लोकसभा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर दी गई टिप्पणियों को कार्यवाही से हटाए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कड़ा रुख अपनाया है। संसद परिसर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि सदन में दिया गया उनका वक्तव्य पूरी तरह से सत्य पर आधारित था और उसमें एक भी शब्द असंसदीय नहीं था। प्रियंका गांधी ने जोर देकर कहा कि यदि सच उजागर करने के कारण उन्हें किसी भी प्रकार का दंड या विशेषाधिकार हनन की कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, तो वे उसके लिए पूरी तरह तैयार हैं, किंतु वे सच बोलना बंद नहीं करेंगी।
मेंगलुरु पब कांड और प्रह्लाद जोशी पर आरोप
संवाददाताओं के सामने अपने आरोपों को दोहराते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के गृह राज्य कर्नाटक में घटी एक घटना इस मामले से जुड़ी हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मेंगलुरु के एक पब में महिलाओं के साथ मारपीट और बदसलूकी करने में शामिल व्यक्ति को प्रह्लाद जोशी ने स्वयं भारतीय जनता पार्टी में शामिल करवाया था। प्रियंका गांधी ने कहा कि इस घटनाक्रम और भाजपा में उस व्यक्ति के प्रवेश के समर्थन में तस्वीरें भी उपलब्ध हैं। उनके अनुसार, यह पूरा वाकया केंद्रीय मंत्री की मानसिकता को दर्शाता है और इसी पृष्ठभूमि के आधार पर उन्होंने संसद में अपनी बात रखी थी।
बिलकीस बानो मामले का संदर्भ और टिप्पणियां हटाने का विवाद
यह पूरा विवाद मंगलवार को लोकसभा की कार्यवाही के दौरान आरंभ हुआ था। प्रियंका गांधी वाड्रा ने बिलकीस बानो मामले के दोषियों को जमानत मिलने से जुड़ी एक समाचार पत्र की रिपोर्ट का हवाला देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी के संदर्भ में कुछ टिप्पणियां की थीं। हालांकि, सदन की पीठ ने बाद में उन टिप्पणियों को असंसदीय और नियमों के विपरीत मानते हुए कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया। जब पत्रकारों ने उनसे इस संबंध में प्रश्न पूछा, तो प्रियंका गांधी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने जो कुछ भी कहा था, उसका पूरा वीडियो साक्ष्य के रूप में मौजूद है और उसमें किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया है।
संसदीय कार्य मंत्री और सत्तापक्ष की तीखी प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, प्रियंका गांधी के बयानों पर सत्तापक्ष ने अत्यंत कड़ा एतराज जताया है। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि नए शिक्षा मंत्री के खिलाफ बिना किसी ठोस सत्यापन के इस प्रकार के गंभीर आरोप लगाना सीधे तौर पर चरित्र हनन की श्रेणी में आता है। उन्होंने मांग की कि यदि कांग्रेस सांसद अपने आरोपों को प्रमाणित नहीं कर सकती हैं, तो उन्हें सदन से निःशर्त क्षमा मांगनी चाहिए। इसके साथ ही, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी व्यवस्था देते हुए कहा कि बिना प्रामाणिक तथ्यों के सदन के भीतर ऐसी बातें नहीं की जानी चाहिए। वहीं, स्वयं केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रियंका गांधी ऐसे बेबुनियाद आरोप लगाकर नहीं बच सकतीं और उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।



















