राजस्थान के चूरू जिले में सादुलपुर विधानसभा क्षेत्र के हमीरवास थाने के बाहर सोमवार को माहौल अचानक बिगड़ गया. दो दिनों से थाने के बाहर डेरा डाले बैठे ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया और उन्होंने थाने को चारों ओर से घेर लिया. देखते ही देखते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई, जिसे काबू में करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं. इस पूरे घटनाक्रम में कुछ ग्रामीणों के साथ-साथ कुछ पुलिसकर्मियों को भी मामूली चोटें आईं, जिसके बाद इलाके की नाजुक स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया.
कानावासी गांव से गायब हुई युवती, कई दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ
यह पूरा मामला सादुलपुर क्षेत्र के कानावासी गांव से जुड़ा है, जहां एक युवती बीते कुछ दिनों से रहस्यमय ढंग से लापता है. उसके गायब होने के पीछे की असली वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है. मामला सामने आए कई दिन गुजर जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस न तो युवती तक पहुंच पाई है और न ही उन लोगों को पकड़ सकी है, जिन पर इस मामले में शक जताया जा रहा है. पुलिस की इस सुस्त कार्यशैली से गांव में शुरू से ही भारी नाराजगी थी. यही गुस्सा दो दिन पहले उस वक्त सड़क पर उतर आया, जब ग्रामीणों ने हमीरवास थाने के बाहर बेमियादी धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग थी, पुलिस बिना देर किए युवती को ढूंढ निकाले और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार करे.
पूर्व विधायक कृष्णा पूनियां भी पहुंचीं प्रदर्शनकारियों के समर्थन में
ग्रामीणों के इस आक्रोश को देखते हुए पूर्व विधायक कृष्णा पूनियां भी धरनास्थल पर पहुंच गईं. उन्होंने पुलिस प्रशासन के कामकाज पर तीखे सवाल उठाए और कहा, "एक बेटी लापता है और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है, यह बेहद शर्मनाक है." उन्होंने वहां मौजूद अफसरों से दो टूक कह दिया कि जब तक लापता युवती सुरक्षित बरामद नहीं होती और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक ग्रामीणों का यह संघर्ष यूं ही चलता रहेगा. उनके साथ बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता और आसपास के इलाकों के लोग भी थाने के बाहर मौजूद रहे और अपनी एकजुटता दिखाई.
सब्र टूटा, घेराव हिंसक हुआ, पुलिस को भांजनी पड़ी लाठियां
दो दिन तक शांतिपूर्ण ढंग से चला धरना सोमवार को अचानक उग्र हो उठा. सुबह होते-होते ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने आक्रोशित होकर हमीरवास थाने को घेर लिया. थाने के मुख्य गेट के पास पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई. हालात तेजी से बिगड़ने लगे और भीड़ बैरिकेड लांघकर थाना परिसर के भीतर घुसने की कोशिश करने लगी. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से पुलिस को आखिरकार बल प्रयोग करना पड़ा. लाठियां चलते ही थाने के बाहर भगदड़ जैसे हालात बन गए. इस अफरातफरी में कई ग्रामीणों के साथ-साथ कुछ पुलिसकर्मी भी मामूली रूप से घायल हुए.
घटना के बाद इलाके में सरगर्मी तेज, प्रशासन जुटा समझाइश में
हमीरवास थाने पर हुए इस हंगामे और लाठीचार्ज के बाद पूरे सादुलपुर क्षेत्र में सियासी और प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं. प्रशासन की तरफ से एक बार फिर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को समझाने की कोशिशें शुरू की जा रही हैं, ताकि बढ़ता तनाव आगे न भड़के. थाने के बाहर की स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है, हालांकि माहौल पहले जैसा उग्र नहीं है. वहीं ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही लापता युवती का कोई सुराग नहीं मिलता, तो वे अपने आंदोलन को पहले से भी ज्यादा उग्र करेंगे.





















