राजस्थान के चूरू इलाके में एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने समय रहते हस्तक्षेप करते हुए खूनी वारदात की एक गंभीर योजना को नाकाम कर दिया है. पुलिस टीम ने इलाके में घात लगाकर दो संदिग्ध बदमाशों को हिरासत में लिया, जो किसी व्यक्ति की हत्या करने के इरादे से पहुंचे थे. पकड़े गए आरोपियों के पास से आधुनिक हथियार बरामद किए गए हैं, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई.
चूरू-सरदारशहर मार्ग पर घेराबंदी कर दबोचे गए आरोपी
यह पूरी कार्रवाई चूरू-सरदारशहर रोड पर अंजाम दी गई. टास्क फोर्स को इलाके में संदिग्ध हलचल की पुख्ता सूचना मिली थी, जिसके आधार पर विशेष टीम ने निगरानी बढ़ाई और दोनों को धर दबोचा. पकड़े गए आरोपियों की शिनाख्त अनिल कुमार और नितेश बागड़ी के तौर पर की गई है. पुलिस की शुरुआती पड़ताल में यह तथ्य सामने आया है कि दोनों बदमाश कुख्यात रोहित गोदारा और महेंद्र ढेलाणा गैंग से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं.
तुर्की में बनी आधुनिक पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद
तलाशी के दौरान सुरक्षाकर्मियों को आरोपियों के कब्जे से 2 विदेशी जिगाना पिस्तौल मिली हैं, जो तुर्की में निर्मित हैं. इसके अतिरिक्त उनके पास से 49 जिंदा कारतूस भी जब्त किए गए हैं. इतने घातक हथियार और गोलियां साथ लेकर चलने से साफ संकेत मिलता है कि आरोपी किसी बड़े आपराधिक मंसूबे के साथ मैदान में उतरे थे.
हथियारों के नेटवर्क और टारगेट की पड़ताल में जुटी पुलिस
आईपीएस अधिकारी अभिजीत सिंह पाटिल ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता आयोजित कर इस पूरे अभियान का ब्योरा साझा किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि संदिग्ध इनपुट मिलने के तुरंत बाद टीम ने सटीक कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया. फिलहाल जांच एजेंसियां दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि तुर्की मेड पिस्तौल और इतनी बड़ी संख्या में कारतूस उन तक किस माध्यम से पहुंचे और इनका इस्तेमाल किस व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए किया जाना था. मामले में आगे की कानूनी और तफ्तीशी प्रक्रिया जारी है.

















