राजस्थान के चूरू जिले के राजगढ़ (सादुलपुर) थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लम्बोर बड़ी गांव में बीते दिनों एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां संदिग्ध परिस्थितियों में लगी भीषण आग के कारण दो घरों के लगभग 10 कमरों की छतें भरभराकर ढह गईं। इस भयानक हादसे के बाद पीड़ित मकान मालिक ने अपने ही सगे छोटे भाई और उसकी पत्नी पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़ित का दावा है कि पारिवारिक संपत्ति विवाद के चलते उसके सगे भाई ने पेट्रोल छिड़ककर उसके घर को आग के हवाले कर दिया।
आग की विभीषिका और तबाही का मंजर
लम्बोर बड़ी गांव में 26 सितंबर 2026 की रात को भड़की इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया था। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने दो अलग-अलग मकानों को अपनी चपेट में ले लिया। इस भीषण अग्निकांड में दोनों घरों के लगभग 10 कमरों की छतें पूरी तरह से टूटकर गिर गईं। घटना के समय गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोग आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है।
सगे भाई और भाभी पर गंभीर आरोप
इस पूरे मामले में पीड़ित गजेंद्र सिंह पुत्र कल्याण सिंह ने राजगढ़ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। गजेंद्र सिंह वर्तमान में अपने काम के सिलसिले में बीकानेर में एक किराए के मकान में रहते हैं। पुलिस को दी गई तहरीर में उन्होंने बताया कि 26 सितंबर 2026 की रात करीब 9 बजे उन्हें गांव से किसी ने फोन पर सूचना दी कि राजगढ़ में उनके छोटे भाई रविन्द्र सिंह के घर के पास वाले उनके मकान में भीषण आग लगा दी गई है। आग लगने की खबर मिलते ही गजेंद्र सिंह तुरंत अपने गांव लम्बोर बड़ी के लिए रवाना हुए। जब वह मौके पर पहुंचे, तो उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई क्योंकि उनका पूरा आशियाना और कीमती सामान जलकर पूरी तरह राख हो चुका था।
लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर खाक, चोरी का भी शक
गजेंद्र सिंह ने पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि इस सुनियोजित आगजनी में उनका लाखों रुपये का घरेलू सामान पूरी तरह नष्ट हो गया है। जलने वाले सामानों में बेड, सोफा, चारपाई, भारी संदूक, अलमारी, कपड़े, बिस्तर, ओढ़ने-बिछाने का सामान और रसोई में रखा गैस सिलेंडर शामिल हैं। इसके अलावा, कमरे में सुरक्षित रखा गया उनकी पत्नी और बेटी का सारा व्यक्तिगत सामान और जेवरात जैसी चीजें भी इस आग की भेंट चढ़ गईं। पीड़ित ने पुलिस के सामने यह आशंका भी जताई है कि आग लगाने से पहले या आगजनी के दौरान घर से कुछ कीमती सामान चोरी भी किया गया है, जिसकी गहराई से जांच होनी चाहिए।
संपत्ति विवाद और मानसिक प्रताड़ना का मामला
पीड़ित गजेंद्र सिंह ने इस आगजनी के लिए सीधे तौर पर अपने सगे छोटे भाई रविन्द्र सिंह और उसकी पत्नी अंजलि कंवर को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों के बीच काफी समय से पारिवारिक और घरेलू संपत्ति को लेकर गहरा विवाद चल रहा है। इसी विवाद के कारण रविन्द्र सिंह और अंजलि कंवर उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे और उनके मकान को नुकसान पहुंचाने की फिराक में थे। गजेंद्र का दावा है कि इससे पहले भी उनकी भाभी अंजलि कंवर के उकसाने पर रविन्द्र सिंह ने उनके खिलाफ पुलिस में झूठी शिकायतें दर्ज कराई थीं ताकि उन पर दबाव बनाया जा सके। पीड़ित ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस साजिश की निष्पक्ष और गहन जांच की जाए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
ग्रामीणों की सतर्कता और पुलिस की कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही राजगढ़ पुलिस की टीम बिना वक्त गंवाए मौके पर पहुंच गई थी। मौके पर पहुंचे एएसआई राजकुमार ने बताया कि रात के समय जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, पुलिस बल तुरंत गांव के लिए रवाना हो गया। वहां पहुंचकर पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पानी और रेत की मदद से काफी मशक्कत के बाद देर रात तक आग पर पूरी तरह काबू पाया, जिससे आग और आगे फैलने से रुक गई। वहीं, राजगढ़ थाना अधिकारी राजेश सिहाग ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पीड़ित गजेंद्र सिंह की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस टीम घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


















