पंजाब के अमृतसर स्थित श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास रविवार रात सुरक्षा एजेंसियों के बीच उस समय अफरातफरी मच गई जब नजदीकी इलाके में अज्ञात ड्रोन उड़ते देखे गए। रात करीब 9 बजे राजासांसी के समीप एक गांव में संदिग्ध ड्रोन गतिविधि की सूचना मिलते ही विमानन अधिकारियों ने तत्काल एहतियाती कदम उठाए। रनवे और हवाई क्षेत्र की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अमृतसर आने वाली तीन वाणिज्यिक उड़ानों का मार्ग बदल दिया गया। हालांकि सघन निगरानी और सुरक्षा जांच के उपरांत रात करीब 10:30 बजे स्थिति सामान्य हो सकी।
किन विमानों का बदला गया मार्ग
हवाई क्षेत्र में संभावित खतरे को देखते हुए जिन उड़ानों को दूसरे शहरों के लिए मोड़ा गया, उनमें एयर इंडिया, इंडिगो और मलेशिया एयरलाइंस के विमान शामिल थे। दिल्ली से अमृतसर आ रही एयर इंडिया की उड़ान संख्या AI-855 को हवा से ही वापस दिल्ली लौटा दिया गया। इसी प्रकार मुंबई से अमृतसर की ओर बढ़ रही इंडिगो की उड़ान 6E-5028 को मार्ग बदलकर चंडीगढ़ हवाई अड्डे पर उतारा गया। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कुआलालंपुर से अमृतसर पहुंच रही मलेशिया एयरलाइंस की फ्लाइट MH-118 को दिल्ली हवाई अड्डे की तरफ डायवर्ट किया गया।
हवाई अड्डा निदेशक का बयान और यात्रियों की प्रतिक्रिया
उड़ानों के अचानक डायवर्ट होने से यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा और टर्मिनलों पर कुछ देर के लिए नाराजगी का माहौल बन गया। इस संबंध में हवाई अड्डे के निदेशक अनिरुद्ध कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से यह कठोर निर्णय लेना अनिवार्य था। उन्होंने कहा कि ऐसी आपातकालीन परिस्थितियों में यात्रियों का घबराना अथवा नाराज होना स्वाभाविक है। अचानक फैसला लिए जाने के चलते यात्रियों को ऐन वक्त पर सूचना मिली जिससे थोड़ी असहजता हुई, किंतु रात करीब 10:30 बजे के बाद परिचालन फिर से सुचारू हो गया।
पिछले महीने भी रनवे के पास मंडराए थे ड्रोन
अमृतसर के इस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ड्रोन गतिविधि का यह पहला मामला नहीं है। ठीक पिछले महीने भी हवाई अड्डे के परिचालन क्षेत्र में संदिग्ध ड्रोन दिखने से भारी व्यवधान उत्पन्न हुआ था। उस समय एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने संवेदनशील परिधि और रनवे के निकट दो से चार संदिग्ध ड्रोन की आवाजाही पकड़ते ही अलर्ट जारी कर दिया था। उस दौरान सुरक्षा जोखिम को टालने के लिए सात उड़ानों को दिल्ली और चंडीगढ़ की ओर डायवर्ट करना पड़ा था। उस घटना के शुरुआती विवरण के अनुसार संदिग्ध उड़ने वाली वस्तुएं गांव रजाला की तरफ से हवाई अड्डे के संवेदनशील इलाके में दाखिल हुई थीं और कुछ मिनटों तक आसमान में मंडराती रही थीं।























