गिफ्ट निफ्टी के कारोबारी समय में बड़ा बदलाव, सुबह 5:15 बजे से खुलेगा सत्र और 23.5 घंटे होगी ट्रेडिंगअहमदाबाद के निकोल में बेकाबू फॉर्च्यूनर ने फुटपाथ पर मां-बेटे को कुचला, दोनों की जान गईत्योहारी सफाई में चमकेंगे गंदे बिजली के स्विच बोर्ड, रसोई की 5 चीजों से मिनटों में साफ होगी मैलझारखंड में व्यापारियों से रंगदारी मांगने वाले राहुल सिंह और राहुल दुबे पर इंटरपोल का शिकंजा, जारी हुआ रेड कॉर्नर नोटिसलक्ष्मी पूजन की थाली में नया बदलाव, उदयपुर के बाजारों में कौड़ियों और काली हल्दी की मांग में भारी उछालटनल बोरिंग मशीनों की आपूर्ति में रुकावट के बाद भारत ने उठाया घरेलू विनिर्माण का कदम, पीयूष गोयल ने दी जानकारीविपक्षी मोर्चे की कमान राहुल गांधी के हाथ, पर पंजाब और यूपी की चुनावी जंग तय करेगी साखतुला, धनु, मकर और कुंभ पर रहती है शनि देव की विशेष कृपा, कर्म और अनुशासन से खुलते हैं तरक्की के रास्तेगोवर्धन पूजा पर छप्पन भोग का रहस्य, जानिए सात दिन और आठ पहर से जुड़ा यह धार्मिक गणितवेनेजुएला में बाकी 322 राजनीतिक कैदियों को रिहा करने की मांग, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कराकस के साथ की बातचीत
हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट में दिव्यांग मूक-बधिर नजमा की फरियाद पर तुरंत बना आधार, प्रशासन ने मौके पर ही दी व्हीलचेयरराजस्थान
3 नव॰ 2026, 7:04 pm (15 मिनट पहले)· 0

हनुमानगढ़ कलेक्ट्रेट में दिव्यांग मूक-बधिर नजमा की फरियाद पर तुरंत बना आधार, प्रशासन ने मौके पर ही दी व्हीलचेयर

हनुमानगढ़ जिला कलेक्ट्रेट में अपने नाना के सहारे पहुंची मूक-बधिर और दिव्यांग नजमा की समस्या पर अधिकारियों ने फौरन संज्ञान लिया। मौके पर ही उसका आधार कार्ड तैयार कराया गया और रेड क्रॉस के जरिए व्हीलचेयर उपलब्ध कराकर पेंशन की प्रक्रिया शुरू की गई।

हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय पर एक मूक-बधिर और चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ दिव्यांग किशोरी नजमा जब अपनी पीड़ा लेकर पहुंची, तो प्रशासनिक संवेदनशीलता की एक बेहद राहत भरी तस्वीर सामने आई। नजमा काफी लंबे समय से अपना आधार कार्ड बनवाने की जद्दोजहद में लगी थी, लेकिन शारीरिक अक्षमता और कागजी औपचारिकताओं के चलते उसका आधार नहीं बन पा रहा था। थक-हारकर उसके बुजुर्ग नाना हाकम अली उसे लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे। पैरों से लाचार इस बच्ची को उसके नाना जमीन के सहारे घसीटते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के भीतर तक लाए, जिसे देखकर वहां मौजूद लोगों और अधिकारियों का दिल पसीज गया।

कलेक्ट्रेट में अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लिया

कलेक्ट्रेट परिसर में बुजुर्ग हाकम अली ने जब अपनी नातिन नजमा की बेबसी और पहचान पत्र न बन पाने की बात रखी, तो अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा ने उनकी फरियाद को गंभीरता से सुना। मामले की जानकारी मिलते ही जिला कलेक्टर खुशाल यादव ने स्थिति की नजाकत को समझा और आधार पंजीयन से जुड़े कर्मचारियों और अधिकारियों को सीधे कलेक्ट्रेट में ही तलब कर लिया। जिस आधार कार्ड के लिए यह परिवार महीनों से दर-दर भटकने को मजबूर था, उसे अधिकारियों की मौजूदगी में मौके पर ही तैयार करने की पूरी व्यवस्था की गई और किशोरी का कार्ड तुरंत बनवाकर सौंप दिया गया।

ये भी पढ़ें

रेड क्रॉस सोसायटी की मदद से मिली व्हीलचेयर

प्रशासन ने केवल पहचान पत्र बनाकर ही इतिश्री नहीं की, बल्कि चलने में पूरी तरह अक्षम नजमा की दैनिक कठिनाइयों को दूर करने की पहल भी की। अतिरिक्त जिला कलेक्टर उम्मेदी लाल मीणा ने तुरंत रेड क्रॉस सोसायटी से समन्वय स्थापित किया और नजमा के लिए एक नई व्हीलचेयर मंगवाई। कलेक्ट्रेट तक घिसटते हुए आने वाली इस बेबस किशोरी को जब अधिकारियों ने अपने हाथों से व्हीलचेयर सौंपी, तो उसके और उसके बुजुर्ग नाना के चेहरे पर वर्षों की तकलीफ़ के बाद सुकून और खुशी साफ देखी जा सकती थी। अब इस सहायता के बाद उसे आने-जाने में भारी सहूलियत मिलेगी।

पेंशन और खाद्य सुरक्षा से जोड़ने की प्रक्रिया प्रारंभ

अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि पहचान पत्र बन जाने के बाद नजमा को अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों से भी वंचित न रहना पड़े। दरअसल आधार कार्ड न होने की वजह से ही वह राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में असमर्थ हो रही थी। जिला प्रशासन ने अब नजमा को दिव्यांग पेंशन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से जोड़ने की कागजी प्रक्रिया भी तत्काल प्रभाव से शुरू कर दी है। पहचान का संकट हल होते ही इन योजनाओं की औपचारिकताएं भी जल्द पूरी कर ली जाएंगी, जिससे उसे नियमित आर्थिक और खाद्यान्न सुरक्षा हासिल हो सकेगी।

सवाल-जवाब

नजमा कलेक्ट्रेट में किस समस्या को लेकर पहुंची थी?
नजमा काफी समय से अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए परेशान थी, लेकिन शारीरिक अक्षमता और दिक्कतों के कारण उसका कार्ड नहीं बन पा रहा था।
नजमा को कलेक्ट्रेट तक कौन लेकर आया था?
उसे उसके बुजुर्ग नाना हाकम अली जमीन के सहारे घसीटते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक लेकर पहुंचे थे।
प्रशासन ने आधार कार्ड बनवाने के लिए क्या कदम उठाया?
जिला कलेक्टर खुशाल यादव और एडीएम उम्मेदी लाल मीणा ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कलेक्ट्रेट बुलाकर मौके पर ही आधार कार्ड बनवा दिया।
नजमा को गतिशीलता के लिए क्या सहायता दी गई?
रेड क्रॉस सोसायटी के सहयोग से अतिरिक्त जिला कलेक्टर ने नजमा को मौके पर ही एक नई व्हीलचेयर प्रदान करवाई।
आधार कार्ड बनने के बाद उसे किन योजनाओं से जोड़ा जा रहा है?
प्रशासन ने नजमा को दिव्यांग पेंशन और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ दिलाने की कागजी प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp