ब्रिटेन की सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम अपने पहले संसदीय सत्र में कदम रख रहे हैं, लेकिन अमेरिकी डेटा कंपनी पैलेंटिर के साथ सरकारी सौदों का मुद्दा उनके कार्यकाल की पहली सबसे बड़ी राजनीतिक अग्निपरीक्षा बन चुका है। लेबर पार्टी के भीतर और बाहर से प्रधानमंत्री पर लगातार यह मांग जोर पकड़ रही है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा यानी एनएचएस के साथ कंपनी के अत्यंत विवादास्पद डेटा समझौते को तत्काल समाप्त किया जाए। वेस्टमिंस्टर के गलियारों में इस बात को लेकर तीव्र हलचल है कि पूरे ब्रिटिश तंत्र में पैलेंटिर की बढ़ती हिस्सेदारी पर सरकार को आगामी कुछ हफ्तों के भीतर निर्णायक रुख अपनाना होगा, वरना यह विवाद नए प्रशासन के लिए गहरे संकट का रूप ले सकता है।
सार्वजनिक क्षेत्र में 670 मिलियन पाउंड के सौदे और एनएचएस विवाद
पैलेंटिर के पास इस समय ब्रिटेन के सार्वजनिक क्षेत्र में लगभग 670 मिलियन पाउंड मूल्य के अनुबंध मौजूद हैं। इनमें स्वास्थ्य, राष्ट्रीय रक्षा और पुलिस व्यवस्था जैसे अत्यंत संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़े बड़े समझौते शामिल हैं। विरोध करने वाले समूहों और सांसदों का मुख्य ध्यान एनएचएस के फेडरेटेड डेटा प्लेटफॉर्म यानी एफडीपी के प्रबंधन से जुड़े 330 मिलियन पाउंड के विशाल अनुबंध पर टिका हुआ है। लेबर पार्टी के नेतृत्व चुनाव के दौरान ऐसी बातें सामने आई थीं कि बर्नहैम इस अमेरिकी कंपनी के काम पर रोक लगा सकते हैं, हालांकि बाद में इन चर्चाओं को खारिज कर दिया गया था। अब विभिन्न अभियानकर्ता और संगठन बर्नहैम से यह मांग कर रहे हैं कि वे अनुबंध में मौजूद विशेष ब्रेक क्लॉज का उपयोग करें, जिससे यह 330 मिलियन पाउंड का समझौता वर्ष 2027 में समय से पहले समाप्त हो सके।
इस मसले पर बर्नहैम का प्रशासन और उनकी लेबर पार्टी वैचारिक रूप से दो विरोधी धड़ों में बंटी नजर आ रही है। एक तरफ सरकार के प्रमुख अधिकारी और संसदीय राजनीति के पुराने अनुभवी चेहरे सावधानी बरतते हुए कंपनी को बनाए रखने के पक्ष में दलीलें पेश कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ लेबर पार्टी के वामपंथी जमीनी कार्यकर्ता और प्रभावशाली बैकबेंच सांसद सरकार पर लगातार यह दबाव डाल रहे हैं कि कंपनी के साथ सारे संबंध तोड़ लिए जाएं, भले ही इससे कंपनी और सरकार के बीच एक बड़ा टकराव पैदा हो जाए।
याचिकाओं पर लाखों नागरिकों के हस्ताक्षर और निर्णय की समयसीमा
सार्वजनिक स्तर पर कंपनी के विरोध में जनता का असंतोष लगातार बढ़ रहा है। सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर दायर एक याचिका में मांग की गई थी कि आम नागरिकों को पैलेंटिर के फेडरेटेड डेटा प्लेटफॉर्म से अपने स्वास्थ्य डेटा को अलग रखने यानी ऑप्ट आउट करने की सुविधा मिलनी चाहिए। इस याचिका पर जब 10,000 हस्ताक्षर पूरे हो गए, तो सरकार ने सीधा रुख अपनाने के बजाय केवल इतना कहकर बात टाल दी कि वह भविष्य के नीति निर्माण में इस सुझाव पर विचार करेगी। इसके समानांतर चल रही एक अन्य गैर-सरकारी सार्वजनिक याचिका में मांग की गई है कि पैलेंटिर को एनएचएस से पूरी तरह बाहर निकाला जाए। इस याचिका पर अब तक 177,000 से अधिक नागरिकों के हस्ताक्षर दर्ज हो चुके हैं।
व्हाइटहॉल के प्रशासनिक हलकों में यह माना जा रहा है कि यदि सरकार इस समझौते को रद्द करने का मन बनाती है, तो उसे आगामी कुछ सप्ताहों के भीतर ही यह बड़ा निर्णय लेना होगा। किसी वैकल्पिक सेवा प्रदाता को नियुक्त करने अथवा इस पूरे डेटा तंत्र को सरकारी नियंत्रण में इन-हाउस लाने की प्रक्रिया में काफी समय लगता है। इसलिए अनुबंध को खत्म करने संबंधी कोई भी कदम शरद ऋतु यानी ऑटम तक उठाना अनिवार्य होगा, अन्यथा कार्यप्रणाली में बदलाव के दौरान सरकारी व्यवस्था लड़खड़ाने और अव्यवस्था फैलने का गंभीर जोखिम पैदा हो जाएगा।
लेबर पार्टी के भीतर मुखर विरोध और स्वास्थ्य कर्मियों की चिंताएं
डाउनिंग स्ट्रीट में बर्नहैम के नेतृत्व को मजबूती देने वाले कई समर्थक दल स्वाभाविक रूप से निजीकरण और पैलेंटिर के बढ़ते दखल को लेकर संशय में हैं। पार्टी का नरम वामपंथी धड़ा निजीकरण के प्रति हमेशा सतर्क रहा है और वह ब्रिटिश शासन व्यवस्था से इस कंपनी की भूमिका को सीमित या पूरी तरह समाप्त देखना चाहता है। सरकार के आंतरिक दायरे के बाहर भी विरोध अत्यंत संगठित और मुखर है। लेबर पार्टी के भीतर अधिक अनुभवी सांसदों वाले सोशलिस्ट कैंपेन ग्रुप के कई सदस्य इस समझौते को रद्द कराने के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं।
बर्नहैम की समर्थक सांसद रेचल मास्केल ने संसद में मुखर होकर कंपनी का कड़ा विरोध किया है। अप्रैल महीने में हुई एक संसदीय चर्चा के दौरान उन्होंने एनएचएस क्लिनिशियन के रूप में अपने पिछले कार्य अनुभव का हवाला देते हुए कहा था कि इस अमेरिकी स्पाईटेक कंपनी की पहुंच अब एनएचएस के डेटा और देश भर के मरीजों की निजी जानकारी तक बहुत गहरी हो चुकी है। फरवरी में एनएचएस डेटा प्लेटफॉर्म पर आयोजित बहस के दौरान मास्केल ने कहा था कि एनएचएस की पूर्व क्लिनिशियन होने के नाते वे जानती हैं कि स्वास्थ्य व्यवस्था में भरोसा ही सबसे अहम आधार है, और मरीजों का विश्वास खोने से उनके स्वास्थ्य परिणामों पर बहुत बुरा असर पड़ता है, इसलिए जनता के स्वास्थ्य के हित में सरकार को यह अनुबंध फौरन खत्म कर देना चाहिए।
बर्नहैम के प्रधानमंत्री बनने का समर्थन करने वाले एक अन्य सांसद क्लाइव लुईस ने भी कंपनी के खिलाफ गंभीर चिंताएं जाहिर की हैं। लुईस के अनुसार एनएचएस, पुलिस व्यवस्था, रक्षा और अन्य सार्वजनिक सेवाओं के ठेके लेकर पैलेंटिर ने ब्रिटिश राज्य के भीतर अपनी जड़ें अत्यंत गहरी करने की एक समन्वित रणनीति अपनाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस स्थिति के चलते देश अमेरिकी कानूनों के तहत संचालित होने वाली एक संदिग्ध जासूसी तकनीकी कंपनी की मनमर्जी के आगे बेहद खतरनाक रूप से असुरक्षित हो गया है, जबकि उसे ब्रिटिश कानूनों के अधीन जवाबदेह होना चाहिए था।
वरुण चंद्रा की भूमिका और अमेरिकी प्रशासन से तालमेल
संसद में उठ रहे इन कड़े विरोध के स्वरों के बावजूद बर्नहैम के करीबी सलाहकारों और नेताओं का एक बड़ा वर्ग ब्रिटेन में कंपनी की निरंतरता की वकालत कर रहा है। इनमें सबसे प्रमुख नाम वरुण चंद्रा का है, जिन्हें वेस्टमिंस्टर और बड़ी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के आपसी संबंधों को संभालने की मुख्य जिम्मेदारी सौंपी गई है और एंडी बर्नहैम ने उन्हें उनके पद पर बरकरार रखा है।
वरुण चंद्रा ने कॉर्पोरेट इंटेलिजेंस से वेंचर कैपिटल में बदली फर्म हेकलूइट में अपने काम से खास पहचान बनाई थी। केवल 34 वर्ष की आयु में जब चंद्रा इस कंपनी के मैनेजिंग पार्टनर बने, तो वे ऐसे पहले व्यक्ति थे जो ब्रिटेन की सीक्रेट इंटेलिजेंस सर्विस से जुड़े बिना इस शीर्ष पद तक पहुंचे थे। इस जिम्मेदारी को संभालने के कुछ ही समय बाद उन्होंने हेकलूइट कैपिटल की स्थापना की, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और संबंधित तकनीकों में निवेश करने वाला एक प्रमुख वेंचर कैपिटल फंड है।
ब्रिटिश हुकूमत के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका और वहां के मागा आंदोलन से संवाद साधने में चंद्रा बेहद महत्वपूर्ण कड़ी माने जाते हैं। वर्ष 2025 में सर कीर स्टार्मर के वॉशिंगटन दौरे के दौरान कैबिनेट ऑफिस के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी माइकल एलम ने अमेरिका में तत्कालीन ब्रिटिश राजदूत से कहा था कि डोनाल्ड ट्रंप के करीबी हलकों के नीति निर्माताओं से बातचीत करते समय चंद्रा पारंपरिक पेशेवर राजनयिकों की तुलना में शैली के लिहाज से कहीं अधिक प्रभावी साबित होते हैं। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने चंद्रा की पदोन्नति पर उनकी विशेष सराहना की थी और कहा था कि वर्ष 2025 में हुए अमेरिका व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में इस सलाहकार ने अनिवार्य भूमिका निभाई थी। इसके अलावा न्यू स्टेट्समैन ने यह भी रेखांकित किया है कि व्हाइट हाउस के होमलैंड सुरक्षा सलाहकार स्टीफन मिलर के साथ भी चंद्रा के अत्यंत मजबूत और गहरे संबंध हैं।
डिनर डिप्लोमेसी, हितों के टकराव और नेतृत्व की चुनौतियां
वरुण चंद्रा पैलेंटिर से जुड़े मामलों के प्रबंधन में भी एक अहम सूत्रधार बनकर उभरे हैं। पैलेंटिर के सह-संस्थापक जो लोंसडेल, जो आज भी कंपनी प्रबंधन के बेहद करीबी हैं, उन्होंने दिसंबर 2024 में चंद्रा के साथ डिनर किया था। इसके तुरंत बाद द शॉन रयान शो पॉडकास्ट पर बातचीत करते हुए लोंसडेल ने दावा किया था कि कीर स्टार्मर की सरकार में काम करने वाले उनके साथी उन डीओजीई जैसी अवधारणाओं और दृष्टिकोणों से पूरी तरह सहमत हैं, जिनके बल पर पैलेंटिर ने अमेरिका में तेजी से विस्तार किया है। लोंसडेल ने उल्लेख किया था कि ब्रिटेन में स्टार्मर की टीम के लोग यह भलीभांति समझते हैं कि नौकरशाही को घटाना बेहद जरूरी है, क्योंकि अनियंत्रित नौकरशाही कैंसर की तरह व्यवस्था को खा जाती है।
इसके अलावा फाइनेंशियल टाइम्स ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पैलेंटिर के बीच हितों के टकराव से जुड़े कई मामलों का खुलासा किया है। इनमें यह तथ्य सामने आया कि स्वास्थ्य विभाग की स्थायी सचिव ने पहले कारनाल फरार नामक संस्था के लिए काम किया था, जो एनएचएस डेटा प्लेटफॉर्म अनुबंध की बोली लगाने के दौरान पैलेंटिर का कंसोर्टियम पार्टनर था। इस पृष्ठभूमि के सामने आने पर उस अधिकारी को अनुबंध प्रक्रिया से खुद को अलग करने के लिए बाध्य होना पड़ा था।
कंपनी के बचाव में पैलेंटिर यूके के मुख्य कार्यकारी अधिकारी लुइस मोस्ले, जो ब्रिटेन के सबसे प्रमुख फासीवादी नेता सर ओसवाल्ड मोस्ले के पोते हैं, उन्होंने विरोधियों पर कड़ा हमला बोला है। मोस्ले ने आरोप लगाया कि आलोचक प्रदर्शन और कार्यकुशलता के बजाय राजनीति को प्राथमिकता दे रहे हैं। मोस्ले ने यह बयान भी दिया था कि यदि नाटो कभी युद्ध में उतरता है, तो वह पैलेंटिर के डेटा टूल्स का इस्तेमाल करके ही लड़ेगा। टोनी ब्लेयर के शासन में पूर्व रक्षा मंत्री रहे लॉर्ड स्पेलर जैसे प्रभावशाली लेबर नेताओं ने भी कंपनी का समर्थन करते हुए कहा था कि स्टार्मर सरकार का व्यक्तिगत कंपनियों को निशाना बनाने और बदनाम करने की कोशिशों का विरोध करना बिल्कुल सही कदम था।
अभियान का नया रुख और स्वास्थ्य मंत्रालय का पक्ष
बाहरी अभियानकर्ता भी बर्नहैम पर सीधा दबाव बना रहे हैं। डेमोक्रेसी फॉर सेल के खोजी पत्रकारों ने यह उजागर किया है कि एनएचएस के भीतर पैलेंटिर के सॉफ्टवेयर का वास्तविक उपयोग बहुत सीमित और नगण्य है। इस खुलासे के बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है और अब वे कंपनी के नैतिक इतिहास के बजाय उसकी तकनीकी सक्षमता और अनुबंध के टूटने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। अभियान से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शुरुआत में कंपनी के नैतिक मुद्दों को उठाकर जो सफलता नहीं मिल पाई थी, वह अब सॉफ्टवेयर की कार्यकुशलता और अनुबंध के कानूनी ब्रेक क्लॉज को लक्षित करके तेजी से हासिल की जा रही है।
फॉक्सग्लोव संस्था में एडवोकेसी निदेशक डोनाल्ड कैंपबेल ने इस बात पर जोर दिया है कि एनएचएस अनुबंध पर बर्नहैम का फैसला यह तय करेगा कि नई सरकार भविष्य में किस दिशा में आगे बढ़ेगी। कैंपबेल ने कहा कि एंडी बर्नहैम को कीर स्टार्मर के पुराने रास्ते से खुद को अलग करते हुए ब्रिटिश सरकार पर ट्रंप समर्थक बिग टेक कंपनियों के बढ़ते प्रभाव पर पूर्ण विराम लगाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पैलेंटिर की भारी-भरकम लॉबिंग और प्रभाव संचालन के चलते सरकारी तंत्र में हितों के गंभीर टकराव पैदा हुए हैं, जहां कंपनी पर निगरानी रखने के जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों और राजनेताओं के इस फर्म के साथ अत्यंत घनिष्ठ संबंध उजागर हुए हैं।
इस पूरे मामले पर स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल विभाग के प्रवक्ता का कहना है कि तय व्यवस्था के अनुसार फरवरी 2027 में आने वाले ब्रेक क्लॉज से पहले इस अनुबंध की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। प्रवक्ता ने यह भी जोड़ा कि एनएचएस फेडरेटेड डेटा प्लेटफॉर्म से हर महीने हजारों अतिरिक्त मरीजों को सीधा लाभ मिल रहा है और इलाज के बाद अस्पताल में बेवजह बिताए जाने वाले दिनों की संख्या में कमी आई है। इस बीच पैलेंटिर ने टिप्पणी के अनुरोध पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया।
संसद का आगामी सत्र और लीवरपूल सम्मेलन
वर्तमान स्थिति में प्रधानमंत्री बर्नहैम ने ब्रिटेन और पैलेंटिर के भविष्य के रिश्तों को लेकर सार्वजनिक रूप से चुप्पी साध रखी है। हालांकि सितंबर में संसद की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही उनके लिए लंबे समय तक चुप रहना संभव नहीं होगा। सांसदों का दबाव चरम पर पहुंचेगा और लिवरपूल में होने वाले लेबर पार्टी के आगामी वार्षिक सम्मेलन में इस विरोध के और अधिक मुखर होने के आसार हैं। इस सम्मेलन में बर्नहैम पहली बार पार्टी नेता के रूप में सदस्यों को संबोधित करेंगे, जबकि दूसरी तरफ लुइस मोस्ले लेबर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में कंपनी का पक्ष मजबूती से रखने की तैयारी में हैं। इन सबके बावजूद पैलेंटिर पर पूर्ण सरकारी प्रतिबंध लगना व्यावहारिक रूप से अत्यंत कठिन दिखता है। यद्यपि ब्रिटिश कानून इस तरह के कदम की अनुमति देता है, लेकिन ऐसा करना पूरी तरह से अभूतपूर्व होगा, जिसके चलते देश की सेना के साथ कंपनी के सक्रिय संबंधों पर भारी असर पड़ सकता है और ब्रिटेन तथा अमेरिका के द्विपक्षीय कूटनीतिक रिश्तों में भी गंभीर तनाव उत्पन्न हो सकता है।



















