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भीलवाड़ा में कपास भंडारण को लेकर कृषि विशेषज्ञों की सलाह, जरा सी चूक घटा सकती है फसल का भावराजस्थान
24 अक्तू॰ 2026, 11:40 am (55 मिनट पहले)· 0

भीलवाड़ा में कपास भंडारण को लेकर कृषि विशेषज्ञों की सलाह, जरा सी चूक घटा सकती है फसल का भाव

भीलवाड़ा में कपास की चुनाई के बीच कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को कटाई के बाद फसल के सही भंडारण, नमी से बचाव और ग्रेडिंग को लेकर जरूरी दिशानिर्देश दिए हैं।

भीलवाड़ा जिले में इन दिनों खेतों में कपास की चुनाई का कार्य तेजी से चल रहा है। जिले को राज्य के प्रमुख कपास उत्पादक क्षेत्रों में गिना जाता है और इसे कॉटन हब के रूप में भी विशेष पहचान मिली हुई है। यहां बड़ी संख्या में सूती वस्त्र मिलें संचालित हैं, जिसके चलते स्थानीय स्तर पर कपास की हमेशा भारी मांग बनी रहती है। हालांकि, खेतों से चुनाई के बाद उपज को सुरक्षित रखना किसानों के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित होता है। यदि भंडारण के दौरान लापरवाही बरती जाए, तो नमी, फफूंद और धूल-कचरे के कारण रेशे की चमक व गुणवत्ता खराब हो जाती है, जिससे मंडियों में किसानों को उचित दाम नहीं मिल पाते।

कपास को सुखाना और नमी से बचाना है सबसे जरूरी

भीलवाड़ा कृषि विभाग के उद्यान डिपार्टमेंट के डॉक्टर शंकर सिंह राठौड़ के अनुसार, कटाई के बाद किसानों को सबसे पहला ध्यान फसल में मौजूद नमी पर देना चाहिए। ओस या बेमौसम बारिश की वजह से गीली हुई कपास को कभी भी सीधे एक जगह ढेर बनाकर नहीं रखना चाहिए। गीली कपास को यदि सीधे ढेर में छोड़ दिया जाए, तो उसमें गर्मी पैदा होती है और तेजी से फफूंद पनपने लगती है। इससे कपास का प्राकृतिक सफेद रंग मटमैला या पीला पड़ जाता है। ऐसी स्थिति से बचने के लिए कपास को किसी साफ, खुले और हवादार स्थान पर फैलाकर अच्छी तरह सुखा लेना बेहद अनिवार्य है। जब रेशा पूरी तरह सूख जाए, तभी उसे भंडारण कक्ष में ले जाना चाहिए।

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गोदाम की बनावट और जमीन से फसल की दूरी

उपज रखने के लिए चुने गए कमरे या गोदाम की स्थिति भी भंडारण की सफलता तय करती है। डॉक्टर शंकर सिंह राठौड़ ने स्पष्ट किया है कि भंडारण के लिए ऐसी जगह का चयन करना चाहिए, जिसकी छत से बारिश के पानी का रिसाव न होता हो और जिसकी दीवारों या फर्श पर सीलन की समस्या न हो। कपास को कभी भी सीधे फर्श या कच्ची जमीन पर नहीं डालना चाहिए। जमीन की नमी फसल को बहुत जल्दी खराब कर देती है। इससे बचाव के लिए किसानों को फर्श पर लकड़ी के तख्ते या पैलेट बिछाने चाहिए और उनके ऊपर ही कपास का भंडारण करना चाहिए, ताकि नीचे से हवा का प्रवाह बना रहे और नमी फसल तक न पहुंच सके।

कचरा अलग करना और गुणवत्ता के आधार पर छंटाई

खेत से चुनी गई कपास में अक्सर सूखी पत्तियां, टहनियां, मिट्टी और अन्य अवांछित अवशेष मिले होते हैं। भंडारण से पहले इन सभी कचरों को बीनकर अलग कर देना चाहिए। साफ-सुथरी कपास की बाजार में हमेशा बेहतर मांग रहती है। इसके अतिरिक्त, जो किसान अलग-अलग चरणों या समय पर कपास की चुनाई कर रहे हैं, उन्हें हर बार की उपज को एक साथ मिलाने से बचना चाहिए। अलग-अलग समय पर चुनी गई कपास की गुणवत्ता और चमक में अंतर हो सकता है। अलग-अलग ग्रेड की फसल को अलग रखने से बिक्री के समय उपज की छंटाई करना आसान हो जाता है और किसानों को उनकी उच्च गुणवत्ता वाली उपज का पूरा मूल्य मिलता है।

हवा की आवाजाही और नियमित निगरानी

भंडारण के दौरान अक्सर किसान फसल को चारों तरफ से पूरी तरह ढककर बंद कर देते हैं, जो नुकसानदेह साबित हो सकता है। यदि मौसम खराब हो तो सुरक्षा के लिए ऊपर से वाटरप्रूफ तिरपाल या कवर डाला जा सकता है, लेकिन पूरे ढेर को चारों तरफ से वायुरोधी तरीके से बंद नहीं करना चाहिए। हवा की उचित आवाजाही बनी रहने से अंदर नमी का जमाव नहीं होता। इसके साथ ही, भंडारण कक्ष को चूहों और अन्य हानिकारक कीटों से सुरक्षित रखना भी बेहद आवश्यक है। जो किसान अपनी उपज को लंबे समय तक रोककर रखना चाहते हैं, उन्हें समय-समय पर ढेरों की जांच करते रहना चाहिए। यदि कहीं भी सीलन, बदबू या फफूंद के शुरुआती लक्षण दिखें, तो तुरंत उस हिस्से को बाहर निकालकर धूप में सुखाना चाहिए।

सवाल-जवाब

भीलवाड़ा को कॉटन हब क्यों कहा जाता है?
भीलवाड़ा में बड़े पैमाने पर कपास का उत्पादन होता है और यहां कई प्रमुख सूती वस्त्र मिलें मौजूद हैं, जिससे यहां कपास की भारी मांग रहती है।
कपास को सीधे जमीन पर रखने से क्यों मना किया जाता है?
जमीन और फर्श की सीलन फसल में समा सकती है, जिससे कपास में नमी और फफूंद लगने का खतरा रहता है। इसलिए लकड़ी के पैलेट का उपयोग करना चाहिए।
क्या भीगी हुई कपास को सीधे भंडारण में रखा जा सकता है?
बिल्कुल नहीं, ओस या बारिश से भीगी कपास को पहले खुली और हवादार जगह पर अच्छी तरह सुखाना चाहिए ताकि फफूंद न लगे।
अलग-अलग समय पर चुनी गई कपास को अलग रखना क्यों जरूरी है?
अलग-अलग चरणों में चुनी गई फसल की गुणवत्ता और चमक में अंतर होता है, जिन्हें अलग रखने से बिक्री के समय सही ग्रेड और बेहतर भाव मिलता है।
क्या कपास के भंडारण को पूरी तरह प्लास्टिक से ढककर बंद करना चाहिए?
नहीं, कपास को पूरी तरह बंद नहीं करना चाहिए क्योंकि इससे अंदर नमी जमा हो सकती है; केवल ऊपर से सुरक्षात्मक आवरण लगाना चाहिए ताकि हवा आती-जाती रहे।
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