राजस्थान की राजधानी जयपुर के करधनी थाना क्षेत्र से एक बेहद परेशान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक मंदिर के बुजुर्ग पुजारी के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। यह घटना गणेश नगर स्थित एक शिव मंदिर की है, जहां संध्याकालीन पूजा और बच्चों को धार्मिक पाठ कराने के दौरान इस वारदात को अंजाम दिया गया। पूरी घटना का वीडियो मंदिर परिसर में लगे सुरक्षा कैमरों में रिकॉर्ड हो गया, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पीड़ित पुजारी पंडित रामकृष्ण ने करधनी थाने में इस संबंध में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि यह वारदात 25 सितंबर की शाम की है, जब वह शिव मंदिर में अपनी दैनिक संध्या आरती और पूजा-अर्चना कर रहे थे। उसी दौरान, कॉलोनी के कुछ बच्चे भी वहां मौजूद थे, जिन्हें वह धार्मिक शिक्षा दे रहे थे। उन्होंने अपनी शिकायत में स्पष्ट किया कि बच्चों को पढ़ाते समय किसी भी तरह के लाउडस्पीकर या माइक जैसी ध्वनि प्रणाली का प्रयोग नहीं किया जा रहा था, ताकि किसी को परेशानी न हो।
बहस के बाद बेरहमी से की गई मारपीट
पुजारी के अनुसार, इसी दौरान मंदिर परिसर में तीन लोग दाखिल हुए जिनकी पहचान हरीश चतुर्वेदी, देवांश चतुर्वेदी और ऋतु चतुर्वेदी के रूप में की गई है। इन लोगों ने बच्चों को पाठ पढ़ाने की आवाज को लेकर आपत्ति जताई और पुजारी से विवाद करना शुरू कर दिया। पंडित रामकृष्ण ने उन्हें समझाने का प्रयास किया कि कोई लाउडस्पीकर नहीं चल रहा है, लेकिन तीनों आरोपी बहस पर अड़े रहे। देखते ही देखते यह सामान्य बातचीत एक गंभीर विवाद में तब्दील हो गई और आरोपियों ने मर्यादाओं को ताक पर रख दिया।
आरोपियों ने 63 वर्षीय बुजुर्ग पुजारी के साथ हिंसक व्यवहार किया। शिकायत के मुताबिक, तीनों आरोपियों ने मिलकर पंडित रामकृष्ण के साथ धक्का-मुक्की की और उन्हें मंदिर के पक्के फर्श पर नीचे पटक दिया। इस हाथापाई में बुजुर्ग पुजारी के कपड़े फट गए और उनके गले में मौजूद पवित्र पूजा की मालाएं भी टूट गईं। इस बर्बरता के कारण न केवल पुजारी को शारीरिक चोटें आई हैं, बल्कि पवित्र स्थल पर हुए इस दुर्व्यवहार से वह गहरे मानसिक सदमे में भी हैं।
CCTV फुटेज वायरल होने पर फूटा गुस्सा
वारदात के वक्त मंदिर में कुछ अन्य श्रद्धालु भी मौजूद थे, जो इस पूरी घटना के प्रत्यक्षदर्शी बने। इसके अलावा, मंदिर के भीतर लगे सुरक्षा कैमरों में आरोपियों की यह करतूत पूरी तरह कैद हो गई। अब इस घटना का CCTV फुटेज इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें आरोपियों की दबंगई को साफ तौर पर देखा जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों में रोष व्याप्त है और वे आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
जन आक्रोश और मामले की गंभीरता को भांपते हुए करधनी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने पीड़ित पुजारी की तहरीर और CCTV फुटेज के आधार पर हरीश चतुर्वेदी, देवांश चतुर्वेदी और ऋतु चतुर्वेदी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। इस मामले में आरोपियों के विरुद्ध BNS की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 3(5) (समान इरादे से किया गया कार्य) के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस प्रशासन ने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की जिम्मेदारी सहायक उप-निरीक्षक (ASI) सुरेश कुमार को सौंपी है। पुलिस टीम मंदिर में लगे कैमरों की फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि घटनाक्रम का सटीक आकलन किया जा सके। इसके साथ ही, वारदात के समय मंदिर में मौजूद चश्मदीदों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि सबूतों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



















