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बयाना में बंदरों का भारी आतंक, घरों में तोड़फोड़ और हमलों से सहमे लोगराजस्थान
28 अक्तू॰ 2026, 8:16 am (4 घंटे पहले)· 2

बयाना में बंदरों का भारी आतंक, घरों में तोड़फोड़ और हमलों से सहमे लोग

भरतपुर जिले के बयाना कस्बे में बंदरों के बढ़ते आतंक से लोग परेशान हैं। घरों में तोड़फोड़ और हमलों के बावजूद प्रशासन और नगर पालिका की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

भरतपुर जिले के बयाना कस्बे में बंदरों का बढ़ता हुआ उत्पात अब स्थानीय नागरिकों के लिए एक गंभीर संकट बन चुका है। क्षेत्र के तमाम मोहल्लों और व्यस्त बाजारों में बंदरों के झुंड खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार तबाही मचा रहे हैं। बंदरों द्वारा आए दिन किए जाने वाले हिंसक हमलों और घरों के अंदर घुसकर सामान को तहस-नहस करने की घटनाओं से जनता में भारी दहशत का माहौल है। हालात इतने बदतर हो चुके हैं कि लोगों का अपने घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है और कई बार उन्हें अपने ही घरों में बंद रहने को मजबूर होना पड़ता है। कस्बे के बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर हर तरफ चिंता जताई जा रही है।

घरों में घुसपैठ और सामान की तोड़फोड़

स्थानीय लोगों का कहना है कि बयाना में बंदरों की टोलियां रास्ते चलते राहगीरों और छतों पर टहल रहे लोगों पर अचानक हमला बोल देती हैं। पिछले कुछ समय के दौरान बंदरों के इन क्रूर हमलों की वजह से कई नागरिक गंभीर रूप से जख्मी हो चुके हैं। आतंक सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि ये जानवर छतों और खिड़कियों के रास्ते सीधे घरों के अंदर तक पहुंच जाते हैं। रसोई में घुसकर खाने-पीने की चीजें चुराने के अलावा ये बर्तन, कपड़े और अन्य कीमती सामान को फाड़कर या गिराकर भारी नुकसान पहुंचाते हैं। कई बार स्थिति इतनी खतरनाक रूप ले लेती है कि नागरिकों को अपनी जान खतरे में डालकर बंदरों को खदेड़ना पड़ता है।

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शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन

बंदरों के इस बेलगाम होते आतंक को लेकर आम नागरिकों के साथ स्थानीय विधायक ने भी अपनी गंभीर चिंता जाहिर की है। जनप्रतिनिधियों का ऐसा मानना है कि यह कोई नई परेशानी नहीं है, बल्कि बयाना के लोग काफी समय से इस आपदा का सामना कर रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन और स्थानीय नगर पालिका के दफ्तर में कई बार मौखिक और लिखित शिकायतें दी जा चुकी हैं। यहाँ तक कि क्षेत्रीय विधायक ने खुद इस मामले को प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष जोरदार तरीके से उठाया था और जल्द से जल्द इसका पक्का समाधान करने की माँग की थी। इसके बावजूद प्रशासन की तरफ से अब तक कोई भी ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

दुर्घटना की आशंका और नागरिकों का गुस्सा

प्रशासनिक लापरवाही और सुस्त रवैये के चलते अब स्थानीय जनता का गुस्सा फूटने लगा है। लोगों का साफ तौर पर कहना है कि यदि वक्त रहते इस समस्या पर गौर नहीं किया गया, तो इन जानलेवा हमलों की वजह से कभी भी कोई बहुत बड़ा हादसा हो सकता है। बयाना के तमाम निवासियों ने जिला प्रशासन तथा वन विभाग से पुरजोर अपील की है कि कस्बे में फौरन एक विशेष अभियान चलाकर इन बंदरों को पकड़ने का इंतजाम किया जाए। इसके साथ ही पकड़े गए सभी बंदरों को सुरक्षित जंगलों या वन्यजीव अभयारण्यों में छोड़े जाने की योजना बनाई जानी चाहिए ताकि जनता को इस मुसीबत से मुक्ति मिल सके। फिलहाल पूरा शहर इस समस्या से निजात पाने के लिए प्रशासनिक अमले की तरफ से किसी पुख्ता कार्रवाई के इंतजार में बैठा हुआ है।

सवाल-जवाब

बयाना में बंदरों का आतंक किस जिले में है?
बयाना कस्बा राजस्थान के भरतपुर जिले के अंतर्गत आता है।
बंदरों से स्थानीय लोगों को किस तरह की परेशानी हो रही है?
बंदर राहगीरों पर हमला कर रहे हैं, घरों में घुसकर सामान तोड़ रहे हैं और खाने-पीने की चीजें चुरा रहे हैं।
क्या इस समस्या को लेकर प्रशासन से शिकायत की गई है?
हाँ, स्थानीय नागरिकों और विधायक द्वारा नगर पालिका और जिला प्रशासन के सामने कई बार लिखित व मौखिक शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं।
प्रशासन की ओर से अब तक क्या कार्रवाई की गई है?
स्थानीय शिकायतों और जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से क्या मुख्य माँग की है?
नागरिकों ने कस्बे में विशेष अभियान चलाकर बंदरों को पकड़ने और उन्हें सुरक्षित जंगलों या अभयारण्य में छोड़ने की माँग की है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 5

Yuki Tanaka@yuki-tanaka·2 घंटे पहले

प्रशासन के कान पर जूँ नहीं रेंग रही। लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं और अधिकारी सो रहे हैं।

Arjun Mehta@arjun-mehta·2 घंटे पहले

विधायक के कहने पर भी नगर पालिका नहीं जागी, जनता को खुद ही कुछ करना पड़ेगा।

Ravikash Gupta@ravikash·2 घंटे पहले

अर्जुन भाई, जनता को खुद क्या करना चाहिए? प्रशासन की लापरवाही अपनी जगह है, पर बंदरों से अकेले निपटना आम आदमी के बस की बात नहीं है।

Karan Malhotra@karan-malhotra·2 घंटे पहले

बंदरों का आतंक सच है, पर विधायक जी अब बोल रहे हैं जबकि लोग सालों से परेशान हैं।

Rohan Verma@rohan-verma·2 घंटे पहले

करण भाई, बिल्कुल सही कहा। जब तक कोई बड़ा हादसा न हो जाए, तब तक प्रशासन और विधायक जी नहीं जागेंगे।

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