किचन की गहन सफाई करते समय अक्सर लोग अलमारियों और टाइल्स को चमका देते हैं, लेकिन खाना पकाने के मुख्य साधन यानी गैस चूल्हे के बर्नर पर ध्यान देना भूल जाते हैं। लंबे समय तक रोजाना इस्तेमाल होने के कारण बर्नर पर तेल, मसालों और छलकने वाले खाने के बारीक कण जमते रहते हैं। यह परत धीरे-धीरे सख्त होकर बर्नर के बारीक छिद्रों को बंद कर देती है, जिससे गैस की आंच प्रभावित होने लगती है। चूल्हे की सफाई शुरू करने से पहले गैस के नॉब और मुख्य सप्लाई को पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। इसके बाद जब चूल्हा और बर्नर छूने लायक ठंडे हो जाएं, तभी सफाई का काम आगे बढ़ाएं। प्रत्येक गैस चूल्हे का मॉडल और बनावट अलग होती है, इसलिए बर्नर को बाहर निकालने की विधि भी भिन्न हो सकती है। इसे निकालते समय निर्माता के निर्देशों को ध्यान में रखें और कभी भी बर्नर को जबरन खींचने या मोड़ने का प्रयास न करें।
गर्म पानी के इस्तेमाल से तेल की परत करें ढीली
बर्नर पर जमी चिकनाई और कालिख को हटाने के लिए सबसे पहला आसान कदम उसे गर्म पानी में भिगोना है। जब आप बर्नर को कुछ देर के लिए हल्के गर्म पानी में डुबोकर रखते हैं, तो उस पर चिपका सूखा तेल और गंदगी धीरे-धीरे फूलकर नरम हो जाती है। ऐसा करने से बाद में उसे रगड़ने में ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती। हालांकि बहुत अधिक उबलता हुआ पानी इस्तेमाल करने से पहले यह जांच लेना चाहिए कि आपके बर्नर की धातु उसके अनुकूल है या नहीं। पानी में कुछ देर भीगे रहने के बाद बर्नर को निकालें और किसी मुलायम कपड़े या हल्के हाथों से नरम ब्रश चलाकर ऊपर तैर रही गंदगी को पोंछ लें।
बेकिंग सोडा के लेप से हटाएं जिद्दी मैल
अगर बर्नर की सतह पर चिकनाई की मोटी और सख्त परत जम चुकी है जो सिर्फ पानी से नहीं छूट रही, तो बेकिंग सोडा का इस्तेमाल करना बेहद असरदार साबित होता है। इसके लिए एक कटोरी में बेकिंग सोडा लें और उसमें थोड़ा सा सादा पानी मिलाकर एक गाढ़ा लेप तैयार कर लें। इस मिश्रण को बर्नर के उन सभी हिस्सों पर अच्छी तरह लगाएं जहां कालापन और तेल सबसे ज्यादा जमा है। इस पेस्ट को कुछ समय के लिए लगा हुआ ही छोड़ दें ताकि यह जमी हुई परत को रासायनिक रूप से ढीला कर सके। इसके बाद एक नरम ब्रिसल वाले ब्रश से बर्नर को हल्के-हल्के गोल घुमाते हुए साफ करें। आखिर में इसे साफ और ताजे पानी से धो लें। सफाई के दौरान ध्यान रखें कि धातु को बहुत जोर से न रगड़ें, क्योंकि सावधानीपूर्वक सफाई करने से बर्नर की बनावट सुरक्षित रहती है।
बारीक छिद्रों की सुरक्षा और सावधानी
गैस बर्नर के चारों तरफ मौजूद बारीक सुराखों से ही गैस बाहर निकलती है और आग जलती है। खाना बनाते समय छलकने वाली दाल या तेल अक्सर इन सुराखों में जाकर फंस जाता है। इन छेदों को खोलते समय कभी भी किसी मोटी, भारी या बेहद नुकीली धातु की चीज का प्रयोग न करें। ऐसी चीजों से छेद चौड़े या टेढ़े हो सकते हैं, जिससे गैस का प्रवाह बिगड़ सकता है। इसके स्थान पर केवल एक मुलायम ब्रश का प्रयोग करें और धीरे-धीरे छिद्रों में फंसी मैल को बाहर निकालें। सफाई की पूरी प्रक्रिया में बर्नर के मूल आकार और उसकी बनावट पर कोई आंच नहीं आनी चाहिए।
बर्नर को सुखाना और चूल्हे की सतह साफ करना
सफाई पूरी हो जाने के बाद बर्नर को तुरंत चूल्हे पर वापस लगाने की जल्दबाजी बिल्कुल न करें। यदि बर्नर के अंदर जरा सी भी नमी या पानी की बूंदें रह गईं, तो दोबारा गैस जलाते समय रुकावट आ सकती है या स्पार्किंग में परेशानी हो सकती है। बर्नर को पहले एक सूखे और साफ कपड़े से पोंछें, फिर उसे कुछ समय के लिए खुली हवा में सूखने के लिए रख दें ताकि उसका कोना-कोना सूख जाए। इसके साथ ही, जब बर्नर चूल्हे से अलग हो, तब चूल्हे के ऊपरी हिस्से और बर्नर के बैठने वाली जगह के आसपास की चिकनाई को भी गीले कपड़े या उपयुक्त लिक्विड क्लीनर से पोंछकर सुखा लें। चूल्हे की चौतरफा सफाई से पूरा स्टोव चमकने लगता है।
लगाने के बाद आंच की जांच जरूरी
जब बर्नर शत-प्रतिशत सूख जाए, तो उसे उसकी तय जगह पर बहुत सावधानी से और सीधा बैठाएं। इसके बाद गैस चालू करके बर्नर को जलाएं और उसकी लौ का मुआयना करें। एक स्वस्थ और साफ बर्नर से नीले रंग की एकसमान लौ निकलनी चाहिए। यदि लौ असमान दिख रही है, असामान्य रंग में जल रही है, या फिर गैस जलते समय दुर्गंध आ रही है, तो बिना देर किए तुरंत गैस बंद कर दें। सबसे पहले जांचें कि बर्नर अपनी खांचे में पूरी तरह सही बैठा है या नहीं। यदि स्थिति फिर भी असामान्य बनी रहती है, तो खुद से कोई प्रयोग करने के बजाय गैस उपकरण विशेषज्ञ या मैकेनिक को बुलाकर जांच करवाना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।























