नीट पीजी 2026 के नतीजे इस तारीख तक आने की उम्मीद, ढाई लाख से ज्यादा डॉक्टरों की नजरें टिकींसी पी राधाकृष्णन ने गुवाहाटी विश्वविद्यालय को दी 110 करोड़ रुपये की सौगातकुंभ राशि में राहु के धनिष्ठा नक्षत्र प्रवेश से मेष, धनु और कन्या राशि में 115 दिनों तक बरसेगा धनअमेरिका में 7 सितंबर को मनेगा लेबर डे 2026, परिवार-दोस्तों के लिए भेजें ये बधाई संदेश और कोट्ससोमवार को ब्रेंट क्रूड में तेजी, 102 डॉलर तक पहुंचने की संभावनापश्चिम बंगाल दिवालिया होने की कगार पर, पूर्ववर्ती प्रशासन के कुप्रबंधन पर बरसे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारीछत्तीसगढ़ में सरकारी विभागों का बिजली बकाया 3035 करोड़ रुपए के पार, कंपनी ने काटे कनेक्शनकर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, हर पीएफ खाताधारक को नहीं मिलती पेंशन, जानें नियम और शर्तेंकुल्लू में नरम पड़े कंगना रनौत के तेवर, नशे के मुद्दे पर एसपी को प्यार भरे लहजे में समझायामणिपुर: कांगपोकपी के गांव में तड़के गोलीबारी के बाद स्कूल में लगाई आग
चूरू में गायब युवती की तलाश को लेकर भड़का गांव, थाने के बाहर पुलिस ने भांजी लाठियांराजस्थान
7 सित॰ 2026, 5:13 pm (1 घंटे पहले)· 2

चूरू में गायब युवती की तलाश को लेकर भड़का गांव, थाने के बाहर पुलिस ने भांजी लाठियां

चूरू जिले के हमीरवास थाने के बाहर दो दिन से धरना दे रहे ग्रामीणों ने सोमवार को थाने का घेराव कर दिया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और पूर्व विधायक कृष्णा पूनियां भी मौके पर पहुंचीं.

राजस्थान के चूरू जिले में सादुलपुर विधानसभा क्षेत्र के हमीरवास थाने के बाहर सोमवार को माहौल अचानक बिगड़ गया. दो दिनों से थाने के बाहर डेरा डाले बैठे ग्रामीणों का सब्र आखिरकार जवाब दे गया और उन्होंने थाने को चारों ओर से घेर लिया. देखते ही देखते पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई, जिसे काबू में करने के लिए पुलिस को लाठियां भांजनी पड़ीं. इस पूरे घटनाक्रम में कुछ ग्रामीणों के साथ-साथ कुछ पुलिसकर्मियों को भी मामूली चोटें आईं, जिसके बाद इलाके की नाजुक स्थिति को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया.

कानावासी गांव से गायब हुई युवती, कई दिन बाद भी पुलिस खाली हाथ

यह पूरा मामला सादुलपुर क्षेत्र के कानावासी गांव से जुड़ा है, जहां एक युवती बीते कुछ दिनों से रहस्यमय ढंग से लापता है. उसके गायब होने के पीछे की असली वजह अब तक साफ नहीं हो सकी है. मामला सामने आए कई दिन गुजर जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस न तो युवती तक पहुंच पाई है और न ही उन लोगों को पकड़ सकी है, जिन पर इस मामले में शक जताया जा रहा है. पुलिस की इस सुस्त कार्यशैली से गांव में शुरू से ही भारी नाराजगी थी. यही गुस्सा दो दिन पहले उस वक्त सड़क पर उतर आया, जब ग्रामीणों ने हमीरवास थाने के बाहर बेमियादी धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों की एक ही मांग थी, पुलिस बिना देर किए युवती को ढूंढ निकाले और इसमें शामिल लोगों को गिरफ्तार करे.

ये भी पढ़ें

पूर्व विधायक कृष्णा पूनियां भी पहुंचीं प्रदर्शनकारियों के समर्थन में

ग्रामीणों के इस आक्रोश को देखते हुए पूर्व विधायक कृष्णा पूनियां भी धरनास्थल पर पहुंच गईं. उन्होंने पुलिस प्रशासन के कामकाज पर तीखे सवाल उठाए और कहा, "एक बेटी लापता है और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है, यह बेहद शर्मनाक है." उन्होंने वहां मौजूद अफसरों से दो टूक कह दिया कि जब तक लापता युवती सुरक्षित बरामद नहीं होती और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक ग्रामीणों का यह संघर्ष यूं ही चलता रहेगा. उनके साथ बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता और आसपास के इलाकों के लोग भी थाने के बाहर मौजूद रहे और अपनी एकजुटता दिखाई.

सब्र टूटा, घेराव हिंसक हुआ, पुलिस को भांजनी पड़ी लाठियां

दो दिन तक शांतिपूर्ण ढंग से चला धरना सोमवार को अचानक उग्र हो उठा. सुबह होते-होते ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया और उन्होंने आक्रोशित होकर हमीरवास थाने को घेर लिया. थाने के मुख्य गेट के पास पुलिसकर्मियों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई. हालात तेजी से बिगड़ने लगे और भीड़ बैरिकेड लांघकर थाना परिसर के भीतर घुसने की कोशिश करने लगी. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मकसद से पुलिस को आखिरकार बल प्रयोग करना पड़ा. लाठियां चलते ही थाने के बाहर भगदड़ जैसे हालात बन गए. इस अफरातफरी में कई ग्रामीणों के साथ-साथ कुछ पुलिसकर्मी भी मामूली रूप से घायल हुए.

घटना के बाद इलाके में सरगर्मी तेज, प्रशासन जुटा समझाइश में

हमीरवास थाने पर हुए इस हंगामे और लाठीचार्ज के बाद पूरे सादुलपुर क्षेत्र में सियासी और प्रशासनिक सरगर्मी तेज हो गई है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर डेरा डाले हुए हैं और स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं. प्रशासन की तरफ से एक बार फिर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को समझाने की कोशिशें शुरू की जा रही हैं, ताकि बढ़ता तनाव आगे न भड़के. थाने के बाहर की स्थिति फिलहाल तनावपूर्ण बनी हुई है, हालांकि माहौल पहले जैसा उग्र नहीं है. वहीं ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही लापता युवती का कोई सुराग नहीं मिलता, तो वे अपने आंदोलन को पहले से भी ज्यादा उग्र करेंगे.

सवाल-जवाब

यह घटना कहां हुई?
राजस्थान के चूरू जिले के सादुलपुर विधानसभा क्षेत्र के हमीरवास थाने के बाहर.
विवाद की शुरुआत कैसे हुई?
सादुलपुर के कानावासी गांव की एक युवती के रहस्यमय ढंग से लापता होने के बाद पुलिस जांच में देरी से ग्रामीण नाराज थे.
घेराव और लाठीचार्ज कब हुआ?
सोमवार को दो दिन से चल रहे धरने के बाद ग्रामीणों ने थाने का घेराव किया, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा.
क्या इसमें किसी को चोट आई?
हां, इस झड़प में कुछ ग्रामीणों और कुछ पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं.
पूर्व विधायक कृष्णा पूनियां ने क्या कहा?
उन्होंने पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक बेटी लापता है और पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है, जो शर्मनाक है.
ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है?
वे चाहते हैं कि पुलिस लापता युवती को जल्द बरामद करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे.
फिलहाल इलाके में स्थिति कैसी है?
घटना के बाद भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन ग्रामीणों को समझाने में जुटा है, हालांकि तनाव अभी बरकरार है.
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·49 मिनट पहले

यह मामला पुलिस की लचर कार्यशैली और जनता के टूटते भरोसे का गंभीर उदाहरण है। जब शुरुआती दिनों में ही तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर तंत्र का सही उपयोग नहीं किया जाता, तो जांच भटक जाती है और आक्रोश हिंसक झड़पों में बदल जाता है। अब प्रशासन के लिए प्राथमिकता यह होनी चाहिए कि वह तुरंत युवती को बरामद करे और राजनीतिक दखल तथा प्रदर्शन के बीच कानून-व्यवस्था को पूरी सख्ती से नियंत्रित रखे, अन्यथा यह तनाव पूरे संभाग में फैल सकता है।

Rohan Verma@rohan-verma·49 मिनट पहले

शुरुआती दिनों में पुलिस की नाकामी ने जिस प्रकार जनता का गुस्सा भड़काया, वह प्रशासनिक लापरवाही का स्पष्ट प्रमाण है। पूर्व विधायक कृष्णा पूनियां के इस प्रदर्शन में कूदने से मामला अब केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह राजनीतिक रंग भी ले चुका है। यदि पुलिस ने जल्द ही ठोस सुराग के साथ युवती को बरामद नहीं किया, तो यह स्थानीय आक्रोश क्षेत्रीय आंदोलन का रूप ले सकता है, जिससे प्रशासन के लिए स्थिति संभालना और कठिन हो जाएगा।

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR