राजस्थान के बांसवाड़ा जिले के एक सुदूर ग्रामीण इलाके में शिक्षा के प्रति उत्साह जगाने और मेधावी बच्चों का हौसला बढ़ाने के लिए एक बेहद अनूठी कोशिश की गई है। बागीदौरा क्षेत्र के वडलीपाड़ा गांव में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के बारह होनहार विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के इनाम के तौर पर पहली बार हवाई जहाज की यात्रा का अवसर मिला। इन सभी छात्र-छात्राओं ने अपनी कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल किए थे, जिसके बाद उनके इस सपने को सच करने का जिम्मा क्षेत्र के ही एक युवा समाजसेवी ने उठाया।
पहली बार बादलों के पार जाने का रोमांच
सोमवार को आयोजित की गई इस विशेष यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने दिल्ली से जयपुर तक विमान में सफर किया। ग्रामीण परिवेश से आने वाले इन बच्चों के लिए यह जीवन का पहला मौका था जब वे आसमान की ऊंचाइयों को छू रहे थे, जिससे उनका उत्साह देखने लायक था। इस पूरी पहल का उद्देश्य केवल एक मनोरंजक यात्रा कराना नहीं था, बल्कि इसके माध्यम से इन होनहार बच्चों को देश की समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना भी था। दिल्ली पहुँचने पर विद्यार्थियों ने वहाँ के कई प्रमुख दर्शनीय और ऐतिहासिक स्थलों का दौरा किया और उनके महत्व को गहराई से समझा।
कला और संस्कृति का व्यावहारिक पाठ
दिल्ली भ्रमण समाप्त करने के बाद इन छात्र-छात्राओं ने हवाई मार्ग से जयपुर का रुख किया। जयपुर में भी उनके लिए एक विशेष पर्यटन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, जहाँ उन्हें गुलाबी नगरी की ऐतिहासिक विरासत और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों की सैर कराई गई। राजस्थान की पारंपरिक कला, अनूठी संस्कृति और बेजोड़ स्थापत्य कला को इतने करीब से देखने के बाद बच्चों का ज्ञानवर्धन हुआ और उनमें नई चीजों को समझने की जिज्ञासा पैदा हुई। इस पूरी यात्रा के दौरान बच्चों के चेहरे पर नया कुछ सीखने और देखने की एक अलग ही चमक और उत्सुकता दिखाई दे रही थी।
आत्मविश्वास और सपनों को नई दिशा देना
इस पूरी यात्रा की रूपरेखा तैयार करने वाले युवा समाजसेवी निलेश सिंघाड़ा ने बताया कि उनका मुख्य लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभावान बच्चों को पढ़ाई और कड़ी मेहनत के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि में रहने के कारण कई बार बेहद होनहार बच्चों को भी अपने जीवन में ऐसे बड़े अनुभव पाने का मौका नहीं मिल पाता। ऐसे में जब इन बच्चों को हवाई यात्रा और देश के ऐतिहासिक शहरों का भ्रमण कराया जाता है, तो उनका आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाता है। इससे वे भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं और उनके मन में आगे बढ़ने की नई उमंग पैदा होती है।
मुस्कान फाउंडेशन का सामाजिक सरोकार
निलेश सिंघाड़ा पिछले करीब दो वर्षों से शिक्षा के प्रसार और विभिन्न सामाजिक कार्यों में लगातार सक्रिय योगदान दे रहे हैं। वे अपने संगठन मुस्कान फाउंडेशन के माध्यम से अनाथ, जरूरतमंद और असहाय बच्चों की पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। इस फाउंडेशन की ओर से समय-समय पर बच्चों को स्कूल की पोशाक, बस्ते, स्टेशनरी और अन्य जरूरी अध्ययन सामग्री मुफ्त में बांटी जाती है। बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्रों के लिए आयोजित की गई यह हवाई यात्रा भी इसी सामाजिक मुहिम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो ग्रामीण भारत के बच्चों को यह संदेश देती है कि मेहनत और लगन से मिली सफलता उनके लिए विकास के नए और असीमित द्वार खोल सकती है।



















