे और उनके चालक की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
विशेष CBI अदालत ने अपने हालिया फैसले में क्या आदेश दिया है?
अदालत ने पूर्व मंत्री पद्मसिंह पाटिल सहित सभी 9 आरोपियों को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
CBI के अनुसार इस हत्या के पीछे मुख्य वजह क्या थी?
CBI का आरोप था कि उस्मानाबाद में पवनराजे की बढ़ती लोकप्रियता और राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के चलते 30 लाख रुपये की सुपारी देकर यह हत्या कराई गई थी।
पवनराजे निंबालकर के बेटे ओमराजे निंबालकर कौन हैं?
ओमराजे निंबालकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) से धाराशिव (पूर्व उस्मानाबाद) के सांसद हैं और वह लंबे समय से अपने पिता के लिए कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे।
ट्रेंडकिया रिवॉर्ड्स

खबरें पढ़ें, असली रिवॉर्ड कमाएँ

हर लेख पढ़ने पर पॉइंट्स — ₹10,000 तक के गिफ्ट रिडीम करें। शामिल होना फ्री है।

फ्री रजिस्टर करें और कमाना शुरू करें
250मोबाइल रिचार्ज
12,500 · ≈ 12,500 रीड्स
कमाना शुरू करें
500गिफ्ट वाउचर
25,000 · ≈ 25,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
1,000गिफ्ट कार्ड
50,000 · ≈ 50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
2,000गिफ्ट कार्ड
1,00,000 · ≈ 1,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
3,000शॉपिंग वाउचर
1,50,000 · ≈ 1,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
5,000कैश / UPI
2,50,000 · ≈ 2,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम7,500कैश / UPI
3,75,000 · ≈ 3,75,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम10,000कैश / UPI
5,00,000 · ≈ 5,00,000 रीड्स
कमाना शुरू करें
प्रीमियम15,000मेगा कैश
7,50,000 · ≈ 7,50,000 रीड्स
कमाना शुरू करें

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
नागरिक पत्रकारनागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार
नागरिक पत्रकार