कोटपूतली-बहरोड़ जिले में आगामी चुनावों से जुड़ी प्रशासनिक तैयारियों और निर्वाचन व्यवस्थाओं को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। चुनाव कार्यों में ढिलाई बरतने, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करने और अनाधिकृत तौर पर ड्यूटी से नदारद रहने वाले कर्मचारियों पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी अपर्णा गुप्ता ने चुनावी कर्तव्यों में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में मोटर वाहन निरीक्षक को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, जबकि बिना किसी सूचना के ड्यूटी से नदारद रहने वाले विभिन्न विभागों के 164 कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है।
वाहन अधिग्रहण के आदेश का उल्लंघन और असहयोगात्मक व्यवहार
बहरोड़ में परिवहन निरीक्षक यानी मोटर वाहन निरीक्षक पद पर तैनात रविंद्र सिंह भाटी को निर्वाचन ड्यूटी के तहत चुनाव व्यवस्थाओं के लिए वाहनों के अधिग्रहण की आधिकारिक जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इस संबंध में स्पष्ट प्रशासनिक निर्देश जारी किए गए थे, लेकिन उन्होंने इन आदेशों का पालन करने से साफ इनकार कर दिया। इसके अलावा, उन पर यह भी आरोप है कि उन्होंने वाहन अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान संबंधित प्रभारी अधिकारी के साथ अनुचित और पूरी तरह असहयोगात्मक रवैया अपनाया। चुनावी तैयारियों में इस स्तर की अनुशासनहीनता और कार्य में बाधा डालने के रवैये को जिला निर्वाचन अधिकारी अपर्णा गुप्ता ने गंभीरता से लिया और प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए रविंद्र सिंह भाटी के तत्काल निलंबन के लिखित आदेश जारी कर दिए।
बिना पूर्व अनुमति ड्यूटी से नदारद 164 कर्मचारियों पर गिरी गाज
प्रशासन की इस व्यापक कार्रवाई के तहत उन कर्मचारियों की भी पहचान की गई है जो चुनाव ड्यूटी से बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक अनुमति के नदारद चल रहे थे। जिला प्रशासन ने विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत ऐसे 164 लापरवाह कर्मचारियों को चिह्नित किया है। इन सभी कर्मियों को चुनावी कर्तव्यों में गैरहाजिरी के संबंध में कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है। प्रशासन की इस सख्त पहल से जिले के समस्त विभागों में यह संदेश स्पष्ट कर दिया गया है कि निर्वाचन प्रक्रिया और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने वालों के खिलाफ आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।


















