दिवाली के शुभ अवसर पर कीमती धातुओं की खरीदारी भारतीय परंपरा का अभिन्न हिस्सा रही है। इस बार सर्राफा बाजारों में आभूषणों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसमें चांदी के गहने खरीदारों के बीच केंद्र बिंदु बनकर उभरे हैं। सोने के आसमान छूते भावों के कारण कई खरीदार चांदी के विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। उदयपुर के स्थानीय बाजारों में इन दिनों चांदी की ज्वेलरी के बेहद खूबसूरत और नए कलेक्शंस सजे हुए हैं। आभूषण विक्रेता पारंपरिक शैलियों के साथ आधुनिक प्रयोग कर रहे हैं, जिससे यह आभूषण केवल त्योहारों तक सीमित न रहकर रोजमर्रा के इस्तेमाल के अनुकूल भी बन चुके हैं।
हल्के वजन और दैनिक उपयोग वाले आभूषणों की बढ़ी मांग
उदयपुर में मणि ज्वेलर्स के व्यापारी जीतेश जैन ने इस खरीदारी के रुख पर रोशनी डालते हुए बताया कि इस साल चांदी के हल्के आभूषणों की मांग में जबर्दस्त इजाफा देखा गया है। महिलाएं अब भारी-भरकम गहनों की जगह ऐसे विकल्प तलाश रही हैं, जिन्हें दिवाली के पूजन और आयोजनों के बाद भी सामान्य दिनों में आसानी से पहना जा सके। इस पसंद को देखते हुए बाजार में कई तरह के नए आभूषण उतारे गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से अलग-अलग प्रकार के नेकलेस सेट, चोकर, भव्य रानी हार, पेंडेंट सेट, इयररिंग्स, झुमके, टॉप्स, अंगूठियां, कंगन, ब्रेसलेट और पायल शामिल हैं। कारीगरों ने इन डिजाइनों में नजाकत और कम वजन का खास तालमेल बैठाया है।
गोल्ड प्लेटेड और एंटीक स्टाइल का बढ़ता आकर्षण
बाजार में चांदी पर सोने की परत चढ़े यानी गोल्ड प्लेटेड आभूषणों का चलन भी तेजी से बढ़ा है। सोने जैसी चमक और रंगत होने की वजह से कई महिलाएं गोल्ड प्लेटेड चोकर, नेकलेस सेट और भारी लुक देने वाले इयररिंग्स की खरीदारी कर रही हैं। इसके साथ ही कुंदन, अपाचे, डायमंड लुक और पोल्की शैली के डिजाइन भी ग्राहकों को खूब लुभा रहे हैं। इन आभूषणों को आकर्षक रूप देने के लिए रंग-बिरंगे स्टोन, मोती और बारीक दस्तकारी का इस्तेमाल किया गया है। आज का खरीदार केवल भारी आभूषण लेने के बजाय ऐसे डिजाइन चुन रहा है जो दिखने में राजसी लगें लेकिन बजट पर भारी न पड़ें। इसी वजह से ऑक्सिडाइज्ड ज्वेलरी, एंटीक हार, पारंपरिक टेंपल ज्वेलरी, फ्लोरल डिजाइन के इयररिंग्स और रंगीन स्टोन वाले कंगनों की बिक्री में तेजी आई है।
युवतियों में इंडो-वेस्टर्न का जादू और त्योहारी गिफ्टिंग
नई पीढ़ी की युवतियों की पसंद पर गौर करें तो वे इंडो-वेस्टर्न पोशाकों के साथ तालमेल बैठाने वाले मिनिमल गहने अधिक पसंद कर रही हैं। युवतियां हल्के पेंडेंट, साधारण सिल्वर चेन, लेयर्ड नेकलेस और आधुनिक बनावट वाली डिजाइनर रिंग्स की ओर आकर्षित हो रही हैं। इसके अतिरिक्त दिवाली के पावन पर्व पर आभूषणों की यह मांग केवल व्यक्तिगत उपयोग तक सीमित नहीं है, बल्कि उपहार देने के लिए भी चांदी पहली पसंद बन चुकी है। परिवार की महिलाओं, बहनों, बेटियों और अन्य रिश्तेदारों को भेंट स्वरूप देने के लिए लोग छोटे पेंडेंट, इयररिंग्स, हल्की अंगूठियां और ब्रेसलेट खूब खरीद रहे हैं। उदयपुर के ज्वेलरी बाजार में इस त्योहारी सीजन में चांदी ने फैशन, खूबसूरती और बजट के बेहतरीन संतुलन के रूप में अपनी मजबूत पहचान बनाई है।



















